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Mainpuri News: पहले एसआईटी का गठन और बाद में एफआईआर क्यों हुई
Wed, 08 Jul 2026 11:59 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Updated Wed, 08 Jul 2026 11:59 PM IST
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फोटो 9 प्रो. रामगोपाल यादव
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करहल (मैनपुरी)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव मंगलवार की देर शाम नवाटेढ़ा पहुंचे। पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने राम मंदिर में चोरी, जांच प्रक्रिया और अपने व्हाट्सऐप ब्रॉडकास्ट पर लगी रोक को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
उन्होंने राम मंदिर में चोरी के मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान का जवाब देते हुए कहा कि यह करोड़ों लोगों की आस्था का विषय है। सरकार को राजनीति करने के बजाय निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दिलानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस घटना से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
पूरे मामले की पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सामान्य प्रक्रिया में पहले एफआईआर दर्ज होती है। उसके बाद एसआईटी गठित की जाती है लेकिन इस मामले में पहले एसआईटी बना दी गई और बाद में एफआईआर दर्ज हुई। उन्होंने पूछा कि क्या चंपत राय पर एफआईआर हुई।
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दावा किया कि उनके व्हाट्सऐप ब्रॉडकास्ट पर भी 31 जुलाई तक संदेश भेजने पर रोक लगा दी गई है। मीडिया के सामने अपना मोबाइल दिखाते हुए कहा कि ब्रॉडकास्ट खोलते ही प्रतिबंध का संदेश दिखाई देता है। इससे वह किसी को भी मैसेज नहीं भेज पा रहे हैं। उन्होंने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा गंभीर विषय बताया। संवाद
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उन्होंने राम मंदिर में चोरी के मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान का जवाब देते हुए कहा कि यह करोड़ों लोगों की आस्था का विषय है। सरकार को राजनीति करने के बजाय निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दिलानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस घटना से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
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पूरे मामले की पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सामान्य प्रक्रिया में पहले एफआईआर दर्ज होती है। उसके बाद एसआईटी गठित की जाती है लेकिन इस मामले में पहले एसआईटी बना दी गई और बाद में एफआईआर दर्ज हुई। उन्होंने पूछा कि क्या चंपत राय पर एफआईआर हुई।
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दावा किया कि उनके व्हाट्सऐप ब्रॉडकास्ट पर भी 31 जुलाई तक संदेश भेजने पर रोक लगा दी गई है। मीडिया के सामने अपना मोबाइल दिखाते हुए कहा कि ब्रॉडकास्ट खोलते ही प्रतिबंध का संदेश दिखाई देता है। इससे वह किसी को भी मैसेज नहीं भेज पा रहे हैं। उन्होंने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा गंभीर विषय बताया। संवाद