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UP: सर्दी या वजह कुछ और...राजकीय बाल गृह शिशु में पांच माह की बच्ची की मौत, डीएम ने दिए जांच के आदेश
Thu, 12 Dec 2024 03:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संंवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संंवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 12 Dec 2024 03:37 PM IST
सार
मथुरा के राजकीय बाल गृह में पांच माह की बच्ची की मौत हो गई। बच्ची की मौत की वजह आखिर क्या रही, इसकी जांच के लिए जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।
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नवजात शिशु, new born baby
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मथुरा के राजकीय बाल गृह शिशु मथुरा में बुधवार को बीमारी के कारण पांच माह की बच्ची की मौत हो गई। सूचना पर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मामला राजकीय बाल गृह शिशु मथुरा का होने के चलते जिलाधिकारी ने मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच के बाद ही पता चलेगी कि बच्ची की मौत सर्दी के कारण तो नहीं हुई है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद ने बताया कि मंगलवार रात को राजकीय बाल गृह शिशु में एक 5 माह की बच्ची अर्चना की तबीयत खराब हो गई। राजकीय बाल गृह शिशु मथुरा के कर्मचारी लाखन ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए आगरा रेफर कर दिया। आगरा ले जाते समय बच्ची ने दम तोड़ दिया। बच्ची का बुधवार को पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा कि बच्ची की मौत सर्दी के कारण तो नहीं हुई है।
बच्ची पांच माह पहले बुलंदशहर में लावारिस हालत में मिली थी। इसके बाद उसे यहां भेज दिया गया। राजकीय बाल गृह शिशु मथुरा में वह चार माह से रह रही थी। मामला राजकीय बाल गृह शिशु मथुरा से जुड़ा होने के चलते जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार सिंह ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। पोस्टमार्टम और मजिस्ट्रियल जांच में पता चलेगा कि बच्ची की मौत कैसे हुई। प्रथम दृष्टया जांच में पता चला कि उसकी पसलियों में संक्रमण था।
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इधर, राजकीय बाल गृह शिशु मथुरा में बच्ची की मौत से अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई। अधिकारी बच्ची का नाम तक बताने से कतराते रहे। यहां तक कि पोस्टमार्टम गृह पर रखे रजिस्टर में भी बच्ची के शव की एंट्री नहीं कराई।
पहले भी हो चुकी है राजकीय बाल शिशु गृह में बच्चों की मौत
राजकीय बाल शिशु गृह में बच्चों की मौत का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी 2021 में 3 व 2019 में एक नवजात की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी प्रशासनिक अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं देते। जिलाधिकारी कैंप कार्यालय के पीछे बने राजकीय बाल शिशु गृह में बच्चों में संक्रमण के कारण पहले भी मौत हो चुकीं हैं। 15 मई को राजकीय बाल शिशु गृह की 22 दिन की रानी नाम की बच्ची की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हुई थी। इसके ठीक 2 दिन बाद महिला जिला अस्पताल में 20 दिन की काजल नाम की बच्ची की भी मौत हो गई। इस घटना को गुजरे 2 दिन भी नहीं हुए थे कि 22 मई को अंश नाम के बच्चे की मौत हो गई। इससे पहले 6 अगस्त 2019 को बीमारी के चलते एक माह के नवजात शिशु की मौत हो चुकी है।
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जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद ने बताया कि मंगलवार रात को राजकीय बाल गृह शिशु में एक 5 माह की बच्ची अर्चना की तबीयत खराब हो गई। राजकीय बाल गृह शिशु मथुरा के कर्मचारी लाखन ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए आगरा रेफर कर दिया। आगरा ले जाते समय बच्ची ने दम तोड़ दिया। बच्ची का बुधवार को पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा कि बच्ची की मौत सर्दी के कारण तो नहीं हुई है।
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बच्ची पांच माह पहले बुलंदशहर में लावारिस हालत में मिली थी। इसके बाद उसे यहां भेज दिया गया। राजकीय बाल गृह शिशु मथुरा में वह चार माह से रह रही थी। मामला राजकीय बाल गृह शिशु मथुरा से जुड़ा होने के चलते जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार सिंह ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। पोस्टमार्टम और मजिस्ट्रियल जांच में पता चलेगा कि बच्ची की मौत कैसे हुई। प्रथम दृष्टया जांच में पता चला कि उसकी पसलियों में संक्रमण था।
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इधर, राजकीय बाल गृह शिशु मथुरा में बच्ची की मौत से अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई। अधिकारी बच्ची का नाम तक बताने से कतराते रहे। यहां तक कि पोस्टमार्टम गृह पर रखे रजिस्टर में भी बच्ची के शव की एंट्री नहीं कराई।
पहले भी हो चुकी है राजकीय बाल शिशु गृह में बच्चों की मौत
राजकीय बाल शिशु गृह में बच्चों की मौत का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी 2021 में 3 व 2019 में एक नवजात की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी प्रशासनिक अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं देते। जिलाधिकारी कैंप कार्यालय के पीछे बने राजकीय बाल शिशु गृह में बच्चों में संक्रमण के कारण पहले भी मौत हो चुकीं हैं। 15 मई को राजकीय बाल शिशु गृह की 22 दिन की रानी नाम की बच्ची की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हुई थी। इसके ठीक 2 दिन बाद महिला जिला अस्पताल में 20 दिन की काजल नाम की बच्ची की भी मौत हो गई। इस घटना को गुजरे 2 दिन भी नहीं हुए थे कि 22 मई को अंश नाम के बच्चे की मौत हो गई। इससे पहले 6 अगस्त 2019 को बीमारी के चलते एक माह के नवजात शिशु की मौत हो चुकी है।