{"_id":"f389f43c2b387ee82d153589af3d308a","slug":"prakash-mahotsav-in-vrindavan-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओ वृंदावन के कुंज उपवन में नाचत गिरधर लाल...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओ वृंदावन के कुंज उपवन में नाचत गिरधर लाल...
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Tue, 17 Nov 2015 11:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुसुम सरोवर पर आयोजित वृंदावन प्रकाश महोत्सव में संगीत की स्वर लहरियों और रोशनी ने नहाए सरोवर की अद्भुत छटा को लोग अपलक निहारते रहे।
वृंदावन प्रकाश महोत्सव का शुभारंभ मथुरा की सांसद और सिने तारिका हेमा मालिनी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके साथ ही सरोवर पर बने मंच से सांस्कृतिक कार्यक्रम का आगाज हुआ। राधारमण मंदिर के शरत चंद्र गोस्वामी और अभिषेक गोस्वामी साथ थे।
सबसे पहले बृज के प्रमुख अग्नि नृत्य चरकुला की प्रस्तुति दी गई। बृज लोक कला फाउंडेशन के निदेशक पंकज खंडेलवाल और दानी शर्मा की अगुवाई में कृष्ण स्वरूप के साथ पांच नृत्यांगना शीला, जमुना, अंजनी, शशि और नहनू ने चरकुला का प्रदर्शन किया।
इस दौरान घाटों पर मजीरे की खनक और संकीर्तन ध्वनि ने भाव विभोर कर दिया। कोलकाता के हरेकृष्ण हलदर के सानिध्य में 108 मृदंग और 108 मजीरों की जुगलबंदी ने संकीर्तन में चार चांद लगा दिए।
विज्ञापन
‘भजो गौरांग, कहो गौरांग, कहो गौराग नाम रे।’ भजन पर जुगलबंदी ने समां बांध दिया। कोलकाता के सुमन भट्टाचार्य ने पदावली कीर्तन के बाद केरल की गायिका बी सुचित्रा के साथ भजन-संकीर्तन पर जुगलबंदी पेश की।
बी सुचित्रा ने ‘हरि तुम हरो जन की पीर...’ और ‘ओ वृंदावन के कुंज उपवन में नाचत गिरधर लाल...’ से संगीत की सरगम पर भजन प्रस्तुत किया।
हैदराबाद के वारसी ब्रदर्स ने सूफी गायकी में ‘हरे कृष्णा हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा हरे हरे।’, तेरी सूरत से किसी की नहीं मिलती सूरत... गाया। महोत्सव में राजस्थान के अनवर खान मंगनिया ने राजस्थानी सूफी गायकी प्रस्तुत की।
कलाकार पार्वती वाउल ने आवाज का जादू बिखेरा। देर रात तक कुसुम सरोवर पर संगीत और संकीर्तन की झनकार थी।
महाप्रभु ने वृंदावन को दी अलग पहचान: हेमा
गोवर्धन। वृंदावन प्रकाश महोत्सव में सांसद हेमा मालिनी ने कहा कि चैतन्य महाप्रभु युग प्रवर्तक थे। उन्होंने वृंदावन को पहचान दी। वह स्वयं नृत्यांगना होने के नाते ऐसे आयोजन का महत्व समझती हैं।
आयोजक अभिषेक गोस्वामी ने चैतन्य महाप्रभु का जीवन वृत्तांत बताते हुए उन्हें हरिनाम संकीर्तन का संस्थापक बताया। अभिषेक गोस्वामी ने सभी सहयोगियों का आभार जताया।
दिल्ली रामलीला मंडल के स्वामी और महोत्सव के सह आयोजक धीरज गुप्ता ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सहयोग की प्रशंसा की।
समारोह में एडीजी सुरक्षा गोपाल गुप्ता, डीएम राजेश कुमार, एसएसपी राकेश सिंह, एडीएम प्रशासन अजय कुमार अवस्थी, एसपी सिटी शैलेश पांडे, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी राजीव त्रिवेदी, एसडीएम गोवर्धन विश्वभूषण मिश्रा, तहसीलदार बृजपाल यादव, कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता प्रदीप माथुर,
सपा नेता डा. अशोक अग्रवाल, मथुरा चेयरमैन मनीषा गुप्ता, कुंवर नरेंद्र सिंह, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सोहन सिंह सिसौदिया, बिहारीकांत तिवारी, मलिक अरोरा, गुड्डू गौतम, मथुरा बार एसोसिएशन के सचिव राघवेंद्र सिह, पूरन कौशिक, गणेश पहलवान, गिरधारी सेठी, हरिओम शर्मा आदि सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी और उद्योगपति उपस्थित थे।
विज्ञापन
वृंदावन प्रकाश महोत्सव का शुभारंभ मथुरा की सांसद और सिने तारिका हेमा मालिनी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके साथ ही सरोवर पर बने मंच से सांस्कृतिक कार्यक्रम का आगाज हुआ। राधारमण मंदिर के शरत चंद्र गोस्वामी और अभिषेक गोस्वामी साथ थे।
सबसे पहले बृज के प्रमुख अग्नि नृत्य चरकुला की प्रस्तुति दी गई। बृज लोक कला फाउंडेशन के निदेशक पंकज खंडेलवाल और दानी शर्मा की अगुवाई में कृष्ण स्वरूप के साथ पांच नृत्यांगना शीला, जमुना, अंजनी, शशि और नहनू ने चरकुला का प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
इस दौरान घाटों पर मजीरे की खनक और संकीर्तन ध्वनि ने भाव विभोर कर दिया। कोलकाता के हरेकृष्ण हलदर के सानिध्य में 108 मृदंग और 108 मजीरों की जुगलबंदी ने संकीर्तन में चार चांद लगा दिए।
विज्ञापन
‘भजो गौरांग, कहो गौरांग, कहो गौराग नाम रे।’ भजन पर जुगलबंदी ने समां बांध दिया। कोलकाता के सुमन भट्टाचार्य ने पदावली कीर्तन के बाद केरल की गायिका बी सुचित्रा के साथ भजन-संकीर्तन पर जुगलबंदी पेश की।
बी सुचित्रा ने ‘हरि तुम हरो जन की पीर...’ और ‘ओ वृंदावन के कुंज उपवन में नाचत गिरधर लाल...’ से संगीत की सरगम पर भजन प्रस्तुत किया।
हैदराबाद के वारसी ब्रदर्स ने सूफी गायकी में ‘हरे कृष्णा हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा हरे हरे।’, तेरी सूरत से किसी की नहीं मिलती सूरत... गाया। महोत्सव में राजस्थान के अनवर खान मंगनिया ने राजस्थानी सूफी गायकी प्रस्तुत की।
कलाकार पार्वती वाउल ने आवाज का जादू बिखेरा। देर रात तक कुसुम सरोवर पर संगीत और संकीर्तन की झनकार थी।
महाप्रभु ने वृंदावन को दी अलग पहचान: हेमा
गोवर्धन। वृंदावन प्रकाश महोत्सव में सांसद हेमा मालिनी ने कहा कि चैतन्य महाप्रभु युग प्रवर्तक थे। उन्होंने वृंदावन को पहचान दी। वह स्वयं नृत्यांगना होने के नाते ऐसे आयोजन का महत्व समझती हैं।
आयोजक अभिषेक गोस्वामी ने चैतन्य महाप्रभु का जीवन वृत्तांत बताते हुए उन्हें हरिनाम संकीर्तन का संस्थापक बताया। अभिषेक गोस्वामी ने सभी सहयोगियों का आभार जताया।
दिल्ली रामलीला मंडल के स्वामी और महोत्सव के सह आयोजक धीरज गुप्ता ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सहयोग की प्रशंसा की।
समारोह में एडीजी सुरक्षा गोपाल गुप्ता, डीएम राजेश कुमार, एसएसपी राकेश सिंह, एडीएम प्रशासन अजय कुमार अवस्थी, एसपी सिटी शैलेश पांडे, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी राजीव त्रिवेदी, एसडीएम गोवर्धन विश्वभूषण मिश्रा, तहसीलदार बृजपाल यादव, कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता प्रदीप माथुर,
सपा नेता डा. अशोक अग्रवाल, मथुरा चेयरमैन मनीषा गुप्ता, कुंवर नरेंद्र सिंह, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सोहन सिंह सिसौदिया, बिहारीकांत तिवारी, मलिक अरोरा, गुड्डू गौतम, मथुरा बार एसोसिएशन के सचिव राघवेंद्र सिह, पूरन कौशिक, गणेश पहलवान, गिरधारी सेठी, हरिओम शर्मा आदि सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी और उद्योगपति उपस्थित थे।