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वादा खिलाफी होने पर हड़ताल करेगी राज्यकर्मचारी संयुक्त परिषद
Updated Sat, 27 Oct 2018 11:33 PM IST
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मऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उप्र की बैठक शनिवार को राजकीय टीबी क्लीनिक पर प्रांतीय महामंत्री अतुल मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में संगठन और मुख्य सचिव के बीच हुई बैठक में मांगों पर बनी सहमति को लेकर विस्तापूर्वक चर्चा हुई, साथ ही एक माह में शासनादेश नहीं जारी होने पर आगामी रणनीति पर विचार किया गया।
बैठक में प्रांतीय महामंत्री अतुल मिश्रा ने बताया कि 9 और 12 अक्टूबर 2018 को प्रदेश के मुख्य सचिव के साथ हुई वार्ता में मांगों पर सहमति बनी। जिसमें पुरानी पेंशन को लागू करने के संबंध में मुख्य सचिव द्वारा आश्वासन दिया गया कि केंद्र सरकार द्वारा जो निर्णय लिया जाएगा, उसे राज्य सरकार द्वारा भी लागू किया जाएगा। साथ ही केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित विभिन्न योजनाओं में तीन लाख संविदा कर्मचारियों आउट सोर्सिग/ ठेके पर कार्यरत कर्मचारियों की विनियमित करने का निर्णय लिया गया, साथ ही सेवाएं नियमित करने सुरक्षित करने रिक्त पदों पर उनका विनियमितिकरण न्यूनतम वेतन भत्ता के संबंध में गठित समिति 01 माह में अपनी संस्तुति मुख्य सचिव के समक्ष प्रस्तुत करेगी। वेतन विसंगति वेतन समिति के संस्तुतियों एवं शेष बचे भत्तों पर अनुमोदन हेतु प्रस्ताव इसी माह प्रस्तुत किया जायेगा। साथ ही उपार्जित अवकाश 300 दिन संचय की सेवा समाप्त किया जायेगा। प्रांतीय महामंत्री ने बताया कि एक माह शासनादेश निर्गत नहीं किए गये व सरकार द्वारा वादा खिलाफी की गयी तो संगठन 29 और 30 नवंबर 2018 को कर्मचारी संयुक्त परिषद के समस्त संबद्ध संगठनों द्वारा हड़ताल प्रस्तावित है। जिसमें सभी आवश्यक सेवाएं भी सम्मिलित होगी।बैठक का संचालन अविनाश सिसौदिया द्वारा किया गया। बैठक में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद जनपद शाखा अध्यक्ष पीएन सिंह, हरिश्चन्द्र चौबे, शिवकुमार सिंह, सतीश सिंह, अशोक यादव, प्रमोद कुमार राय, आनंद मिश्रा आदि लोग उपस्थित रहें।
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बैठक में प्रांतीय महामंत्री अतुल मिश्रा ने बताया कि 9 और 12 अक्टूबर 2018 को प्रदेश के मुख्य सचिव के साथ हुई वार्ता में मांगों पर सहमति बनी। जिसमें पुरानी पेंशन को लागू करने के संबंध में मुख्य सचिव द्वारा आश्वासन दिया गया कि केंद्र सरकार द्वारा जो निर्णय लिया जाएगा, उसे राज्य सरकार द्वारा भी लागू किया जाएगा। साथ ही केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित विभिन्न योजनाओं में तीन लाख संविदा कर्मचारियों आउट सोर्सिग/ ठेके पर कार्यरत कर्मचारियों की विनियमित करने का निर्णय लिया गया, साथ ही सेवाएं नियमित करने सुरक्षित करने रिक्त पदों पर उनका विनियमितिकरण न्यूनतम वेतन भत्ता के संबंध में गठित समिति 01 माह में अपनी संस्तुति मुख्य सचिव के समक्ष प्रस्तुत करेगी। वेतन विसंगति वेतन समिति के संस्तुतियों एवं शेष बचे भत्तों पर अनुमोदन हेतु प्रस्ताव इसी माह प्रस्तुत किया जायेगा। साथ ही उपार्जित अवकाश 300 दिन संचय की सेवा समाप्त किया जायेगा। प्रांतीय महामंत्री ने बताया कि एक माह शासनादेश निर्गत नहीं किए गये व सरकार द्वारा वादा खिलाफी की गयी तो संगठन 29 और 30 नवंबर 2018 को कर्मचारी संयुक्त परिषद के समस्त संबद्ध संगठनों द्वारा हड़ताल प्रस्तावित है। जिसमें सभी आवश्यक सेवाएं भी सम्मिलित होगी।बैठक का संचालन अविनाश सिसौदिया द्वारा किया गया। बैठक में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद जनपद शाखा अध्यक्ष पीएन सिंह, हरिश्चन्द्र चौबे, शिवकुमार सिंह, सतीश सिंह, अशोक यादव, प्रमोद कुमार राय, आनंद मिश्रा आदि लोग उपस्थित रहें।
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