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Mainpuri News: जागरूकता से मिला अधिकार, उपभोक्ता आयोग बना आधार
Tue, 23 Dec 2025 11:25 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Updated Tue, 23 Dec 2025 11:25 PM IST
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मैनपुरी। देश में 24 दिसंबर को राष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस लोगों को अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए मनाया जाता है। जागरूक होकर लोग अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में चालू वर्ष में 240 उपभोक्ताओं की दायर की गई याचिकाओं में 155 निस्तारण कर न्याय दिलाया गया है।
मोहल्ला बागवान निवासी दिनेश कुमार सक्सेना को तीन साल की लंबी लड़ाई के बाद सफलता मिली। दरअसल उनका एचडीएफसी बैंक शाखा स्टेशन रोड में खाता था जिसमें से 55 हजार रुपये निकल गए। उन्होंने बैंक में शिकायत की तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उपभोक्ता आयोग में 16 फरवरी 2022 को याचिका दायर कर मुआवजे की मांग की थी। इस मामले में सुनवाई करते हुए आयोग की तरफ से शाखा प्रबंधक पर 33 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। खाताधारक के खाते से निकाली गई धनराशि 55000 रुपये पर 8.75 प्रतिशत ब्याज भी शाखा प्रबंधक को आयोग के खाते में जमा करने का भी निर्देश दिया गया। इसी तरह अन्य केस हैं जिनमें उपभोक्ता को या तो जीत मिल गई या फिर अभी उनकी लड़ाई जारी है।
उपभोक्ता सेवा में कमी होने पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में 20 लाख रुपये से कम के मामले, राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में 20 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये तक के, राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में एक करोड़ रुपये से अधिक के मामलों की सुनवाई होती है। उपभोक्ता अब उपभोक्ता मंत्रालय की वेबसाइट upbhoktaayog.in.writ/yachika पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
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एक नजर-
आयोग के गठन से अब तक दायर याचिका 10531
आयोग के गठन से अब तक निस्तारित याचिका 9777
चालू वर्ष में दायर की गई याचिका 240
चालू वर्ष में निस्तारित की गई याचिका 155
ईंट भट्ठा संचालक पर 20 हजार रुपये जुर्माना
एडवांस लेने के बाद तय समय पर ग्राहक को ईंट नहीं देने पर भट्ठा संचालक पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। राजा का बाग गली नंबर आठ-ए के रहने वाले श्याम सिंह यादव ने अतुल ईंट भट्ठा ज्योंती रोड गड़ेरी के संचालक को 22 सितंबर 2020 को ईंट खरीदने के लिए एक लाख रुपये चेक से दिए थे। संचालक ने रुपये लेने के बाद भी तय समय पर ईंट नहीं दी। पीड़ित ने 18 जनवरी 2024 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में याचिका दायर की। आयोग ने संचालक पर 8000 रुपये सेवा में कमी, 6000 रुपये वाद व्यय, 6000 रुपये मानसिक और शारीरिक कष्ट का जुर्माना लगाया। एक लाख रुपये पर 22 सितंबर 2020 से छह प्रतिशत ब्याज भी देने का आदेश दिया।
आलू व्यापारी पर लगा जुर्माना
आलू खरीदने के बाद किसान को भुगतान नहीं करने पर आलू व्यापारी पर 19 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। थाना एलाऊ के गांव टिकसुरी के रहने वाले किसान अवधेश कुमार की ओर से 9 अगस्त 2024 को दायर याचिका पर भोगांव के मेसर्स ऋषी कुमार ट्रेडर्स के संचालक नितिन कुमार पर सेवा में कमी साबित होने पर संचालक 5000 रुपये वाद व्यय, 8000 रुपये मानसिक और शारीरिक कष्ट, 6000 रुपये क्षतिपूर्ति का जुर्माना लगाया गया। आलू की बिक्री के 54818 रुपये पर छह प्रतिशत ब्याज भी संचालक को अदा करने का आदेश दिया गया था।
उपभोक्ता लगातार अपने अधिकारों के लिए जागरूक हो रहे हैं। याचिकाओं की सुनवाई करके उनका निस्तारण भी किया जा रहा है। चालू वर्ष में 155 उपभोक्ताओं द्वारा दायर की गई याचिकाओं का निस्तारण करके उनको न्याय दिलाया गया है। - शशिभूषण पांडेय, चेयरमैन उपभोक्ता आयोग
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मोहल्ला बागवान निवासी दिनेश कुमार सक्सेना को तीन साल की लंबी लड़ाई के बाद सफलता मिली। दरअसल उनका एचडीएफसी बैंक शाखा स्टेशन रोड में खाता था जिसमें से 55 हजार रुपये निकल गए। उन्होंने बैंक में शिकायत की तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उपभोक्ता आयोग में 16 फरवरी 2022 को याचिका दायर कर मुआवजे की मांग की थी। इस मामले में सुनवाई करते हुए आयोग की तरफ से शाखा प्रबंधक पर 33 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। खाताधारक के खाते से निकाली गई धनराशि 55000 रुपये पर 8.75 प्रतिशत ब्याज भी शाखा प्रबंधक को आयोग के खाते में जमा करने का भी निर्देश दिया गया। इसी तरह अन्य केस हैं जिनमें उपभोक्ता को या तो जीत मिल गई या फिर अभी उनकी लड़ाई जारी है।
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उपभोक्ता सेवा में कमी होने पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में 20 लाख रुपये से कम के मामले, राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में 20 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये तक के, राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में एक करोड़ रुपये से अधिक के मामलों की सुनवाई होती है। उपभोक्ता अब उपभोक्ता मंत्रालय की वेबसाइट upbhoktaayog.in.writ/yachika पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
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आयोग के गठन से अब तक दायर याचिका 10531
आयोग के गठन से अब तक निस्तारित याचिका 9777
चालू वर्ष में दायर की गई याचिका 240
चालू वर्ष में निस्तारित की गई याचिका 155
ईंट भट्ठा संचालक पर 20 हजार रुपये जुर्माना
एडवांस लेने के बाद तय समय पर ग्राहक को ईंट नहीं देने पर भट्ठा संचालक पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। राजा का बाग गली नंबर आठ-ए के रहने वाले श्याम सिंह यादव ने अतुल ईंट भट्ठा ज्योंती रोड गड़ेरी के संचालक को 22 सितंबर 2020 को ईंट खरीदने के लिए एक लाख रुपये चेक से दिए थे। संचालक ने रुपये लेने के बाद भी तय समय पर ईंट नहीं दी। पीड़ित ने 18 जनवरी 2024 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में याचिका दायर की। आयोग ने संचालक पर 8000 रुपये सेवा में कमी, 6000 रुपये वाद व्यय, 6000 रुपये मानसिक और शारीरिक कष्ट का जुर्माना लगाया। एक लाख रुपये पर 22 सितंबर 2020 से छह प्रतिशत ब्याज भी देने का आदेश दिया।
आलू व्यापारी पर लगा जुर्माना
आलू खरीदने के बाद किसान को भुगतान नहीं करने पर आलू व्यापारी पर 19 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। थाना एलाऊ के गांव टिकसुरी के रहने वाले किसान अवधेश कुमार की ओर से 9 अगस्त 2024 को दायर याचिका पर भोगांव के मेसर्स ऋषी कुमार ट्रेडर्स के संचालक नितिन कुमार पर सेवा में कमी साबित होने पर संचालक 5000 रुपये वाद व्यय, 8000 रुपये मानसिक और शारीरिक कष्ट, 6000 रुपये क्षतिपूर्ति का जुर्माना लगाया गया। आलू की बिक्री के 54818 रुपये पर छह प्रतिशत ब्याज भी संचालक को अदा करने का आदेश दिया गया था।
उपभोक्ता लगातार अपने अधिकारों के लिए जागरूक हो रहे हैं। याचिकाओं की सुनवाई करके उनका निस्तारण भी किया जा रहा है। चालू वर्ष में 155 उपभोक्ताओं द्वारा दायर की गई याचिकाओं का निस्तारण करके उनको न्याय दिलाया गया है। - शशिभूषण पांडेय, चेयरमैन उपभोक्ता आयोग