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बनने लगे मिट्टी के दीये
Updated Mon, 29 Oct 2018 11:40 PM IST
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दीपावली पर्व आने में कुछ दिन शेष हैं। लेकिन इसकी तैयारी जोर शोर से चल रही है। कुम्हार मिट्टी के दीए सहित बर्तन बनाने में जुट हैं।
त्योहार नजदीक देख क्षेत्र के अदरी, इंदारा, कसारा, पहसा सहित विभिन्न क्षेत्रों में कुम्हारों की बस्तियों में तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो गईं है। त्योहारी मांग को देखते हुए दीपक बनाने में कुम्हार अभी से दिन-रात एक किए हैं। पवनी गांव के बिधि प्रजापति, गुलाब प्रजापति, मरछु प्रजापति ने बताया कि संपन्न घरानों में तांबे व फूल धातु के करवा का प्रचलन बढ़ने के बाद भी मिट्टी के करवों को अभी भी प्राथमिकता दी जा रही है। पवनी के राधे प्रजापति, गुलाब प्रजापति बताया कि पूजन में मिट्टी के दीपकों का महत्व बरकरार रहने से इनकी मांग ठीक ठाक रहती है। यह धंधा उनका पुश्तैनी है, लेकिन नगरीय क्षेत्रों में मिट्टी की उपलब्धता कम होने से बाहर से मंहगी दर पर मिट्टी मंगानी पड़ती है। पवनी गांव के गुलाब प्रजापति ने बताया कि दीपावली के त्योहार में मिट्टी के दीपकों का काफी महत्व है। कई दिन पूर्व से ही वह लोग इसके निर्माण में लग जाते है। इसके साथ ही इन पर रंगरोगन कर इन्हें सुंदर बनाया जाता है।
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त्योहार नजदीक देख क्षेत्र के अदरी, इंदारा, कसारा, पहसा सहित विभिन्न क्षेत्रों में कुम्हारों की बस्तियों में तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो गईं है। त्योहारी मांग को देखते हुए दीपक बनाने में कुम्हार अभी से दिन-रात एक किए हैं। पवनी गांव के बिधि प्रजापति, गुलाब प्रजापति, मरछु प्रजापति ने बताया कि संपन्न घरानों में तांबे व फूल धातु के करवा का प्रचलन बढ़ने के बाद भी मिट्टी के करवों को अभी भी प्राथमिकता दी जा रही है। पवनी के राधे प्रजापति, गुलाब प्रजापति बताया कि पूजन में मिट्टी के दीपकों का महत्व बरकरार रहने से इनकी मांग ठीक ठाक रहती है। यह धंधा उनका पुश्तैनी है, लेकिन नगरीय क्षेत्रों में मिट्टी की उपलब्धता कम होने से बाहर से मंहगी दर पर मिट्टी मंगानी पड़ती है। पवनी गांव के गुलाब प्रजापति ने बताया कि दीपावली के त्योहार में मिट्टी के दीपकों का काफी महत्व है। कई दिन पूर्व से ही वह लोग इसके निर्माण में लग जाते है। इसके साथ ही इन पर रंगरोगन कर इन्हें सुंदर बनाया जाता है।