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Mathura News: एक साल में 13 बार ट्रेनों पर फेंके गए पत्थर, वंदे भारत को भी बनाया निशाना
Mon, 20 Jan 2025 03:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संंवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संंवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jan 2025 03:35 PM IST
सार
ट्रेनों पर पत्थर फेंकने की घटना एक साल में 13 बार हुईं। इस दौरान वंदे भारत को भी निशाना बनाया गया। आरपीएफ ने 11 आरोपियों की पहचान करते हुए आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं। जबकि दो मामलों में अभी पहचान नहीं हो सकी है।
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मथुरा। वंदेभारत ट्रेन पर फेंका पत्थर जिससे टूटा शीशा। फाइल फोटो
- फोटो : mathura
विस्तार
मथुरा रेलवे जंक्शन की सीमा से गुजरने वाली ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। वर्ष 2024 में 13 बार ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाएं हुई हैं। सबसे ज्यादा ये वारदात जंक्शन के 5 किलोमीटर सीमा के बीच हुई हैं। इसमें सुपरफास्ट, एक्सप्रेस व वंदे भारत ट्रेन पर भी भूतेश्वर स्टेशन के पास पत्थर फेंके गए थे। ट्रैक पर पत्थर रखने के अलावा बाइक व अन्य सामान भी रखकर ट्रेनों को निशाना बनाया गया था।
आरपीएफ के आंकड़ों के मुताबिक जंक्शन की सीमा से निकलने वाली ट्रेनों में से 13 ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटना हुई हैं, जिसमें से आरपीएफ ने 11 आरोपियों की पहचान करते हुए आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं। जबकि दो मामलों में अभी पहचान नहीं हो सकी है। वहीं 2023 में ट्रेनों पर पत्थर फेंकने की 16 घटनाएं हुईं थीं। घटना बढ़ती देखकर आरपीएफ ने निगरानी बढ़ाई तो कुछ हद तक घटना पर अंकुश लगने का परिणाम मिला है।
अब पुलिस ने रात में ट्रैकों के आसपास बसे गांवों के लोगों को भी जोड़कर निगरानी बढ़ा दी है। ट्रेनों को सुरक्षित निकालने के लिए अब आरपीएफ ने अलग-अलग टीमों के साथ निगरानी बढ़ाई है। सबसे ज्यादा ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटना भूतेश्वर स्टेशन के पास होती हैं। क्योंकि यह क्षेत्र सुनसान है।
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आरपीएफ थाना प्रभारी अवधेश गोस्वामी ने बताया कि पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए टीम ट्रैकों पर लगातार निगरानी कर रही है। बीते साल 13 घटनाएं हुई थीं। स्थानीय पुलिस के अलावा जीआरपी के सहयोग से इस प्रकार की घटनाओं को रोकने का प्रयास जारी है।
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आरपीएफ के आंकड़ों के मुताबिक जंक्शन की सीमा से निकलने वाली ट्रेनों में से 13 ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटना हुई हैं, जिसमें से आरपीएफ ने 11 आरोपियों की पहचान करते हुए आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं। जबकि दो मामलों में अभी पहचान नहीं हो सकी है। वहीं 2023 में ट्रेनों पर पत्थर फेंकने की 16 घटनाएं हुईं थीं। घटना बढ़ती देखकर आरपीएफ ने निगरानी बढ़ाई तो कुछ हद तक घटना पर अंकुश लगने का परिणाम मिला है।
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अब पुलिस ने रात में ट्रैकों के आसपास बसे गांवों के लोगों को भी जोड़कर निगरानी बढ़ा दी है। ट्रेनों को सुरक्षित निकालने के लिए अब आरपीएफ ने अलग-अलग टीमों के साथ निगरानी बढ़ाई है। सबसे ज्यादा ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटना भूतेश्वर स्टेशन के पास होती हैं। क्योंकि यह क्षेत्र सुनसान है।
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आरपीएफ थाना प्रभारी अवधेश गोस्वामी ने बताया कि पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए टीम ट्रैकों पर लगातार निगरानी कर रही है। बीते साल 13 घटनाएं हुई थीं। स्थानीय पुलिस के अलावा जीआरपी के सहयोग से इस प्रकार की घटनाओं को रोकने का प्रयास जारी है।