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Mathura News: भाजपा के नवनियुक्त ब्रजक्षेत्र उपाध्यक्ष की बढ़ी मुश्किलें
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मथुरा। भाजपा के ब्रज क्षेत्र की नई कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष बने चाैधरी नेत्रपाल सिंह की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी खुलकर सामने आ रही है। आलाकमान से शिकायत के बाद अब पूर्व में ही उनके पार्टनर रहे और वर्तमान में भाजपा के पिछड़ा मोर्चा में जिला महामंत्री इंजीनियर नरेंद्र सिंह ने भी मोर्चा खोल दिया है। उनका आरोप है कि चाैधरी नेत्रपाल सिंह के खिलाफ लगी अंतिम रिपोर्ट को न्यायालय ने खारिज कर दिया था। अब वह उच्च न्यायालय से जमानत पर हैं। इसके अलावा एक अन्य मामले में उनके खिलाफ एससी/एसटी कोर्ट से समन जारी होने का आरोप लगाया है।
इंजीनियर नरेंद्र चाैधरी का कहना है कि उन्होंने नेत्रपाल सिंह के खिलाफ कोई फर्जी मुकदमा दर्ज नहीं कराया था। नवनियुक्त क्षेत्रीय उपाध्यक्ष पर वर्ष 2021 में 55 लाख रुपये के गबन के मामले में धोखाधड़ी के तहत मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में उनको ढाई महीने जेल में रहना पड़ा था। इस मामले में पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था। इस मामले में नेत्रपाल सिंह इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत पर हैं।
इसके अलावा एक अन्य शिकायतकर्ता ने उनपर मजदूरी के रुपये मांगने पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। पीड़ित मथुरा प्रसाद का आरोप है कि वह राजमिस्त्री हैं और उन्होंने नेत्रपाल सिंह का मकान बनाया था। मकान बनाने का मेहनताना 15 हजार रुपये नेत्रपाल सिंह ने नहीं दिया था। आरोप है कि जनवरी 2024 में न्यायालय परिसर में उनकी मुलाकात अचानक नेत्रपाल सिंह से हो गई। मजदूरी के रुपये मांगने पर नेत्रपाल सिंह ने उनके साथ गाली-गलाैज कर मारपीट कर दी। इस मामले में एससी/एसटी कोर्ट से समन जारी होने के बाद भी नेत्रपाल सिंह हाजिर नहीं हुए हैं।
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फर्जी तरीके से दर्ज कराया गया मुकदमा
नवनियुक्त क्षेत्रीय उपाध्यक्ष चौधरी नेत्रपाल सिंह का कहना है कि उन्होंने किसी भी मजदूर को नहीं सताया है। एससी/एसटी कोर्ट में चल रहे केस के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उनका आरोप है कि उनके पूर्व में पार्टनर रहे नरेंद्र चाैधरी ने ही साजिश के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी। एक मामले में भी उनके साथ आरोपी थे। उनका कहना है कि वह भाजपा के कार्यकर्ता रहे हैं और उनकी बढ़ती लोकप्रियता से बाैखलाकर राजनीतिक विरोधी उनके खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं।
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इंजीनियर नरेंद्र चाैधरी का कहना है कि उन्होंने नेत्रपाल सिंह के खिलाफ कोई फर्जी मुकदमा दर्ज नहीं कराया था। नवनियुक्त क्षेत्रीय उपाध्यक्ष पर वर्ष 2021 में 55 लाख रुपये के गबन के मामले में धोखाधड़ी के तहत मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में उनको ढाई महीने जेल में रहना पड़ा था। इस मामले में पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था। इस मामले में नेत्रपाल सिंह इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत पर हैं।
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इसके अलावा एक अन्य शिकायतकर्ता ने उनपर मजदूरी के रुपये मांगने पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। पीड़ित मथुरा प्रसाद का आरोप है कि वह राजमिस्त्री हैं और उन्होंने नेत्रपाल सिंह का मकान बनाया था। मकान बनाने का मेहनताना 15 हजार रुपये नेत्रपाल सिंह ने नहीं दिया था। आरोप है कि जनवरी 2024 में न्यायालय परिसर में उनकी मुलाकात अचानक नेत्रपाल सिंह से हो गई। मजदूरी के रुपये मांगने पर नेत्रपाल सिंह ने उनके साथ गाली-गलाैज कर मारपीट कर दी। इस मामले में एससी/एसटी कोर्ट से समन जारी होने के बाद भी नेत्रपाल सिंह हाजिर नहीं हुए हैं।
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फर्जी तरीके से दर्ज कराया गया मुकदमा
नवनियुक्त क्षेत्रीय उपाध्यक्ष चौधरी नेत्रपाल सिंह का कहना है कि उन्होंने किसी भी मजदूर को नहीं सताया है। एससी/एसटी कोर्ट में चल रहे केस के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उनका आरोप है कि उनके पूर्व में पार्टनर रहे नरेंद्र चाैधरी ने ही साजिश के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी। एक मामले में भी उनके साथ आरोपी थे। उनका कहना है कि वह भाजपा के कार्यकर्ता रहे हैं और उनकी बढ़ती लोकप्रियता से बाैखलाकर राजनीतिक विरोधी उनके खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं।