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मनुष्य योनि परमात्मा की प्राप्ति का साधन
Updated Sun, 26 Aug 2018 11:44 PM IST
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संत निरंकारी मंडल की ओर से नाजोपट्टी खैराबाद में स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन पर रविवार को निरंकारी संत समागम का आयोजन किया गया। सत्संग में आए श्रद्धालुओं को महात्मा सत्यप्रकाश मुखी ने अमृत वचन का श्रवण कराते हुए कहा कि परमपिता परमात्मा ने मानव तन इसलिए दिया है कि हम परमात्मा को जानकर उसकी भक्ति कर उसके रंग में ऐसे रंग जायें कि फिर वह रंग कभी भी न छूटे। कहा कि मनुष्य योनि परमात्मा की प्राप्ति का साधन है।
उन्होंने कहा कि हे मानव तू राम नाम सत्य है सुबह उठकर बोल तो तेरा कल्याण हो जायेगा। सत्य सर्वदा एक है इसलिए सद्मार्ग पर चलने का मार्ग सतगुरू के चरणों से होकर जाता है, बिना सद्गुरू की कृपा के परमपिता परमात्मा का दीदार कर पाना संभव नहीं है। बिना गुरू ज्ञान के मन का अंधेरा नहीं मिट सकता है। हर युग में सतगुरु, पीर, पैगम्बरों ने धरती में मानव के रूप में अवतार लेकर सदमार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि धरती पर जब-जब धर्म की हानि होती है तब-तब परमात्मा धरती में सत्य की रक्षा के लिए मानव रूप में अवतार लेता है। वही सतगुरू होता है जो न दिखाई देने वाले परमात्मा के स्वरूप के दर्शन कराकर मानव को सच्ची भक्ति से जोड़कर मुक्ति की ओर का रास्ता प्रशस्त करता है।
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उन्होंने कहा कि हे मानव तू राम नाम सत्य है सुबह उठकर बोल तो तेरा कल्याण हो जायेगा। सत्य सर्वदा एक है इसलिए सद्मार्ग पर चलने का मार्ग सतगुरू के चरणों से होकर जाता है, बिना सद्गुरू की कृपा के परमपिता परमात्मा का दीदार कर पाना संभव नहीं है। बिना गुरू ज्ञान के मन का अंधेरा नहीं मिट सकता है। हर युग में सतगुरु, पीर, पैगम्बरों ने धरती में मानव के रूप में अवतार लेकर सदमार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि धरती पर जब-जब धर्म की हानि होती है तब-तब परमात्मा धरती में सत्य की रक्षा के लिए मानव रूप में अवतार लेता है। वही सतगुरू होता है जो न दिखाई देने वाले परमात्मा के स्वरूप के दर्शन कराकर मानव को सच्ची भक्ति से जोड़कर मुक्ति की ओर का रास्ता प्रशस्त करता है।
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