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शुद्ध पेयजल की जगह प्रदूषित पानी पीने को मजबूर है नगरवासी
Updated Mon, 03 Sep 2018 11:16 PM IST
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नगर पंचायत द्वारा नगर में वाटर कूलर तो लगा दिया गया हैं, लेकिन उसकी साफ सफाई कराना भूल चुकी है। जिससे लोग दूषित और बदबूदार पानी पीने को मजबूर है। कई सालों से बिना फिल्टर बदले और गंदगी के अंबार के बीच लगे वाटर कूलर दूर दराज से आने वाले राहगीरों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है।
नगर के लोगों को को शीतल व शुद्ध पानी की सुविधा के लिए नगर पंचायत प्रशासन द्वारा तहसील परिसर और पशु अस्पताल के सामने लाखों की लागत से दो वाटर कूलर फिल्टर लगाया गया है। लेकिन करीब 3 साल पूर्व लगाए गए फिल्टर कूलर के लागत और भुगतान को लेकर भी हल्ला मचा था और समाजसेवी संगठनों और विभिन्न दलों के नेताओं ने इस पर सवालिया निशान उठाया था। अब हालत यह है कि तीन सालों में अभी तक दोनों कूलरों की न तो मरम्मत कराई गई है और न ही इसका फिल्टर बदला गया है। जिससे इसमें से गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है। हालांकि नगर पंचायत द्वारा तहसील परिसर में लगे फिल्टर के आसपास थोड़ा बहुत साफ सफाई हो जाती है, लेकिन पशु अस्पताल के पास के फिल्टर की हालत काफी दयनीय है। फिल्टर के ऊपर झाड़ और घास उगी है तो वहीं, इसके बॉडी पार्ट पर जंग और काई लगी हुई है। जिससे लोग प्रदूषित पानी पीने को मजबूर हो रहे है। इस संबंध में स्थानीय निवासी राजेश कुमार, धर्मेश यादव, अरुण, तौकीर आदि का कहना है कि कई बार इस समस्या के बारे में नगर पंचायत के अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। लेकिन सफाई न होने से वो गंदा पानी पीने को मजबूर है। इस बाबत ईओ रामसफल का कहना है कि पशु अस्पताल के पास कोई वाटर फिल्टर कूलर भी लगा है इस बात की अभी तक मुझे जानकारी ही नहीं है। कहा कि आपके बताने के बाद इसका संज्ञान हुआ है। इसकी जांच कराकर ठीक कराए जाने का प्रयास किया जाएगा।
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नगर के लोगों को को शीतल व शुद्ध पानी की सुविधा के लिए नगर पंचायत प्रशासन द्वारा तहसील परिसर और पशु अस्पताल के सामने लाखों की लागत से दो वाटर कूलर फिल्टर लगाया गया है। लेकिन करीब 3 साल पूर्व लगाए गए फिल्टर कूलर के लागत और भुगतान को लेकर भी हल्ला मचा था और समाजसेवी संगठनों और विभिन्न दलों के नेताओं ने इस पर सवालिया निशान उठाया था। अब हालत यह है कि तीन सालों में अभी तक दोनों कूलरों की न तो मरम्मत कराई गई है और न ही इसका फिल्टर बदला गया है। जिससे इसमें से गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है। हालांकि नगर पंचायत द्वारा तहसील परिसर में लगे फिल्टर के आसपास थोड़ा बहुत साफ सफाई हो जाती है, लेकिन पशु अस्पताल के पास के फिल्टर की हालत काफी दयनीय है। फिल्टर के ऊपर झाड़ और घास उगी है तो वहीं, इसके बॉडी पार्ट पर जंग और काई लगी हुई है। जिससे लोग प्रदूषित पानी पीने को मजबूर हो रहे है। इस संबंध में स्थानीय निवासी राजेश कुमार, धर्मेश यादव, अरुण, तौकीर आदि का कहना है कि कई बार इस समस्या के बारे में नगर पंचायत के अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। लेकिन सफाई न होने से वो गंदा पानी पीने को मजबूर है। इस बाबत ईओ रामसफल का कहना है कि पशु अस्पताल के पास कोई वाटर फिल्टर कूलर भी लगा है इस बात की अभी तक मुझे जानकारी ही नहीं है। कहा कि आपके बताने के बाद इसका संज्ञान हुआ है। इसकी जांच कराकर ठीक कराए जाने का प्रयास किया जाएगा।
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