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समितियों पर नदारद हैं धान के बीज
Updated Wed, 13 Jun 2018 11:28 PM IST
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धान की अगेती नर्सरी डालने का समय मई के दूसरे सप्ताह से शुरू हो जाता है। जून का आधा महीना बीत गया, लेकिन अभी तक साधन सहकारी समितियों पर धान के बीज की आपूर्ति नहीं की जा सकी है। कृषि विभाग से छह धान प्रजातियों के 582 कुंतल धान का बीज राजकीय बीज गोदामों पर भेजा गया है। किसानों की मांग के अनुरूप बीजों का अभाव है। मनमाफिक बीज न मिलने से किसानों को अधिक दाम पर निजी दुकानों से खरीदना पड़ रहा है।
जिले में 92 साधन सहकारी समितियां हैं। धान के नर्सरी डालने का समय मई के दूसरे हफ्ते से शुरू हो जाता है। लेकिन जून माह आधा समय बीतने को है, लेकिन अभी तक साधन सहकारी समितियों पर धान के बीज की आपूर्ति नहीं की जा सकी है। कृषि विभाग की तरफ से धान सांभा सब वन, धान 8यूआरयू-3, धान 105, धान पंत 24, धान एनआर2354, धान सोहण सब वन सहित छह प्रजातियों के 582 कुंतल बीज मंगाया गया है, जो सभी राजकीय बीज गोदामों पर भेजा गया है। किसानों की मानें तो राजकीय बीज भंडारों में कुछ ही किस्मों के बीज हैं। जबकि बाजार में काफी प्रजातियों के बीज उपलब्ध हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों की मानें तो सरकार प्रमाणित बीजों को ही गोदामों में बिक्री के लिए रखा जाता है। किसानों को बीज की गारंटी भी दी जाती है। जबकि निजी कंपनियों के बीज पर यह सुविधा नहीं मिलती है।
इस संबंध में रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के जगधारी प्रसाद, शिवमूरत सिंह, बलवंत शर्मा का कहना है कि साधन सहकारी समितियों पर समय से खाद बीज की आपूर्ति ही नहीं की जाती है। धान की नर्सरी डालने का समय चल रहा है। समितियों पर बीज नदारद है। कब बीज आएगा पता नहीं चल पा रहा है। राजकीय बीज गोदामों पर कुछ ही धान की प्रजातियों के बीज मिल रहे हैं। ऐसे में निजी दुकानों से खरीदना पड़ रहा है।
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इस बाबत एआर साधन सहकारी समितियां शिवजी यादव का कहना है कि समितियों पर धान के बीज की आपूर्ति शीघ्र की जाएगी।
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जिले में 92 साधन सहकारी समितियां हैं। धान के नर्सरी डालने का समय मई के दूसरे हफ्ते से शुरू हो जाता है। लेकिन जून माह आधा समय बीतने को है, लेकिन अभी तक साधन सहकारी समितियों पर धान के बीज की आपूर्ति नहीं की जा सकी है। कृषि विभाग की तरफ से धान सांभा सब वन, धान 8यूआरयू-3, धान 105, धान पंत 24, धान एनआर2354, धान सोहण सब वन सहित छह प्रजातियों के 582 कुंतल बीज मंगाया गया है, जो सभी राजकीय बीज गोदामों पर भेजा गया है। किसानों की मानें तो राजकीय बीज भंडारों में कुछ ही किस्मों के बीज हैं। जबकि बाजार में काफी प्रजातियों के बीज उपलब्ध हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों की मानें तो सरकार प्रमाणित बीजों को ही गोदामों में बिक्री के लिए रखा जाता है। किसानों को बीज की गारंटी भी दी जाती है। जबकि निजी कंपनियों के बीज पर यह सुविधा नहीं मिलती है।
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इस संबंध में रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के जगधारी प्रसाद, शिवमूरत सिंह, बलवंत शर्मा का कहना है कि साधन सहकारी समितियों पर समय से खाद बीज की आपूर्ति ही नहीं की जाती है। धान की नर्सरी डालने का समय चल रहा है। समितियों पर बीज नदारद है। कब बीज आएगा पता नहीं चल पा रहा है। राजकीय बीज गोदामों पर कुछ ही धान की प्रजातियों के बीज मिल रहे हैं। ऐसे में निजी दुकानों से खरीदना पड़ रहा है।
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इस बाबत एआर साधन सहकारी समितियां शिवजी यादव का कहना है कि समितियों पर धान के बीज की आपूर्ति शीघ्र की जाएगी।