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स्मार्ट सिटी आगरा है ये: सीएम ग्रिड से बनाई जा रही जो सड़क, वो ही धंस गई; गड्ढे में फंसी स्कूल बस पलटने से बची
Fri, 11 Sep 2026 10:20 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 11 Sep 2026 10:20 AM IST
सार
आगरा में बसई-इंदिरापुरम के बीच निर्माणाधीन सड़क धंसने से दिल्ली पब्लिक स्कूल की बस के चारों पहिए मिट्टी में फंस गए। बस में करीब 25 बच्चे सवार थे, जिन्हें स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाला; बस पलटने से बाल-बाल बची।
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गड्ढे में फंसी स्कूल बस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा में सीएम ग्रिड के तहत बसई मंडी से इंदिरापुरम के बीच बनाई जा रही सड़क एक बार फिर धंस गई। कृष्णा एवेन्यू हाउसिंग सोसाइटी में बच्चों को बुधवार दोपहर ढाई बजे छोड़ने आई दिल्ली पब्लिक स्कूल की बस के चारों पहिए फंस गए। बस में करीब 25 स्कूली बच्चे मौजूद थे। क्षेत्र के लोगों ने पहले बच्चों को बाहर निकाला। मिट्टी में धंसती जा रही बस पलटने से बाल-बाल बच गई। इससे पहले इसी सड़क पर 15 कारें धंस चुकी हैं।
बसई से इंदिरापुरम के बीच 42.78 करोड़ रुपये की लागत से सीएम ग्रिड के तहत सड़क का निर्माण किया जा रहा है। दो किमी. लंबी इस सड़क के निर्माण में भ्रष्टाचार की लगातार शिकायतें आ रही हैं। क्षेत्रीय निवासी सुमित सक्सेना ने बताया कि बस फंसने पर लोगों ने बच्चों को बाहर निकाला। सड़क के निर्माण के दौरान कोई बैरिकेडिंग नहीं की गई है। कड़ी मशक्कत के बाद बस को बाहर निकाला जा सका।
सीएम ग्रिड के तहत बनाई जा रही सड़क में राइडर सीवर के 200 मिमी. व्यास और मुख्य सीवर लाइन के 600 मिमी. व्यास के पाइप बिछाए गए। नियम के तहत सीवर पाइप के नीचे बेस बनाने के लिए 4 से 6 इंच मोटी पीसीसी होनी चाहिए। क्षेत्रीय निवासी राधे श्याम मिश्रा ने आरोप लगाया है कि यहां पाइप सीधे मिट्टी में ही बिछा दिए गए।
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पाइपलाइन के ऊपर यमुना की रेत से फिलिंग करानी थी लेकिन मिट्टी ही भर दी गई। एचडी पाइप के बीच दो से तीन इंच की दूरी होनी चाहिए लेकिन इन्हें चिपकाकर लगाया गया है और इनकी फिलिंग भी नहींं की गई। बसई से अमर होटल के बीच पूरे निर्माण के जांच की मांग की गई है।
जुर्माना लगने के बाद भी सुधार नहीं
तीन माह पहले पहली बारिश में ही सड़क का एक किमी. लंबा हिस्सा धंस गया था। 15 कारें, एंबुलेंस और निगम के वाहन फंस गए थे। तब नगर निगम ने पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। इस सड़क का निर्माण ईको ग्रीन, जय बिल्डर्स और डीकेएलसी एंड सप्लायर्स का जॉइंट वेंचर मिलकर कर रहा है। सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम के निरीक्षण में खामियां मिलने पर इस पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। भ्रष्टाचार की इस सड़क पर कुल छह लाख का जुर्माना लगाया जा चुका है। मंडलायुक्त ने भी सड़क के निर्माण में अनियमितताओं पर नाराजगी जताई थी।
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। फर्म ने बताया है कि निर्माणाधीन सड़क पर ड्राइवर जबरन बस ले गया। उसे गार्ड ने मना किया था। ड्राइवर की शिकायत करते स्कूल को पत्र भेजा जा रहा है। अभियंता से मामले की जांच कराएंगे।
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बसई से इंदिरापुरम के बीच 42.78 करोड़ रुपये की लागत से सीएम ग्रिड के तहत सड़क का निर्माण किया जा रहा है। दो किमी. लंबी इस सड़क के निर्माण में भ्रष्टाचार की लगातार शिकायतें आ रही हैं। क्षेत्रीय निवासी सुमित सक्सेना ने बताया कि बस फंसने पर लोगों ने बच्चों को बाहर निकाला। सड़क के निर्माण के दौरान कोई बैरिकेडिंग नहीं की गई है। कड़ी मशक्कत के बाद बस को बाहर निकाला जा सका।
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सीएम ग्रिड के तहत बनाई जा रही सड़क में राइडर सीवर के 200 मिमी. व्यास और मुख्य सीवर लाइन के 600 मिमी. व्यास के पाइप बिछाए गए। नियम के तहत सीवर पाइप के नीचे बेस बनाने के लिए 4 से 6 इंच मोटी पीसीसी होनी चाहिए। क्षेत्रीय निवासी राधे श्याम मिश्रा ने आरोप लगाया है कि यहां पाइप सीधे मिट्टी में ही बिछा दिए गए।
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पाइपलाइन के ऊपर यमुना की रेत से फिलिंग करानी थी लेकिन मिट्टी ही भर दी गई। एचडी पाइप के बीच दो से तीन इंच की दूरी होनी चाहिए लेकिन इन्हें चिपकाकर लगाया गया है और इनकी फिलिंग भी नहींं की गई। बसई से अमर होटल के बीच पूरे निर्माण के जांच की मांग की गई है।
जुर्माना लगने के बाद भी सुधार नहीं
तीन माह पहले पहली बारिश में ही सड़क का एक किमी. लंबा हिस्सा धंस गया था। 15 कारें, एंबुलेंस और निगम के वाहन फंस गए थे। तब नगर निगम ने पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। इस सड़क का निर्माण ईको ग्रीन, जय बिल्डर्स और डीकेएलसी एंड सप्लायर्स का जॉइंट वेंचर मिलकर कर रहा है। सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम के निरीक्षण में खामियां मिलने पर इस पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। भ्रष्टाचार की इस सड़क पर कुल छह लाख का जुर्माना लगाया जा चुका है। मंडलायुक्त ने भी सड़क के निर्माण में अनियमितताओं पर नाराजगी जताई थी।
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। फर्म ने बताया है कि निर्माणाधीन सड़क पर ड्राइवर जबरन बस ले गया। उसे गार्ड ने मना किया था। ड्राइवर की शिकायत करते स्कूल को पत्र भेजा जा रहा है। अभियंता से मामले की जांच कराएंगे।