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गजब सिस्टम: जेल में दहेज हत्या की सजा काट रहा शिक्षक, स्कूल में लगती रही हाजिरी; 10 महीने तक सोते रहे अफसर
Fri, 30 Oct 2026 02:34 PM IST
Arun Parashar
सलोनी पांडे, संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
सलोनी पांडे, संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Fri, 30 Oct 2026 02:34 PM IST
सार
विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि पोर्टल पर हाजिरी के आधार पर उक्त शिक्षक वेतन को आहरित कर सकता है। वह इस पोर्टल की उपस्थिति को साक्ष्य के रूप में पेश कर सकता है। ऐसे में पोर्टल में हाजिरी दर्शाना कहीं न कहीं विभागीय मिलीभगत प्रतीत होती है।
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मानव संपदा पोर्टल पर मनोज कुमार की हाजिरी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
दहेज हत्या में जेल में निरुद्ध शिक्षक को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद भी फतेहपुर सीकरी के उच्च प्राथमिक विद्यालय सांथा में तैनात सहायक अध्यापक मनोज कुमार की हाजिरी लगती रही। नवंबर 2025 से अगस्त 2026 तक मानव संपदा पोर्टल पर अटेंडेंस लॉक करके विभाग को भेजी जाती रही। इसके बाद भी विभाग की नींद नहीं टूटी। पूछताछ करने पर पूरा सिस्टम इस फर्जीवाड़े पर पर्देदारी में लगा है।
फतेहपुर सीकरी के उच्च प्राथमिक विद्यालय सांथा कंपोजिट में तैनात सहायक अध्यापक मनोज कुमार दहेज हत्या के आरोप में 6 अक्तूबर, 2025 से जेल में निरुद्ध हैं। तत्कालीन बीएसए जितेंद्र गौड़ ने 27 अक्तूबर, 2025 को उन्हें निलंबित कर दिया था। निलंबन के वक्त अक्तूबर में उक्त विद्यालय की प्रधानाध्यापिका ने मानव संपदा पोर्टल पर अटेंडेंस लॉक करने के समय अनुपस्थित दिखाया। इसके बाद उक्त शिक्षक की नवंबर, 2025 से हाजिरी लगाई जाने लगी। विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि पोर्टल पर हाजिरी के आधार पर उक्त शिक्षक वेतन को आहरित कर सकता है। वह इस पोर्टल की उपस्थिति को साक्ष्य के रूप में पेश कर सकता है। ऐसे में पोर्टल में हाजिरी दर्शाना कहीं न कहीं विभागीय मिलीभगत प्रतीत होती है।
शिक्षक का वेतन नहीं निकल रहा था और उपस्थिति भी नहीं लग रही थी। बिल बाबू से कहा था कि उपस्थिति को पोर्टल पर लॉक कर दें, यहां से संशोधन पत्र लगा दिया जाएगा। इसी वजह से उपस्थिति लॉक कर रही थीं। -विमला देवी, प्रधानाध्यापिका, उच्च प्राथमिक विद्यालय सांथा
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प्रधानाध्यापिका ने मुझसे कभी नहीं पूछा। वह उपस्थिति लॉक करके भेजती थीं और हम कार्यालय से संशोधन पत्र लगा रहे थे। शिक्षक का वेतन जारी नहीं हो रहा था। -रामनरेश, बिल बाबू
यदि कोई मर भी जाएगा, तब भी मानव संपदा पोर्टल पर ऐसा ही लिखा आता है। उक्त शिक्षक को वेतन नहीं दिया जा रहा है। हाजिरी भी नहीं लगाई जा रही है। -सौरभ आनंद, खंड शिक्षा अधिकारी, फतेहपुर सीकरी
उपस्थिति लॉक होना कार्यस्थल पर उपस्थिति का साक्ष्य
मानव संपदा पोर्टल पर उपस्थिति बंद (अटेंडेंस लॉक) होने का मतलब है कि शिक्षक या कर्मचारी कार्यस्थल पर उपस्थित हैं। लॉक होना उनकी उपस्थिति का सबूत है। इसी पोर्टल पर दर्ज उपस्थिति के आधार पर शिक्षक और कर्मचारियों का वेतन जारी होता है। -विजयपाल नरवार, एआरपी (बेसिक शिक्षा विभाग)
जेल में निरुद्ध रहने के दौरान हाजिरी लगाए जाने के पूरे प्रकरण की जांच कराऊंगा। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. राकेश सिंह, बीएसए
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फतेहपुर सीकरी के उच्च प्राथमिक विद्यालय सांथा कंपोजिट में तैनात सहायक अध्यापक मनोज कुमार दहेज हत्या के आरोप में 6 अक्तूबर, 2025 से जेल में निरुद्ध हैं। तत्कालीन बीएसए जितेंद्र गौड़ ने 27 अक्तूबर, 2025 को उन्हें निलंबित कर दिया था। निलंबन के वक्त अक्तूबर में उक्त विद्यालय की प्रधानाध्यापिका ने मानव संपदा पोर्टल पर अटेंडेंस लॉक करने के समय अनुपस्थित दिखाया। इसके बाद उक्त शिक्षक की नवंबर, 2025 से हाजिरी लगाई जाने लगी। विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि पोर्टल पर हाजिरी के आधार पर उक्त शिक्षक वेतन को आहरित कर सकता है। वह इस पोर्टल की उपस्थिति को साक्ष्य के रूप में पेश कर सकता है। ऐसे में पोर्टल में हाजिरी दर्शाना कहीं न कहीं विभागीय मिलीभगत प्रतीत होती है।
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शिक्षक का वेतन नहीं निकल रहा था और उपस्थिति भी नहीं लग रही थी। बिल बाबू से कहा था कि उपस्थिति को पोर्टल पर लॉक कर दें, यहां से संशोधन पत्र लगा दिया जाएगा। इसी वजह से उपस्थिति लॉक कर रही थीं। -विमला देवी, प्रधानाध्यापिका, उच्च प्राथमिक विद्यालय सांथा
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प्रधानाध्यापिका ने मुझसे कभी नहीं पूछा। वह उपस्थिति लॉक करके भेजती थीं और हम कार्यालय से संशोधन पत्र लगा रहे थे। शिक्षक का वेतन जारी नहीं हो रहा था। -रामनरेश, बिल बाबू
यदि कोई मर भी जाएगा, तब भी मानव संपदा पोर्टल पर ऐसा ही लिखा आता है। उक्त शिक्षक को वेतन नहीं दिया जा रहा है। हाजिरी भी नहीं लगाई जा रही है। -सौरभ आनंद, खंड शिक्षा अधिकारी, फतेहपुर सीकरी
उपस्थिति लॉक होना कार्यस्थल पर उपस्थिति का साक्ष्य
मानव संपदा पोर्टल पर उपस्थिति बंद (अटेंडेंस लॉक) होने का मतलब है कि शिक्षक या कर्मचारी कार्यस्थल पर उपस्थित हैं। लॉक होना उनकी उपस्थिति का सबूत है। इसी पोर्टल पर दर्ज उपस्थिति के आधार पर शिक्षक और कर्मचारियों का वेतन जारी होता है। -विजयपाल नरवार, एआरपी (बेसिक शिक्षा विभाग)
जेल में निरुद्ध रहने के दौरान हाजिरी लगाए जाने के पूरे प्रकरण की जांच कराऊंगा। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. राकेश सिंह, बीएसए