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Mathura: यमुना में नहीं रुका फैक्टरियों का 'जहर', नगर निगम भी न रोक सका गंदगी
Sun, 30 Oct 2022 12:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 30 Oct 2022 12:21 PM IST
सार
हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी के मुताबिक भाई दूज पर भी यमुना में पर्याप्त मात्रा में प्रदूषण था, जोकि फैक्टरियों के केमिकल का था।
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यमुना नदी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भगवान श्रीकृष्ण ने द्वापर युगल में कालिया नाग से यमुना को निजात दिला दी, लेकिन कलियुग में ब्रजवासी प्रदूषण रूपी कालिया नाग से कालिंदी को मुक्त कराने में असफल रहे। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी यमुना प्रदूषण से मुक्त नहीं हो सकी। नदी में प्रदूषण अधिक पानी कम नजर आता है।
हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी के मुताबिक भाई दूज पर भी यमुना में पर्याप्त मात्रा में प्रदूषण था, जोकि फैक्टरियों के केमिकल का था। पानी की मात्रा अधिक होने के कारण जल में बहाव था। इससे सीवरयुक्त गंदगी तो खत्म हो गई परंतु केमिकल बरकरार था, जो झाग के रूप में नजर आ रहा था। साफ है कि विभागीय अधिकारी कागजों में फैक्ट्रियों पर कार्रवाई कर रहे हैं। मौके पर इनका गंदा पानी यमुना में मिल रहा है।
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हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी के मुताबिक भाई दूज पर भी यमुना में पर्याप्त मात्रा में प्रदूषण था, जोकि फैक्टरियों के केमिकल का था। पानी की मात्रा अधिक होने के कारण जल में बहाव था। इससे सीवरयुक्त गंदगी तो खत्म हो गई परंतु केमिकल बरकरार था, जो झाग के रूप में नजर आ रहा था। साफ है कि विभागीय अधिकारी कागजों में फैक्ट्रियों पर कार्रवाई कर रहे हैं। मौके पर इनका गंदा पानी यमुना में मिल रहा है।
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डीएम ने कहा था- यमुना नहीं गिर रहा प्रदूषण
जानकारी रहे कि इस संबंध में हाईकोर्ट में जो रिट दाखिल की गई है, उसमें डीएम ने स्वयं 6 जुलाई 2022 को हाईकोर्ट पहुंच कर एफिडेविट लगाया कि यमुना में कोई भी प्रदूषण नहीं गिर रहा है। डीएम के एफिडेविट के जवाब में रिट कर्ता ने 21 अक्तूबर को हाईकोर्ट में काउंटर दाखिल किया है।
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जिसमें प्रदूषण विभाग के दावों की कलई खोली है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी डॉ. योगेश कुमार ने बताया कि 18 पीईटी अपग्रेड की जा रही हैं। इनमें से अधिकांश हो चुकी हैं। सरस्वती कुंड, कोसीकला क्षेत्र में जो फैक्टरी चल रही हैं उन पर कार्रवाई चल रही है।