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जिला पंचायत में टेंडर प्रकाशन में अनियमितता का आरोप
Updated Tue, 29 May 2018 11:59 PM IST
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मऊ। जिला पंचायत की ओर से हाल ही में विकास कार्यों के लिए निविदा प्रकाशन को अनियमितता बताते हुए मंगलवार को सात जिला पंचायत सदस्यों ने जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बुधवार को टेंडर खोले जाने की प्रकिया को निरस्त करने के साथ ही स्थलीय जांच कराने के बाद फिर से टेंडर प्रकाशित कराने की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा बिना जिला पंचायत की बैठक बुलाए ही बिना किसी सूचना के चहेते सदस्यों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से निर्माण एवं अन्य समितियों का गठन करने और सरकारी धन को मनमाने तौर गलत भुगतान करने के लिए अनियमितता करते हुए टेंडर का प्रकाशन किया गया है। ऐसा करना जिला पंचायत अधिनियम 1961 के विपरीत है। कहा गया है कि बड़रांव ब्लाक में छोटे छोटे कार्यों को भी इसमें शामिल किया गया है। इसकी स्थलीय जांच कराई जानी जरूरी है। जिला पंचायत की ओर से कुल चार निविदाएं प्रकाशित कराई गई हैं। इनमें 29 कामों के लिए 30 मई को टेंडर खोले जाने हैं। ये सामान्य और विशेष मरम्मत के नाम पर हैं। चार जून को 21 कार्यों के टेंडर खोले जाने हैं जो सामान्य और विशेष मरम्मत के नाम पर हैं। नए कार्यों के लिए इंटर लाकिंग मिट्टी सोलिंग के 57 कार्य दिखाए गए हैं। इनमें से अधिकांश छोटे छोटे कार्य हैं और पहले ही कराए जा चुके हैं। जिला पंचायत का कुल बजट की 21 करोड़ का है और इस पूरे धन को केवल निर्माण में खर्च नहीं कर सकते। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि गलत भुगतान करने और ई टेंडरिंग से बचने के लिए ऐसी अनियमितता की गई है। ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्य अंशा यादव , पतिराज , नीलम यादव , प्रतिभा यादव , रिंकू सरोज , इंद्र कैलाश यादव, और चिंता यादव शामिल रही।
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