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UP: रोते नाती की जिद देख पसीजा बाबा का दिल...एक हादसा और फिर ऐसे आई मौत, मची चीख पुकार
Tue, 26 Nov 2024 01:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 26 Nov 2024 01:20 PM IST
सार
ट्रैक्टर पर बैठने की जिद करते हुए नाती रोने लगा। ये देख बाबा का दिल पसीज गया। उसने ट्रैक्टर पर नाती को बैठा तो दिया, लेकिन उसके बाद ऐसा हादसा हुआ कि चीख पुकार मच गई।
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मासूम का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
मथुरा के फरह थाना क्षेत्र के गांव मुस्तफाबाद में सोमवार को एक तीन साल का मासूम ट्रैक्टर से गिर गया और पहिया के नीचे आने से गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल बालक को परिजन अस्पताल ले गए। यहां कुछ देर उपचार के बाद उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा है।
मुस्तफाबाद निवासी नरेश ने बताया सोमवार को परिवार के ही चाचा विनोद ट्रैक्टर से खेत जोतने के लिए जा रहे थे। ट्रैक्टर पर उनके पिता लाखन सिंह भी बैठे थे, तभी 3 वर्षीय पुनीत उर्फ पुष्कर साथ जाने की जिद करने लगा। उन्होंने मना भी किया, लेकिन पिता लाखन उसकी जिद के आगे पिघल गए और उसे अपनी गोद में बिठा लिया। खेत की जुताई के दौरान बच्चा सीट से फिसल कर ट्रैक्टर के पहिये के नीचे आ गया। परिजन उसे लेकर अस्पताल दौड़े, जहां उसकी मौत हो गई। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिया।
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मुस्तफाबाद निवासी नरेश ने बताया सोमवार को परिवार के ही चाचा विनोद ट्रैक्टर से खेत जोतने के लिए जा रहे थे। ट्रैक्टर पर उनके पिता लाखन सिंह भी बैठे थे, तभी 3 वर्षीय पुनीत उर्फ पुष्कर साथ जाने की जिद करने लगा। उन्होंने मना भी किया, लेकिन पिता लाखन उसकी जिद के आगे पिघल गए और उसे अपनी गोद में बिठा लिया। खेत की जुताई के दौरान बच्चा सीट से फिसल कर ट्रैक्टर के पहिये के नीचे आ गया। परिजन उसे लेकर अस्पताल दौड़े, जहां उसकी मौत हो गई। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिया।
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यदि जिद पूरी न की होती तो जिंदा होता पुष्कर
बाबा लाखन सिंह अब अपने फैसले पर पछता रहे हैं। यदि वह अपने नाती पुष्कर की जिद नहीं मानते तो आज वह जिंदा होता। इसी पछतावे के साथ पूरे दिन वह गुमसुम बैठे रहे। बाबा को बस यही मलाल है कि वह नाती को अपने साथ लेकर क्यों गए। लाखन सिंह के चार बेटे हैं, दो की शादी हो चुकी है, बड़े बेटे नरेश के वह इकलौता पुत्र था।
बाबा लाखन सिंह अब अपने फैसले पर पछता रहे हैं। यदि वह अपने नाती पुष्कर की जिद नहीं मानते तो आज वह जिंदा होता। इसी पछतावे के साथ पूरे दिन वह गुमसुम बैठे रहे। बाबा को बस यही मलाल है कि वह नाती को अपने साथ लेकर क्यों गए। लाखन सिंह के चार बेटे हैं, दो की शादी हो चुकी है, बड़े बेटे नरेश के वह इकलौता पुत्र था।
बच्चे की लाश देख बिलख उठे मां-बाप
पुष्कर की मौत की सूचना पर उसकी मां को विश्वास नहीं हो रहा था कि उसका लाल इस दुनिया में नहीं है, लेकिन परिजन शव लेकर घर आए तो मां की हालात खराब हो गई। वह दहाड़ मारकर रोने लगीं और बेहोश हो गईं। परिवार व पड़ोस की महिलाओं ने उन्हें संभाला। पिता के भी आंसू नहीं थम रहे। वह भी बेटे को याद कर बिलख रहे हैं।
पुष्कर की मौत की सूचना पर उसकी मां को विश्वास नहीं हो रहा था कि उसका लाल इस दुनिया में नहीं है, लेकिन परिजन शव लेकर घर आए तो मां की हालात खराब हो गई। वह दहाड़ मारकर रोने लगीं और बेहोश हो गईं। परिवार व पड़ोस की महिलाओं ने उन्हें संभाला। पिता के भी आंसू नहीं थम रहे। वह भी बेटे को याद कर बिलख रहे हैं।
चालक ने किया मना और दो बार ट्रैक्टर से उतारा
नाती को ट्रैक्टर पर बिठाकर ले जा रहे बाबा लाखन सिंह को ट्रैक्टर चालक विनोद ने मना भी किया था। बच्चे को दो बार ट्रैक्टर से नीचे भी उतारा, लेकिन वह रोने लगा तो रोते नाती को देख बाबा का दिल पसीज गया और पुष्कर को ट्रैक्टर पर बिठा लिया। इस बात की ग्रामीणों में भी चर्चा थी कि बच्चों की सभी जिद पूरी नहीं करनी चाहिए। सभी जिद पूरी करने पर कभी कभार लेने के देने पड़ जाते हैं।
नाती को ट्रैक्टर पर बिठाकर ले जा रहे बाबा लाखन सिंह को ट्रैक्टर चालक विनोद ने मना भी किया था। बच्चे को दो बार ट्रैक्टर से नीचे भी उतारा, लेकिन वह रोने लगा तो रोते नाती को देख बाबा का दिल पसीज गया और पुष्कर को ट्रैक्टर पर बिठा लिया। इस बात की ग्रामीणों में भी चर्चा थी कि बच्चों की सभी जिद पूरी नहीं करनी चाहिए। सभी जिद पूरी करने पर कभी कभार लेने के देने पड़ जाते हैं।