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बलिया बलिदान दिवस: स्कूली बच्चों ने निकाला जुलूस
Updated Sat, 19 Aug 2017 11:39 PM IST
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मऊ। बलिया बलिदान दिवस के अवसर पर शनिवार को रतनपुरा ब्लाक मुख्यालय स्थित शहीद स्मारक पर क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने गगन भेदी नारों के बीच श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
19 अगस्त को बलिया बलिदान दिवस पर क्षेत्र के दर्जनों विद्यालयों के हजारों बच्चों ने भारत माता की जय, वंदे मातरम, बलिया बलिदान दिवस जिंदाबाद, अमर शहीदों का बलिदान याद रखेगा हिंदुस्तान आदि नारे लगाते हुए पूरे बाजार का भ्रमण कर शहीद स्मारक पर पहुंच कर अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित की। क्षेत्र के दीपालय कान्वेंट विद्यालय के छात्र ने गाजे-बाजे के साथ शहीद स्मारक पर पहुंच कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। इसी तरह डीडी पब्लिक स्कूल मुहवा, विजयगढ़, सरस्वती शिशु मंदिर, एवर ग्रीन, प्राथमिक विद्यालय रतनपुरा नंबर एक. सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अपने अपने हाथों में तिरंगा झंडा लेकर शहीदों के याद में अमर शहीदों का बलिदान याद रखेगा हिंदुस्तान वंदे मातरम के गगनभेदी नारों से पूरे क्षेत्र में राष्ट्र भक्ति की अविरल धारा बहती रही। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि बलिया में जन्म लेने वाले अमर शेर मंगल पांडे ने बैरकपुर छावनी में अंग्रेज लैफ्टिनेंट को गोली से उड़ाकर उस बगावत की शुरुआत की थी, जिसे आज दुनिया 1857 के गदर के नाम से जानती है। अगर 1857 का गदर न हुआ होता तो शायद 1947 काफी देर बाद आता। अगर मंगल पांडे की गोली न चली होती तो शायद पूरा उत्तर भारत अंग्रेजों के खिलाफ उस आंदोलन में खड़ा न होता, जिसे आज हम पहले स्वतंत्रता संग्राम के नाम से जानते हैं। प्रशासन के तरफ से सुरक्षा व्यवस्था भी मुस्तैद रही।
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19 अगस्त को बलिया बलिदान दिवस पर क्षेत्र के दर्जनों विद्यालयों के हजारों बच्चों ने भारत माता की जय, वंदे मातरम, बलिया बलिदान दिवस जिंदाबाद, अमर शहीदों का बलिदान याद रखेगा हिंदुस्तान आदि नारे लगाते हुए पूरे बाजार का भ्रमण कर शहीद स्मारक पर पहुंच कर अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित की। क्षेत्र के दीपालय कान्वेंट विद्यालय के छात्र ने गाजे-बाजे के साथ शहीद स्मारक पर पहुंच कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। इसी तरह डीडी पब्लिक स्कूल मुहवा, विजयगढ़, सरस्वती शिशु मंदिर, एवर ग्रीन, प्राथमिक विद्यालय रतनपुरा नंबर एक. सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अपने अपने हाथों में तिरंगा झंडा लेकर शहीदों के याद में अमर शहीदों का बलिदान याद रखेगा हिंदुस्तान वंदे मातरम के गगनभेदी नारों से पूरे क्षेत्र में राष्ट्र भक्ति की अविरल धारा बहती रही। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि बलिया में जन्म लेने वाले अमर शेर मंगल पांडे ने बैरकपुर छावनी में अंग्रेज लैफ्टिनेंट को गोली से उड़ाकर उस बगावत की शुरुआत की थी, जिसे आज दुनिया 1857 के गदर के नाम से जानती है। अगर 1857 का गदर न हुआ होता तो शायद 1947 काफी देर बाद आता। अगर मंगल पांडे की गोली न चली होती तो शायद पूरा उत्तर भारत अंग्रेजों के खिलाफ उस आंदोलन में खड़ा न होता, जिसे आज हम पहले स्वतंत्रता संग्राम के नाम से जानते हैं। प्रशासन के तरफ से सुरक्षा व्यवस्था भी मुस्तैद रही।
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