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एक ही परिसर में तीन अस्पताल बदहाल
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अमिला नगर पंचायत एक ही भूखंड परिसर में संचालित तीन सरकारी अस्पताल बदहाल पड़े हैं। यहां चिकित्सक तथा स्वास्थ्यकर्मियों की अनियमित दिनचर्या से मरीजों का इलाज भगवान भरोसे हो रहा है। यहां दवाओं का टोटा है। जबकि शिकायत के बाद भी समस्या जस की तस है।
कस्बा में एक ही भूखंड पर प्राथमिक स्वास्थ केंद्र, राजकीय महिला अस्पताल तथा राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय की स्थापना हुई तो बेहतर सुविधा की आस जगी, लेकिन विभागीय लापरवाही से लोगों के सपने को ग्रहण लग गया। राजकीय महिला अस्पताल फार्मासिस्ट के भरोसे संचालित होता है। लंबे समय बाद भी महिला चिकित्सक की नियुक्ति नहीं की जा सकी है। गंभीर बीमारी से ग्रसित महिलाओं को इलाज के लिए जिला अस्पताल जाना पड़ रहा है। अस्पताल में गंदगी का अंबार लगा रहता है। प्राथमकि स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक की तैनाती तो है लेकिन चिकित्सक की अनियमित दिनचर्या से मरीजों का इलाज सही ढंग से नहीं हो पा रहा है। अस्पताल का भवन जर्जर हाल में है। राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल में चिकित्सक का पद रिक्त चल रहा है।
इस संबंध में देवेंद्र राय, रामप्रवेश राय, पूर्व चेयरमैन अजय कुमार गुप्ता, डॉ. अलाउद्दीन,योगेंद्र नाथ राय, विपिन राय, राजाराम सोनकर, डॉ. अब्दुलही, मोहम्मद असलम, अखिलेश्वर शुक्ला का कहना है कि अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक कब आते हैं कब चले जाते हैं मरीजों को पता ही नहीं चलता है। जरुरी दवाओं का हमेशा अकाल रहता है। शिकायत के बाद भी लापरवाह चिकित्सकों तथा स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकी है।
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इस बाबत सीएचसी बड़रांव के प्रभारी अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार चिकित्सकों के ड्यूटी से गायब रहने का मामला संज्ञान में नहीं आया है। औचक निरीक्षण में अनुपस्थित मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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कस्बा में एक ही भूखंड पर प्राथमिक स्वास्थ केंद्र, राजकीय महिला अस्पताल तथा राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय की स्थापना हुई तो बेहतर सुविधा की आस जगी, लेकिन विभागीय लापरवाही से लोगों के सपने को ग्रहण लग गया। राजकीय महिला अस्पताल फार्मासिस्ट के भरोसे संचालित होता है। लंबे समय बाद भी महिला चिकित्सक की नियुक्ति नहीं की जा सकी है। गंभीर बीमारी से ग्रसित महिलाओं को इलाज के लिए जिला अस्पताल जाना पड़ रहा है। अस्पताल में गंदगी का अंबार लगा रहता है। प्राथमकि स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक की तैनाती तो है लेकिन चिकित्सक की अनियमित दिनचर्या से मरीजों का इलाज सही ढंग से नहीं हो पा रहा है। अस्पताल का भवन जर्जर हाल में है। राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल में चिकित्सक का पद रिक्त चल रहा है।
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इस संबंध में देवेंद्र राय, रामप्रवेश राय, पूर्व चेयरमैन अजय कुमार गुप्ता, डॉ. अलाउद्दीन,योगेंद्र नाथ राय, विपिन राय, राजाराम सोनकर, डॉ. अब्दुलही, मोहम्मद असलम, अखिलेश्वर शुक्ला का कहना है कि अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक कब आते हैं कब चले जाते हैं मरीजों को पता ही नहीं चलता है। जरुरी दवाओं का हमेशा अकाल रहता है। शिकायत के बाद भी लापरवाह चिकित्सकों तथा स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकी है।
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इस बाबत सीएचसी बड़रांव के प्रभारी अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार चिकित्सकों के ड्यूटी से गायब रहने का मामला संज्ञान में नहीं आया है। औचक निरीक्षण में अनुपस्थित मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।