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नाबालिक को बहला फुसलकर भगाने और दुराचार करने में दो की जमानत खारिज
Updated Fri, 07 Jul 2017 12:03 AM IST
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मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक डा. अजय कुमार ने नाबालिक युवती को बहला फुसलाकर भगा ले जाने और उसके साथ दुराचार करने के मामले में नामजद दो आरोपियों की ओर से दी गई जमानत अर्जी को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया। एडीजे ने यह आदेश बचाव पक्ष और अभियोजन के तर्कों केे सुनने और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद पारित किया।
मामला थाना दक्षिणटोला क्षेत्र का है। मामले के अनुसार नाबालिक युवती को 12 नवंबर 2016 को उस समय बहला फुसलाकर शादी करने के आशय से भगा ले जाया गया जब वह रात्रि में 11 बजे अपने घर से शौच करने के लिए गई थी। इस दौरान एक आरोपी आलोक राजभर ने उसके साथ दुराचार भी किया। मामले में आरोपी सुल्तानपुर बनौरा गांव निवासी आलोक राजभर पुत्र सदावृक्ष राजभर तथा महेश राजभर पुत्र अवधेश राजभर की ओर से अलग-अलग जमानत के लिए अर्जी दी गई। अर्जी पर बचाव पक्ष और एडीजीसी फौजदारी शिवदत यादव और अधिवक्ता विनोद कुमार सिंह के तर्को को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद अपराध की गंभीरता को देख्रते हुए एडीजे ने आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दिया।
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मामला थाना दक्षिणटोला क्षेत्र का है। मामले के अनुसार नाबालिक युवती को 12 नवंबर 2016 को उस समय बहला फुसलाकर शादी करने के आशय से भगा ले जाया गया जब वह रात्रि में 11 बजे अपने घर से शौच करने के लिए गई थी। इस दौरान एक आरोपी आलोक राजभर ने उसके साथ दुराचार भी किया। मामले में आरोपी सुल्तानपुर बनौरा गांव निवासी आलोक राजभर पुत्र सदावृक्ष राजभर तथा महेश राजभर पुत्र अवधेश राजभर की ओर से अलग-अलग जमानत के लिए अर्जी दी गई। अर्जी पर बचाव पक्ष और एडीजीसी फौजदारी शिवदत यादव और अधिवक्ता विनोद कुमार सिंह के तर्को को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद अपराध की गंभीरता को देख्रते हुए एडीजे ने आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दिया।
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