यमुना में उफान: ताजेवाला से छोड़ा गया तीन लाख क्यूसेक पानी, मथुरा के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा
यमुना में ताजेवाला बांध से दो लाख 95 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह पानी बुधवार को ओखला पार कर गया। ओखला पर यह पानी एक लाख 16 हजार क्यूसेक रहा। बृहस्पतिवार तक इसके मथुरा आने की संभावना है।
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पहाड़ों पर लगातार बारिश हो रही है जिसके बाद जलस्तर बढ़ने पर 26 सितंबर को ताजेवाला बांध से दो लाख 95 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह पानी बुधवार को ओखला पार कर गया। ओखला पर यह पानी एक लाख 16 हजार क्यूसेक रहा। बृहस्पतिवार तक इसके मथुरा आने की संभावना है।
166 मीटर पर है खतरे का निशान
मथुरा पर फिलहाल 42 हजार क्यूसेक पानी आ चुका है। इसके चलते प्रयाग घाट पर यमुना का जलस्तर बुधवार को 164.70 मीटर था, जो खतरे के निशान से मात्र डेढ़ मीटर नीचे है। प्रयाग घाट पर खतरे का निशान 166 मीटर पर है। चेतावनी स्तर 165.20 मीटर पर है।
सिंचाई विभाग के एई राकेश कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार तक ओखला से पानी के मथुरा पहुंचने की उम्मीद है। सिंचाई विभाग निर्माण खंड के सहायक अभियंता सूर्य प्रकाश पिप्पल ने बताया कि गोकुल बैराज के आसपास के क्षेत्रों में मुनादी करा दी है। पानी को आगरा तक निकालने के लिए गोकुल बैराज के सभी 22 गेट खोल दिए हैं।
खेतों में पहुंचा यमुना का पानी
हथिनी कुंड बैराज से यमुना में छोड़े गए पानी का असर बुधवार सुबह दिखाई दिया। नौहझील के गांव मरहला मुक्खा निवासी किसान अरब सिंह ठाकुर व रोहताश चौधरी ने बताया कि उनकी धान की आधी कटी फसल खेत में ही पड़ी है। यह फसल पानी में डूब रही है।
गांव बसाऊ निवासी किसान चंद्रपाल निषाद ने बताया कि यमुना में पानी बढ़ने से धान व बाजरे के साथ सब्जियों की फसल भी नष्ट हो गई है। किसान नेता चौ. रामबाबू कटैलिया, रालोद नेता योगेश नौहवार, जिलाध्यक्ष राजकुमार तोमर व भाकियू (टिकैत) के तहसील अध्यक्ष रोहताश चौधरी ने डीएम से बाढ़ प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है।
इन गांवों में हुआ है नुकसान
मरहला मुक्खा, देदना, छिनपारई, दौलतपुर, बसाऊ, अड्डा मीणा, फिरोजपुर, भैरई, मुसमुना, नानकपुर, तिलकागढ़ी, रायपुर, खुशलागढ़ी, अनरदागढ़ी, मनीगढ़ी, नौहझील, बाघर्रा अड्डा, अड्डा मल्हान, पिथौरा आदि गांवों के किसानों की फसलें पानी में डूब गईं हैं।