{"_id":"68acbb6154a9c4893a060796","slug":"people-of-braj-said-such-comments-on-sant-premananda-are-not-right-mathura-news-c-369-1-mt11010-134827-2025-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: ब्रज के लोग बोले, संत प्रेमानंद पर ऐसी टिप्पणी ठीक नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: ब्रज के लोग बोले, संत प्रेमानंद पर ऐसी टिप्पणी ठीक नहीं
विज्ञापन
वृंदावन। हाल ही में जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज से जुड़ा बयान सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों पर चर्चा में रहा। इस पर उनके उत्तराधिकारी रामचंद्रदास महाराज ने सामने आकर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि महाराज तो प्रकांड विद्वान हैं और शास्त्रों के गहरे ज्ञाता हैं, लेकिन वह किसी भी संत का अपमान नहीं कर रहे। वह सभी से शास्त्रों के अध्ययन के लिए कहते हैं।
रामचंद्रदास महाराज की सफाई का वीडियो वृंदावन में संतों से लेकर लोगों के पास पहुंचा तो उन्होंने स्पष्ट किया कि रामभद्राचार्य जी ने प्रेमानंद महाराज के लिए कोई गलत टिप्पणी नहीं की है और न ही उनकी किसी भावना को ठेस पहुंचाने का उद्देश्य रहा है। गुरुजी स्वयं कहते हैं कि शास्त्रों को जितना पढ़ा जाए, वह कम है। वे संत समाज का आदर करते हैं और किसी भी संत के प्रति उनके मन में कोई नकारात्मकता नहीं है। प्रेमानंद महाराज को लेकर उन्होंने कोई गलत बात नहीं कही है। कृपया दो महापुरुषों के बीच की बात को विवाद का रूप न दें। उनकी वीडियो को गलत ढंग से पेश कर दिया।ब्रजवासी उनके इस बयान का आज भी विरोध कर रहे हैं।
दिनेश फलाहारी का कहना है कि रामभद्राचार्य महाराज अहंकार में आकर संतों को अपमान कर देते हैं, लेकिन यह तरीका ठीक नहीं है। प्रेमानंद महाराज ब्रज के नहीं विश्व भर में ख्याति रखते हैं। उनसे मिलने के लिए दूर-दूर से लोग आ रहे हैं। उनके लिए बोल ठीक नहीं हैं। वहीं कौशल किशोर ठाकुर महाराज का कहना है कि रामभद्राचार्य महाराज का बयान ठीक नहीं है। इस पर उन्हें खुद ही खेद प्रकट करना चाहिए। एक संत को दूसरे संत का अपमान नहीं करना चाहिए। परशुराम शोभायात्रा के अध्यक्ष आशीष गौतम ने कहा कि प्रेमानंद महाराज खुद ही अपने को चमत्कारी नहीं बताते तो महाराज उनके बारे में ऐसा नहीं कह सकते। यह ठीक नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रामचंद्रदास महाराज की सफाई का वीडियो वृंदावन में संतों से लेकर लोगों के पास पहुंचा तो उन्होंने स्पष्ट किया कि रामभद्राचार्य जी ने प्रेमानंद महाराज के लिए कोई गलत टिप्पणी नहीं की है और न ही उनकी किसी भावना को ठेस पहुंचाने का उद्देश्य रहा है। गुरुजी स्वयं कहते हैं कि शास्त्रों को जितना पढ़ा जाए, वह कम है। वे संत समाज का आदर करते हैं और किसी भी संत के प्रति उनके मन में कोई नकारात्मकता नहीं है। प्रेमानंद महाराज को लेकर उन्होंने कोई गलत बात नहीं कही है। कृपया दो महापुरुषों के बीच की बात को विवाद का रूप न दें। उनकी वीडियो को गलत ढंग से पेश कर दिया।ब्रजवासी उनके इस बयान का आज भी विरोध कर रहे हैं।
विज्ञापन
दिनेश फलाहारी का कहना है कि रामभद्राचार्य महाराज अहंकार में आकर संतों को अपमान कर देते हैं, लेकिन यह तरीका ठीक नहीं है। प्रेमानंद महाराज ब्रज के नहीं विश्व भर में ख्याति रखते हैं। उनसे मिलने के लिए दूर-दूर से लोग आ रहे हैं। उनके लिए बोल ठीक नहीं हैं। वहीं कौशल किशोर ठाकुर महाराज का कहना है कि रामभद्राचार्य महाराज का बयान ठीक नहीं है। इस पर उन्हें खुद ही खेद प्रकट करना चाहिए। एक संत को दूसरे संत का अपमान नहीं करना चाहिए। परशुराम शोभायात्रा के अध्यक्ष आशीष गौतम ने कहा कि प्रेमानंद महाराज खुद ही अपने को चमत्कारी नहीं बताते तो महाराज उनके बारे में ऐसा नहीं कह सकते। यह ठीक नहीं है।
विज्ञापन