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आस्ताने पर लगाई हाजिरी, मांगी मन्नतें
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वलीदपुर। सूफी संत हजरत मौलाना हाजी शाह मोहम्मद कामिल नोमानी का 119वां उर्स मंगलवार को अकीदत से शुरू हो गया। दो दिवसीय उर्स के पहले दिन हजारों जाइरीन ने अस्ताने पर हाजिरी लगाई और मन्नतें मांगी। साथ ही चादरपोशी कर अपनी मन्नतें उतारीं।कव्वाली से माहौल पूूरी तरह नूरानी होता रहा। उधर, परिसर में लगे मेेले में लोगों ने जमकर खरीदारी की।
आस्ताने पर बाद नमाजे फज्र कुरानखानी का कार्यक्रम किया गया। शाम को गागर चादर का जुलूस निकाला गया। जो विभिन्न इलाकों से होता हुआ आस्ताने पर पहुंचा। जहां मजार शरीफ पर चादरपोशी और गुलपोशी की गई। महाराष्ट्र से आए मुमताज ने बताया कि वह लगातार पांच वर्षों से उर्स के मेले में आ रहे हैं। जहां मन्नते मांगने पर मुराद पूरी होती है। उड़ीसा से आए इम्तियाज ने बताया कि वह लगातार छह वर्षों से उर्स में शामिल होते हैं।
उधर मेले में बच्चों और महिलाओं ने खरीदारी करने के साथ ही झूले और चर्खी का लुत्फ उठाया। मेले के मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
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आस्ताने पर बाद नमाजे फज्र कुरानखानी का कार्यक्रम किया गया। शाम को गागर चादर का जुलूस निकाला गया। जो विभिन्न इलाकों से होता हुआ आस्ताने पर पहुंचा। जहां मजार शरीफ पर चादरपोशी और गुलपोशी की गई। महाराष्ट्र से आए मुमताज ने बताया कि वह लगातार पांच वर्षों से उर्स के मेले में आ रहे हैं। जहां मन्नते मांगने पर मुराद पूरी होती है। उड़ीसा से आए इम्तियाज ने बताया कि वह लगातार छह वर्षों से उर्स में शामिल होते हैं।
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उधर मेले में बच्चों और महिलाओं ने खरीदारी करने के साथ ही झूले और चर्खी का लुत्फ उठाया। मेले के मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।