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डालमिया फार्म हाउस प्रकरण: शंकर सेठ को मिल गई जमानत, देर रात जेल पहुंचा आदेश; 454 हरे पेड़ काटने का आरोप
Fri, 22 Nov 2024 12:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 22 Nov 2024 12:26 PM IST
सार
मथुरा के जैंत में डालमिया फार्म हाउस में 454 हरे पेड़ काट दिए गए। इस मामले के मुख्य आरोपी शंकर सेट को जमानत मिल गई है। देर रात जेल में कोर्ट का आदेश पहुंचा।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मथुरा के जैंत थाना क्षेत्र स्थित छटीकरा रोड पर डालमिया फार्म हाउस में 454 पेड़ काटने के आरोपी शंकर सेठ समेत 31 आरोपियों को वन विभाग के मामले में बृहस्पतिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय की अदालत ने जमानत दे दी। हालांकि कोर्ट का आदेश देर रात जेल प्रशासन को मिला। इस वजह से रिहाई नहीं हुई।
18 सितंबर की रात को छटीकरा मार्ग पर 454 पेड़ काटे गए थे। इस मामले में वन विभाग, विद्युत विभाग, मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण और नगर निगम ने जैंत थाने में मुकदमा दर्ज कराए। पुलिस ने शिव शंकर अग्रवाल उर्फ शंकर सेठ समेत 42 आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। सभी मामलों में उसे अंतरिम जमानत दे दी गई। एसीजेएम (प्रथम) ने 23 अक्तूबर को शंकर सेठ समेत 31 आरोपियों की अंतरिम जमानत रद्द कर सभी को जेल भेज दिया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने जमानत के लिए जिला एवं सत्र न्यायाधीश के यहां याचिका दायर की। 18 नवंबर को जिला जज की कोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन अधिवक्ताओं के कार्य से विरत रहने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। इस मामले में बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई।
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18 सितंबर की रात को छटीकरा मार्ग पर 454 पेड़ काटे गए थे। इस मामले में वन विभाग, विद्युत विभाग, मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण और नगर निगम ने जैंत थाने में मुकदमा दर्ज कराए। पुलिस ने शिव शंकर अग्रवाल उर्फ शंकर सेठ समेत 42 आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। सभी मामलों में उसे अंतरिम जमानत दे दी गई। एसीजेएम (प्रथम) ने 23 अक्तूबर को शंकर सेठ समेत 31 आरोपियों की अंतरिम जमानत रद्द कर सभी को जेल भेज दिया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने जमानत के लिए जिला एवं सत्र न्यायाधीश के यहां याचिका दायर की। 18 नवंबर को जिला जज की कोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन अधिवक्ताओं के कार्य से विरत रहने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। इस मामले में बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई।
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जिला एवं सत्र न्यायालय में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के बीच करीब एक घंटे की बहस हुई। वन विभाग के अधिवक्ता ने न्यायाधीश के समक्ष डालमिया फार्म हाउस में मृत मिले सांप की पोस्टमार्टम रिपोर्ट रखी। कहा गया कि सांप उस दिन मरा जिस दिन पेड़ काटे गए। सांप के साथ यहां अन्य वन्य भी मारे गए। साथ ही बताया कि पेड़ काटते समय आरोपी की मोबाइल लोकेशन घटना स्थल के पास ही थी। इस पर बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने बताया कि आरोपी शंकर सेठ वैष्णो माता के भक्त हैं। ऐसे में वहा वृंदावन स्थित वैष्णो माता के मंदिर में दर्शन करने गए थे, इसलिए मोबाइल लोकेशन घटना स्थल की दिख रही है। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के बीच करीब एक घंटे की बहस के बाद कोर्ट ने फैसला किया और उसे सुरक्षित रख लिया। कोर्ट ने लंच के बाद अपना फैसला सुनाया। फैसले में शंकर सेठ समेत 31 आरोपियों को एक लाख रुपये का मुचलका भरवाने के बाद जमानत दे दी गई। कोर्ट के आदेश के बाद शंकर सेठ के अधिवक्ताओं ने राहत की सांस ली, क्योंकि पिछले काफी समय से अधिवक्ता उनकी जमानत के लिए अलग-अलग कोर्ट में पैरवी कर रहे थे।
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लगभग एक माह जेल में रहना पड़ा शंकर को
पेड़ काटने के आरोपी शंकर सेठ समेत 31 आरोपियों को लगभग एक माह तक जेल में रहना पड़ा। यहां तक कि शंकर सेठ समेत सभी आरोपियों की दिवाली भी जेल में ही बीती। इससे पहले आरोपियों को विद्युत निगम मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के मामले में जमानत मिल चुकी है, लेकिन वन विभाग के मामले में जमानत नहीं मिली थी। बृहस्पतिवार को जैसे ही शंकर सेठ समेत अन्य आरोपियों के जमानत की जानकारी उनके परिजन को हुई तो उनमें खुशी की लहर दौड़ गई।
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पेड़ काटने के आरोपी शंकर सेठ समेत 31 आरोपियों को लगभग एक माह तक जेल में रहना पड़ा। यहां तक कि शंकर सेठ समेत सभी आरोपियों की दिवाली भी जेल में ही बीती। इससे पहले आरोपियों को विद्युत निगम मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के मामले में जमानत मिल चुकी है, लेकिन वन विभाग के मामले में जमानत नहीं मिली थी। बृहस्पतिवार को जैसे ही शंकर सेठ समेत अन्य आरोपियों के जमानत की जानकारी उनके परिजन को हुई तो उनमें खुशी की लहर दौड़ गई।
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जेल अधीक्षक को देर शाम तक नहीं मिला कोर्ट का आदेश
जिला एवं सत्र न्यायालय से वन विभाग के मामले में बृहस्पतिवार को शंकर सेठ को जमानत मिल गई, लेकिन इसका आदेश जिला कारागार में नहीं पहुंचा। जेल अधीक्षक अंशुमान गर्ग ने बताया कि कोर्ट का आदेश देर रात को मिला। इस कारण से बृहस्पतिवार को आरोपियों को रिहा नहीं किया गया। शुक्रवार को कोर्ट के आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला एवं सत्र न्यायालय से वन विभाग के मामले में बृहस्पतिवार को शंकर सेठ को जमानत मिल गई, लेकिन इसका आदेश जिला कारागार में नहीं पहुंचा। जेल अधीक्षक अंशुमान गर्ग ने बताया कि कोर्ट का आदेश देर रात को मिला। इस कारण से बृहस्पतिवार को आरोपियों को रिहा नहीं किया गया। शुक्रवार को कोर्ट के आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी।