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तीन माह के भीतर कैसे बनेंगे अधूरे 21112 शौचालय
Updated Tue, 09 Jan 2018 11:33 PM IST
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मऊ। केंद्र सरकार द्वारा 2019 तक पूरे देश को स्वच्छ बनाने का सपना जिले में धूमिल होता नजर आ रहा है। सरकार के लाख प्रयास के बाद भी जिले में शौचालय बनाने का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा। 2017-18 सत्र में तय लक्ष्य 31588 शौचालय बनाने के सापेक्ष जनवरी माह के दूसरे सप्ताह तक 52 गांवों में केवल 10476 शौचालय बनाए जा सके हैं। इस कार्य में विभाग ने पात्र लाभार्थियों को 13 करोड़ रुपया दिया है। जबकि एक करोड़ के करीब प्रचार आदि में खर्च किया है। ऐसे में इस धीमी गति से शेष 21112 शौचालय का निर्माण 31 मार्च तक विभाग कैसे पूरा करा पाएगा।
बता दें वित्तीय वर्ष 2017 और 2018 के लिए कुल तय शुदा लक्ष्य के लिए शासन से अब तक कुल 20 करोड़ 53 लाख 76 हजार रुपये की धनराशि अवमुक्त किया है। ताकि 31 मार्च तक लक्ष्य को पूरा किया जा सके। लेकिन अब तक विभाग के प्रयास से 10476 शौचालय बनाकर उसका एआईएस किया गया है। इसके लिए 14 करोड़ नौ लाख 14 हजार रुपया खर्च किया है। विभाग की मानें तो पूरा प्रयास है कि 31 मार्च तक लक्ष्य के करीब पहुंचा जाएगा। अब तक बने 10476 शौचालयों के पात्रों को 12 हजार प्रति शौचालय के हिसाब से कुल 1371. 36 लाख रुपया दिया गया। शेष एक करोड़ 35 लाख 70 हजार रुपया प्रचार और स्वच्छता कार्य में लगी टीम के मानदेय में खर्च किया गया है। इसीक्रम में अब तक 52 गांवों को ओडीएफ किया गया है, इसमें बड़राव ब्लाक में सात, दोहरीघाट में छह, फतेहपुर मंडाव में छह, घोसी में चार, कोपागंज नौ, मोहम्मदाबाद गोहना में छह, परदहां में चार, रानीपुर में दो और रतनपुरा में आठ गांव ओडीएफ किए जा सकें है। जिला पंचायत राज अधिकारी शेषदेव पांडेय ने बताया कि लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रयास चल रहा है। शौचालय निर्माण तभी माना जाता है, जब एमआईएस (मैनेजमेंट इनफार्मेशन सिस्टम) पर अपलोड हो जाता है।
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बता दें वित्तीय वर्ष 2017 और 2018 के लिए कुल तय शुदा लक्ष्य के लिए शासन से अब तक कुल 20 करोड़ 53 लाख 76 हजार रुपये की धनराशि अवमुक्त किया है। ताकि 31 मार्च तक लक्ष्य को पूरा किया जा सके। लेकिन अब तक विभाग के प्रयास से 10476 शौचालय बनाकर उसका एआईएस किया गया है। इसके लिए 14 करोड़ नौ लाख 14 हजार रुपया खर्च किया है। विभाग की मानें तो पूरा प्रयास है कि 31 मार्च तक लक्ष्य के करीब पहुंचा जाएगा। अब तक बने 10476 शौचालयों के पात्रों को 12 हजार प्रति शौचालय के हिसाब से कुल 1371. 36 लाख रुपया दिया गया। शेष एक करोड़ 35 लाख 70 हजार रुपया प्रचार और स्वच्छता कार्य में लगी टीम के मानदेय में खर्च किया गया है। इसीक्रम में अब तक 52 गांवों को ओडीएफ किया गया है, इसमें बड़राव ब्लाक में सात, दोहरीघाट में छह, फतेहपुर मंडाव में छह, घोसी में चार, कोपागंज नौ, मोहम्मदाबाद गोहना में छह, परदहां में चार, रानीपुर में दो और रतनपुरा में आठ गांव ओडीएफ किए जा सकें है। जिला पंचायत राज अधिकारी शेषदेव पांडेय ने बताया कि लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रयास चल रहा है। शौचालय निर्माण तभी माना जाता है, जब एमआईएस (मैनेजमेंट इनफार्मेशन सिस्टम) पर अपलोड हो जाता है।
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