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आखिरकार कब बदलेंगी बदहाल सड़कें
Updated Mon, 08 Oct 2018 10:24 PM IST
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सरकार की तरफ से सड़क गड्ढामुक्त अभियान पर प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी समस्या से निजात मिलती नजर नहीं आ रही है। जिले में लाखों की लागत से बनी सड़कें उचित रख रखाव के अभाव मेें बदहाल पड़ी है। गड्ढ़े मेें तब्दील सड़कों पर वाहन से चलना तो दूर पैदल चलना मुश्किल हो रहा है। कई सड़कों का दो वर्ष पूर्व मरम्मत कार्य तो कराया गया, लेकिन घटिया सामग्री प्रयोग के चलते पूर्ववत अवस्था में आ गई है। गड्ढामुक्त अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 166 किमी लंबी 181 सड़कों की मरम्मत के लिए 1406 लाख रुपये स्वीकृत किया गया है। लगभग 70 प्रतिशत कार्य होने का दावा किया गया है। जबकि लगभग 114 किमी लंबी 50 सड़कों की मरम्मत के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
लोक निर्माण विभाग की सड़कें 1713 वर्ग किमी क्षेत्रफल में हैं। गड्ढ़ामुक्त अभियान के तहत विभाग की तरफ से प्रतिवर्ष लाखों की लागत से मरम्मत कार्य तो कराया जाता है, लेकिन सड़कों का निर्माण मानक के अनुरुप न होने से कुछ ही महीनों बाद सड़क पूर्ववत अवस्था में आ जाती है। ग्रामीणों की मानें तो सड़क मरम्मत कार्य में घटिया सामग्री प्रयोग करने से समस्या आती है। शिकायत के बाद भी जांच कराने की जहमत तक नहीं उठाई जा सकी है। सड़क निर्माण कार्य में घटिया सामग्री प्रयोग करने के विरोध में गत माह कोपागंज ब्लाक क्षेत्र में ग्रामीणों ने प्रदर्शन भी किया था। हालत यह है कि गड्ढ़े में तब्दील सड़कों पर वाहन से चलना तो दूर पैदल चलना मुश्किल हो रहा है।
आंकड़ों पर नजर डाला जाए तो ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 166.88 किमी 181 सड़कों की मरम्मत के लिए 1406 लाख रुपया स्वीकृत किया गया है। लगभग 70 प्रतिशत मरम्मत कार्य होने का दावा किया गया है। जबकि लगभग 114 किमी लंबी 50 सड़कों की मरम्मत के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
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इस बाबत लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एसडी कन्नौजिया का कहना है कि गड्ढ़ामुक्त अभियान के तहत मरम्मत कार्य चल रहा है। शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा। 114 किमी लंबी 50 सड़कों की मरम्मत के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
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लोक निर्माण विभाग की सड़कें 1713 वर्ग किमी क्षेत्रफल में हैं। गड्ढ़ामुक्त अभियान के तहत विभाग की तरफ से प्रतिवर्ष लाखों की लागत से मरम्मत कार्य तो कराया जाता है, लेकिन सड़कों का निर्माण मानक के अनुरुप न होने से कुछ ही महीनों बाद सड़क पूर्ववत अवस्था में आ जाती है। ग्रामीणों की मानें तो सड़क मरम्मत कार्य में घटिया सामग्री प्रयोग करने से समस्या आती है। शिकायत के बाद भी जांच कराने की जहमत तक नहीं उठाई जा सकी है। सड़क निर्माण कार्य में घटिया सामग्री प्रयोग करने के विरोध में गत माह कोपागंज ब्लाक क्षेत्र में ग्रामीणों ने प्रदर्शन भी किया था। हालत यह है कि गड्ढ़े में तब्दील सड़कों पर वाहन से चलना तो दूर पैदल चलना मुश्किल हो रहा है।
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आंकड़ों पर नजर डाला जाए तो ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 166.88 किमी 181 सड़कों की मरम्मत के लिए 1406 लाख रुपया स्वीकृत किया गया है। लगभग 70 प्रतिशत मरम्मत कार्य होने का दावा किया गया है। जबकि लगभग 114 किमी लंबी 50 सड़कों की मरम्मत के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
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इस बाबत लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एसडी कन्नौजिया का कहना है कि गड्ढ़ामुक्त अभियान के तहत मरम्मत कार्य चल रहा है। शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा। 114 किमी लंबी 50 सड़कों की मरम्मत के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।