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केंद्रीय वित मंत्री को पत्र भेजकर सकारात्मक बदलाव की मांग
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मऊ। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की बैठक संगठन के रौजा स्थित संगठन के कार्यालय पर हुई। इसमें केंद्रीय वित्तमंत्री को पत्र भेजकर आयकर प्रणाली मे सकरात्मक बदलाव करने की मांग की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ. रामगोपाल गुप्ता ने कहा कि देश में डाइरेक्ट टैक्स कोड अर्थात प्रत्यक्ष कर संहिता लागू किया जाए। कर मुक्त आय सीमा को 2.5 लाख से पांच लाख किया जाए। कहा कि आगामी बजट में मध्यम वर्ग के व्यापारियों को आयकर में अधिक से अधिक राहत दिया जाए। जोखिम प्रबंधन पर आधारित आडिट कार्य प्रणाली का ढंग बदला जाए। 80 सी के अंतर्गत बचत की सीमा 1.5 से बढ़ा कर तीन लाख किया जाए। इसके साथ आयकर की सबसे अधिकतम दर 30 प्रतिशत को 20 लाख से ऊपर की आमदनी वाले व्यापारियों पर लागू किया जाए। महामंत्री कन्हैया जायसवाल ने कहा कि अगले वित्तीय वर्ष से जीएसटी छूट की सीमा 20 लाख से 40 लाख बढ़ने से व्यापारियों मे काफी खुशी है, उन व्यापारियों को अब जीएसटी में पंजीकरण न कराने की छूट दी जाए। इस अवसर पर अजहर फैजी, हबीबुल्लाह टांडवी, आनंद गुप्त, श्याम मद्धेशिया, जावेद तरफदार आदि शामिल रहे।
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बैठक को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ. रामगोपाल गुप्ता ने कहा कि देश में डाइरेक्ट टैक्स कोड अर्थात प्रत्यक्ष कर संहिता लागू किया जाए। कर मुक्त आय सीमा को 2.5 लाख से पांच लाख किया जाए। कहा कि आगामी बजट में मध्यम वर्ग के व्यापारियों को आयकर में अधिक से अधिक राहत दिया जाए। जोखिम प्रबंधन पर आधारित आडिट कार्य प्रणाली का ढंग बदला जाए। 80 सी के अंतर्गत बचत की सीमा 1.5 से बढ़ा कर तीन लाख किया जाए। इसके साथ आयकर की सबसे अधिकतम दर 30 प्रतिशत को 20 लाख से ऊपर की आमदनी वाले व्यापारियों पर लागू किया जाए। महामंत्री कन्हैया जायसवाल ने कहा कि अगले वित्तीय वर्ष से जीएसटी छूट की सीमा 20 लाख से 40 लाख बढ़ने से व्यापारियों मे काफी खुशी है, उन व्यापारियों को अब जीएसटी में पंजीकरण न कराने की छूट दी जाए। इस अवसर पर अजहर फैजी, हबीबुल्लाह टांडवी, आनंद गुप्त, श्याम मद्धेशिया, जावेद तरफदार आदि शामिल रहे।
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