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Mathura News: भगवान ने सुनी पूजा की विनती, फिर मां की गोद में लौटी सरस्वती
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मथुरा। एक साल की सरस्वती को मिली पिता की गोद हो चेहरे पर आई मुस्कान।
- फोटो : mathura
मथुरा। जीआरपी ने मथुरा जंक्शन से अपहरण की गई बच्ची को 41 घंटे में बरामद कर लिया। बच्ची के माता-पिता के लिए ये 41 घंटे 41 दिन से भी ज्यादा भारी रहे। दो रात उनकी आंखों से नींद गायब रही। मां पूजा बस हाथ जोड़े भगवान से उसकी बेटी वापस लौटाने की विनती करती रही। भगवान ने उसकी विनती सुन ली और सरस्वती फिर से उसकी गोद में लौट आई।
शुक्रवार रात को सरस्वती के अपहरण के बाद से पिता आनंद, मां पूजा और बड़ी बहन गौरा जीआरपी थाने पर ही बैठे रहे। दो दिन तक बेटी के इंतजार में उनके लिए एक-एक पल भारी हो रहा था। रविवार को जब जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक यादराम सिंह ने बच्ची के बरामद होने और अपहरणकर्ता के गिरफ्तार होने की जानकारी उन्हें दी तो वे रो पड़े। इसके बाद भी उनकी आंखों में बेटी से मिलने का इंतजार था। शाम लगभग चार बजे जीआरपी की टीम सरस्वती और आरोपी सतीश को लेकर मथुरा पहुंची। यहां जीआरपी थाने पर पहुंचते ही पूजा ने जब बेटी को देखा तो कहा कि भगवान ने उसकी विनती सुन ली। इतना कहकर वह बेटी को गले से लगाकर रो पड़ी। वह बेटी को गोद में लेकर काफी देर तक दुलारती रही। बड़ी बहन गौरा भी छोटी बहन से मिलकर चहक उठी।
आरपीएफ उपनिरीक्षक सुजीत सिंह चंदेल ने कहा कि बच्ची का पता लगाने के लिए 190 सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया। उन्होंने कहा कि कई जगह पर अपहरणकर्ता कैमरों से अलग होता हुआ दिखाई दिया, लेकिन टीम ने मेहनत कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
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पिता की गोद में आई तो सरस्वती खुलकर खिलखिलाई
कुछ देर बाद पिता आनंद ने बेटी सरस्वती को गोद में लिया तो वह खुलकर खिलखिला पड़ी। मानो उसे भी अपनों से मिलने का उतनी ही बेसब्री से इंतजार था, जितनी बेसब्री से उसका परिवार उसका इंतजार कर रहा था।
जंक्शन से पूर्व में चोरी हुए बच्चों का भी लग सकता है सुराग
बच्ची का अपहरण करने वाले सतीश से पूर्व में जंक्शन से चोरी हुए बच्चों के बारे में भी जीआरपी पूछताछ कर रही है। जीआरपी को शक है कि सतीश को पूर्व में हुई बच्चा चोरी की घटनाओं की भी जानकारी है। सूत्रों के अनुसार इसी सिलसिले में जीआरपी मथुरा की टीम ग्वालियर भी भेजी गई है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो पुलिस लापता गौरा और लोकेंद्र तक भी पहुंच सकती है। हालांकि जीआरपी अभी कुछ भी बताने से बच रही है।
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शुक्रवार रात को सरस्वती के अपहरण के बाद से पिता आनंद, मां पूजा और बड़ी बहन गौरा जीआरपी थाने पर ही बैठे रहे। दो दिन तक बेटी के इंतजार में उनके लिए एक-एक पल भारी हो रहा था। रविवार को जब जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक यादराम सिंह ने बच्ची के बरामद होने और अपहरणकर्ता के गिरफ्तार होने की जानकारी उन्हें दी तो वे रो पड़े। इसके बाद भी उनकी आंखों में बेटी से मिलने का इंतजार था। शाम लगभग चार बजे जीआरपी की टीम सरस्वती और आरोपी सतीश को लेकर मथुरा पहुंची। यहां जीआरपी थाने पर पहुंचते ही पूजा ने जब बेटी को देखा तो कहा कि भगवान ने उसकी विनती सुन ली। इतना कहकर वह बेटी को गले से लगाकर रो पड़ी। वह बेटी को गोद में लेकर काफी देर तक दुलारती रही। बड़ी बहन गौरा भी छोटी बहन से मिलकर चहक उठी।
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आरपीएफ उपनिरीक्षक सुजीत सिंह चंदेल ने कहा कि बच्ची का पता लगाने के लिए 190 सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया। उन्होंने कहा कि कई जगह पर अपहरणकर्ता कैमरों से अलग होता हुआ दिखाई दिया, लेकिन टीम ने मेहनत कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
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पिता की गोद में आई तो सरस्वती खुलकर खिलखिलाई
कुछ देर बाद पिता आनंद ने बेटी सरस्वती को गोद में लिया तो वह खुलकर खिलखिला पड़ी। मानो उसे भी अपनों से मिलने का उतनी ही बेसब्री से इंतजार था, जितनी बेसब्री से उसका परिवार उसका इंतजार कर रहा था।
जंक्शन से पूर्व में चोरी हुए बच्चों का भी लग सकता है सुराग
बच्ची का अपहरण करने वाले सतीश से पूर्व में जंक्शन से चोरी हुए बच्चों के बारे में भी जीआरपी पूछताछ कर रही है। जीआरपी को शक है कि सतीश को पूर्व में हुई बच्चा चोरी की घटनाओं की भी जानकारी है। सूत्रों के अनुसार इसी सिलसिले में जीआरपी मथुरा की टीम ग्वालियर भी भेजी गई है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो पुलिस लापता गौरा और लोकेंद्र तक भी पहुंच सकती है। हालांकि जीआरपी अभी कुछ भी बताने से बच रही है।