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यमुना में उफान: ताजेवाला से छोड़ा गया तीन लाख क्यूसेक पानी, मथुरा के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा

Thu, 29 Sep 2022 10:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 29 Sep 2022 10:01 AM IST
सार

यमुना में ताजेवाला बांध से दो लाख 95 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह पानी बुधवार को ओखला पार कर गया। ओखला पर यह पानी एक लाख 16 हजार क्यूसेक रहा। बृहस्पतिवार तक इसके मथुरा आने की संभावना है।

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Yamuna Flood threat in the coastal areas of Mathura
यमुना में उफान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ताजेवाला बांध से तीन दिन पूर्व छोड़े गए लगभग तीन लाख क्यूसेक पानी का असर यमुना में दिखने लगा है। बृहस्पतिवार को इसके मथुरा में भी चेतावनी स्तर पर भी पहुंचने की आशंका है। इसे लेकर प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने गोकुल बैराज के सभी गेट खोल दिए हैं।
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पहाड़ों पर लगातार बारिश हो रही है जिसके बाद जलस्तर बढ़ने पर 26 सितंबर को ताजेवाला बांध से दो लाख 95 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह पानी बुधवार को ओखला पार कर गया। ओखला पर यह पानी एक लाख 16 हजार क्यूसेक रहा। बृहस्पतिवार तक इसके मथुरा आने की संभावना है।
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166 मीटर पर है खतरे का निशान

मथुरा पर फिलहाल 42 हजार क्यूसेक पानी आ चुका है। इसके चलते प्रयाग घाट पर यमुना का जलस्तर बुधवार को 164.70 मीटर था, जो खतरे के निशान से मात्र डेढ़ मीटर नीचे है। प्रयाग घाट पर खतरे का निशान 166 मीटर पर है। चेतावनी स्तर 165.20 मीटर पर है।
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Yamuna Flood threat in the coastal areas of Mathura
खेतों में भरा बाढ़ का पानी - फोटो : अमर उजाला

सिंचाई विभाग के एई राकेश कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार तक ओखला से पानी के मथुरा पहुंचने की उम्मीद है। सिंचाई विभाग निर्माण खंड के सहायक अभियंता सूर्य प्रकाश पिप्पल ने बताया कि गोकुल बैराज के आसपास के क्षेत्रों में मुनादी करा दी है। पानी को आगरा तक निकालने के लिए गोकुल बैराज के सभी 22 गेट खोल दिए हैं।

खेतों में पहुंचा यमुना का पानी 

हथिनी कुंड बैराज से यमुना में छोड़े गए पानी का असर बुधवार सुबह दिखाई दिया। नौहझील के गांव मरहला मुक्खा निवासी किसान अरब सिंह ठाकुर व रोहताश चौधरी ने बताया कि उनकी धान की आधी कटी फसल खेत में ही पड़ी है। यह फसल पानी में डूब रही है। 

गांव बसाऊ निवासी किसान चंद्रपाल निषाद ने बताया कि यमुना में पानी बढ़ने से धान व बाजरे के साथ सब्जियों की फसल भी नष्ट हो गई है। किसान नेता चौ. रामबाबू कटैलिया, रालोद नेता योगेश नौहवार, जिलाध्यक्ष राजकुमार तोमर व भाकियू (टिकैत) के तहसील अध्यक्ष रोहताश चौधरी ने डीएम से बाढ़ प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है।

इन गांवों में हुआ है नुकसान

मरहला मुक्खा, देदना, छिनपारई, दौलतपुर, बसाऊ, अड्डा मीणा, फिरोजपुर, भैरई, मुसमुना, नानकपुर, तिलकागढ़ी, रायपुर, खुशलागढ़ी, अनरदागढ़ी, मनीगढ़ी, नौहझील, बाघर्रा अड्डा, अड्डा मल्हान, पिथौरा आदि गांवों के किसानों की फसलें पानी में डूब गईं हैं।

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