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Yamuna Flood In Mathura: कॉलोनियों के घरों में घुसा पानी, सुरक्षित जगह भेजे जा रहे लोग, संकट में सैकड़ों गांव
Sun, 16 Jul 2023 04:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Updated Sun, 16 Jul 2023 04:37 PM IST
सार
Yamuna Flood In Mathura: मथुरा में यमुना में बाढ़ की वजह से कॉलोनियों के घरों में पानी घुस गया है। इससे लोग सुरक्षित जगह भेजे जा रहे हैं। इससे सैकड़ों गांव संकट में हैं।
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Mathura News: लोगों को ट्रैक्टर से बाहर लाते लोग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश के मथुरा में यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे बाढ़ की आशंका और गहरा गई है। यदि 24 घंटे में जलस्तर कम नहीं होता है तो तटीय किनारों के सैकड़ों गांव पानी से घिर जाएंगे। ऐसे में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। शनिवार को जलस्तर खतरे के निशान 166 को पार कर 166.04 मीटर पर पहुंच गया।
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यमुना के बढ़ते जल स्तर ने अनेक गावों को चारों ओर से घेर लिया है। मथुरा के घाटों पर बैरीकेडिंग एवं टिन लगाने के साथ ही पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। यमुना में नावों के संचालन पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। वहीं खादर की कॉलोनियों में बने घरों से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। डीएम, नगरायुक्त और महापौर ने घाटों और यमुना खादर में बनीं कॉलोनियों में जाकर जायजा लिया और आवश्यक प्रबंध कराए।
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पिछले छह दिनों से यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शनिवार शाम ताजेवाला से 41955 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जबकि ओखला से यह जलराशि 292911 क्यूसेक रही। मथुरा के प्रयागघाट पर यमुना का जलस्तर खतरे के निशान को पार करते हुए 166.04 मीटर पर पहुंच गया। तेजी से बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गोकुल बैराज के सभी 21 गेटों से 99119 क्सूसेक पानी आगरा की ओर छोड़ा गया है। विश्राम घाट का आरती स्थल जलमग्न हो गया है।
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Mathura News: घरों में भरा पानी
- फोटो : अमर उजाला
यमुना का पानी मथुरा के गणेश टीला खादर एवं वृंदावन खादर में बनीं दो दर्जन से अधिक कॉलोनियों में घुस गया है। दर्जनों घरों को यमुना ने घेर लिया है। इसके बावजूद लोग घरो में जमे हुए हैं। वहीं सदर क्षेत्र में बाढ़पुरा और तिवारीपुरम एवं औरंगाबाद क्षेत्र में यमुना किनारे बनीं कॉलोनियों में बने घरों में यमुना का पानी घुस गया है। वृंदावन के पास बाबूगढ़, सेई और बसऊ गांव को भी यमुना के पानी ने घेर लिया है। बाढ़ चैकियों पर तैनात कर्मचारियों द्वारा गावों से लोगों का निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है।
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बाढ़ की आशंका के मद्देनजर लोग अपने घरों को छोड़कर सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। नगरनिगम द्वारा सुरक्षा की दृष्टिगत विश्रामघाट, बंगाली घाट समेट सभी घाटों पर बैरिकेडिंग एवं टिन लगाई गई। पुलिस प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं को घाटों और यमुना किनारे पर जाने से रोकने के लिए पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। इसके बावजूद विश्राम घाट पर श्रद्धालु यमुना में स्नान कर रहे हैं।
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वहीं महिलाएं एवं बच्चे यमुना का आचमन करते नजर आए। महापौर विनोद अग्रवाल ने पार्षदों के साथ जयसिंह पुरा खादर की कॉलोनियों का जायजा लिया। उन्होंने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। डीएम पुलकित खरे ने बताया कि यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। बहाव भी तेज है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।