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एक वर्ष बाद भी चार लोगों के खाते से नहीं वसूली जा सका धन
Updated Mon, 05 Mar 2018 12:32 AM IST
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बढुआगोदाम। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ गरीबों को मिलता नजर नहीं आ रहा है। परदहां ब्लाक क्षेत्र के कंधेरी के लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किश्त वर्ष 2017-18 में 40-40 हजार रुपया भेजा जाना था। लेकिन विभागीय लापरवाही या फिर मिली भगत के कारण पहली किश्त की धनराशि गांव के ही दो अन्य व्यक्तियों के खाते में भेज दी गई। अप्रैल 2017 में अवमुक्त हुई अपात्रों को धनराशि विभाग अभी तक नहीं दे सका। जबकि हरपुर गांव के दो लाभार्थियों को आवास योजना का दूसरी बार लाभ दे दिया गया है। लाभार्थी किश्त पाने के लिए विभाग का चक्कर लगा रहे हैं। विभागीय अधिकारी आरोप पत्र भेजने की बात कहकर मामले से पल्ला झाड़ ले रहे हैं।
परदहां ब्लाक में 51 ग्राम पंचायतें हैं। गरीबों को आवास बनाने के लिए सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की गई है। शासन की तमाम कवायद के बाद भी लोगों को खुले में जीवन यापन करना पड़ता है। वर्ष 2016-17 तथा 2017-18 में 10163 आवास बनाया जाना है। अब तक 2000 ही आवास बनाया जा सका है। वर्ष 2017-18 में परदहां ब्लाक क्षेत्र के कंधेरी गांव की रंभा पत्नी रामअवध यादव तथा अमली पत्नी रामप्रकाश का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए चयन किया गया। पहली किश्त 40-40 हजार रुपया भेजी जानी थी। विभागीय अधिकारियों के लापरवाही से यह धनराशि अप्रैल 2017 को गांव के ही उर्मिला पत्नी केशव तथा मीना पत्नी सत्यप्रकाश के खाते में भेज दी गई। धन भेजने के एक वर्ष बाद भी विभाग धन की रिकवरी नहीं कर सका है। इसी क्रम में विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से हरपुर गांव में रामनारायन पुत्र श्यामदेव, सुदामा पुत्र राधे को दूसरी बार आवास योजना का लाभ दे दिया गया है। जिलाधिकारी के निरीक्षण में मामले की जानकारी होने पर विभाग की तरफ से रिकवरी करने का निर्देश दिया गया था। लेकिन विभाग की तरफ से धन की वसूली नहीं कराई जा सकी है। परेशान लाभार्थी किश्त पाने के लिए विभागीय अधिकारियों का चक्कर काटने को विवश हैं। इस बाबत डीसी मनरेगा तथा प्रभारी खंड विकास अधिकारी तेजभान सिंह का कहना है कि खाते में भेजे गए धन की वसूली के लिए आरोप पत्र भेजा गया है। पैसा न जमा करने की स्थिति में संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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परदहां ब्लाक में 51 ग्राम पंचायतें हैं। गरीबों को आवास बनाने के लिए सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की गई है। शासन की तमाम कवायद के बाद भी लोगों को खुले में जीवन यापन करना पड़ता है। वर्ष 2016-17 तथा 2017-18 में 10163 आवास बनाया जाना है। अब तक 2000 ही आवास बनाया जा सका है। वर्ष 2017-18 में परदहां ब्लाक क्षेत्र के कंधेरी गांव की रंभा पत्नी रामअवध यादव तथा अमली पत्नी रामप्रकाश का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए चयन किया गया। पहली किश्त 40-40 हजार रुपया भेजी जानी थी। विभागीय अधिकारियों के लापरवाही से यह धनराशि अप्रैल 2017 को गांव के ही उर्मिला पत्नी केशव तथा मीना पत्नी सत्यप्रकाश के खाते में भेज दी गई। धन भेजने के एक वर्ष बाद भी विभाग धन की रिकवरी नहीं कर सका है। इसी क्रम में विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से हरपुर गांव में रामनारायन पुत्र श्यामदेव, सुदामा पुत्र राधे को दूसरी बार आवास योजना का लाभ दे दिया गया है। जिलाधिकारी के निरीक्षण में मामले की जानकारी होने पर विभाग की तरफ से रिकवरी करने का निर्देश दिया गया था। लेकिन विभाग की तरफ से धन की वसूली नहीं कराई जा सकी है। परेशान लाभार्थी किश्त पाने के लिए विभागीय अधिकारियों का चक्कर काटने को विवश हैं। इस बाबत डीसी मनरेगा तथा प्रभारी खंड विकास अधिकारी तेजभान सिंह का कहना है कि खाते में भेजे गए धन की वसूली के लिए आरोप पत्र भेजा गया है। पैसा न जमा करने की स्थिति में संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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