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मुस्तफाबाद में अब भी दहशत, नहीं लौटे परिवार

Thu, 30 Jul 2015 11:56 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा Updated Thu, 30 Jul 2015 11:56 PM IST
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mob have killed the accused of gangrape in mathura
परखम के मजरा मुस्तफाबाद में घर खाली तो गलियां सूनी पड़ी हैं। बस्ती में दूर-दूर तक कोई नजर नहीं आता। दहशत भरी खामोशी को उन मुर्गों की बांग तोड़ती रहती है, जो बस्ती के लोगों के भागने के बाद यहीं रह गए थे। सारा बवाल पुलिस की मौजूदगी में हुआ था। यही कारण है कि यहां तैनात पुलिस और पीएसी भी पलायन कर गए वाल्मीकि समाज के लोगों को सुरक्षा का भरोसा नहीं दे पा रही है। वहीं पुलिस का दावा है कि वाल्मीकि परिवारों से वार्ता कर उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिला अमन चैन कायम करने के प्रयास किए जा रहे हैं।  
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 तीन दिन पहले बालिका के साथ हुई दरिंदगी और उसकी हत्या पर भड़की भीड़ का गुस्सा आरोपियों के साथ उनकी बस्ती और समाज के लोगों पर भी उतरा था। गुरुवार को भी परखम में आगरा और मथुरा का पुलिस बल और पीएसी की तैनात रही। सैकड़ों लोग अभी भी अपना घरबार छोड़कर जान बचाकर भागते फिर रहे हैं। वाल्मीकि परिवारों के घर उसी हाल में हैं जिस हाल में दो दिन पहले थे। 
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हमले के डर से परखम मुस्तफाबाद के बलवीर, बदन सिंह, कालीचरन सिंह, गिर्राज, किशोरी, रोशन टोंटा, सूरज, जादूगर व मोहन सिंह, मूली, रघुवीर(मृतक ललुआ का पिता) सहित 15 परिवारों व जलालपुर व परखम के छीतो, भूरी सिंह, अनिल, बच्चू सिंह और संजय सहित 23 परिवारों के मकानों में रहने वाला कोई नहीं है। इन मकानों में आधा दर्जन से अधिक मकान ऐसे हैं जिनमें ताला तो दूर कुंडी और दरवाजे तक नहीं बचे है। भीड़ ने उन्हें तोड़ दिया था। पास ही चंद घर ब्राह्मणों और ठाकुरों के हैं वह कहते हैं तीन दिन से तो यहां कोई नजर नहीं आया।
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उधर, बताया जा रहा है कि पुलिस ने पलायन कर गए लोगों से आगरा में संपर्क किया है और उन्हेें गांव आकर रहने पर सुरक्षा का भरोसा दिलाया है। कुछ लोग मंगलवार को हुई मारपीट के बाद आगरा में इलाज कराते मिले। कुछ लोग सोनू वाल्मीकि के इर्द गिर्द हैं।  

बता दें कि थाना फरह के गांव परखम में सोमवार को ठाकुर जाति की एक बालिका की दुराचार के बाद हत्या कर दी गई थी। मंगलवार को बालिका का शव मिलने के बाद भड़के लोगों ने आरोपी ललुआ वाल्मीकि को पुलिस चौकी से खींचकर पीट पीट कर मार दिया था और दूसरे आरोपी सोनू को मरणासन्न कर दिया था। सोनू का आगरा में उपचार चल रहा है। इसके बाद भीड़ ने वाल्मीकि बस्ती पर भी धावा बोल दिया था। इसके बाद बस्ती के लोग पलायन कर गए थे।  

छावनी सा दिखा परखम
गांव में अभी भी तनाव है। पुलिस और पीएसी के जवान गश्त कर रहे हैं। मंगलवार को फरह पुलिस के क्राइम ब्रांच के दरोगा, आगरा से स्पेशल फोर्स और पीएसी ने गश्त किया। परखम रेलवे स्टेशन, मुस्तफाबाद की वाल्मीकि बस्ती और आसपास के इलाके में पुलिस कैंप कर रही है।




परखम में पूरे तौर पर शांति है। मंगलवार की घटना में वाल्मीकि समाज जो लोग घायल हुए थे, वे आगरा में इलाज करा रहे हैं। कुछ लोग रिश्तेदारियों में हैं। एक दो दिन में सब वापस आ जाएंगे। उन्हें कोई खतरा नहीं है। उनकी सुरक्षा के लिए गांव में पुलिस-पीएसी तैनात है। हालात सामान्य हैं।
डा. राकेश सिंह
एसएसपी
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