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Mainpuri News: यूरिया की किल्लत, 350 रुपये में मिल रही बोरी
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फोटो 13 गांव कबरई में खाद की कालाबाजारी के खिलाफ नाराजगी जताते किसान। संवाद
करहल। यूरिया की किल्लत से किसान परेशान हैं। किसान को गेहूं और आलू की फसल के लिए यूरिया की जरूरत है। किसानों को जरूरत के अनुसार यूरिया नहीं मिल पा रही है l किसानों का आराेप है कि यूरिया की बोरी 300 से 350 रुपये तक में मिल रही है। बोरी के साथ लगेज भी दिया जा रहा है। शनिवार को करहल के गांव कबरई में किसानों ने प्रदर्शन कर यूरिया उपलब्ध करवाने की मांग की।किसान देवऋषि उर्फ कूकी पांडेय ने कहा कि यूरिया की बोरी 350 रुपये में मिल रही है। दुकानों पर 350 रुपये में तो यूरिया उपलब्ध है। लेकिन यदि 270 रुपये में देने की कहो तो दुकानदार कहते हैं कि यूरिया उपलब्ध नहीं है। जो दुकानदार 270 रुपये में यूरिया की बोरी दे रहे हैं। वो लगेज साथ में दे रहे हैं l जो बहुत महंगी है।
करहल से यूरिया की बोरी लेकर आए किसान देवश ने बताया कि 300 रुपये में यूरिया की बोरी मिली है। किसान रानू पांडेय, रामजीत राठौर, लालजीत, प्रभुदयाल शाक्य, सर्वेश राठौर, कन्हैया पांडेय, वीरपाल शाक्य का कहना है कि दुकानों पर खाद की कालाबाजारी रोकी जानी चाहिए। अधिकारियों को दुकानों पर चेकिंग करके कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
प्राइवेट खाद विक्रेताओं को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वह किसानों को तय मूल्य से ज्यादा में खाद का वितरण नहीं करेंगे। इसके अलावा विक्रेता को दुकान के बाहर बोर्ड पर खाद के स्टॉक की जानकारी दर्ज करनी होगी। तय रेट से ज्यादा में खाद की बिक्री की शिकायत आती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
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नरेंद्र त्रिपाठी, उपनिदेशक
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करहल से यूरिया की बोरी लेकर आए किसान देवश ने बताया कि 300 रुपये में यूरिया की बोरी मिली है। किसान रानू पांडेय, रामजीत राठौर, लालजीत, प्रभुदयाल शाक्य, सर्वेश राठौर, कन्हैया पांडेय, वीरपाल शाक्य का कहना है कि दुकानों पर खाद की कालाबाजारी रोकी जानी चाहिए। अधिकारियों को दुकानों पर चेकिंग करके कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
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प्राइवेट खाद विक्रेताओं को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वह किसानों को तय मूल्य से ज्यादा में खाद का वितरण नहीं करेंगे। इसके अलावा विक्रेता को दुकान के बाहर बोर्ड पर खाद के स्टॉक की जानकारी दर्ज करनी होगी। तय रेट से ज्यादा में खाद की बिक्री की शिकायत आती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
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नरेंद्र त्रिपाठी, उपनिदेशक