मैनपुरी। विकासखंड सुल्तानगंज के गांव तिसौली और बिछवां सीमा के मध्य में बेवर नहर ब्रांच की एक नहर गुजरी है। इस नहर में खंदी लगने से 200 बीघा गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने फसल के नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है।गांव धौलपुर तिसौली के 12 से अधिक किसानों की खंदी लगने से करीब 200 बीघा से अधिक गेहूं की फसल जलमग्न हो गई है। किसानों का कहना है कि बृहस्पतिवार की रात को नहर में अचानक पानी बढ़ने और बिछवां नहर पुल पर लगे फाटकों के कम खुले होने से एक ही पटरी पर तीन जगह खंदी लग गई है। खंदी लगने से करीब 200 बीघा से अधिक गेहूं की फसल जलमग्न हुई है।
किसानों का कहना है कि सुबह खंदी लगने की सूचना बिछवां पुल पर तैनात नहर विभाग के कर्मचारी को देने गए तो वहां कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। आनन-फानन में करीब 25 किसानों ने एकत्रित होकर खंदी को बंद कर पाया। किसान प्रेमपाल, प्रवेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, सुखवीर सिंह, रामभरोसे का कहना है कि सुबह जागने पर खंदी लगने का पता चला है। खंदी लगने से खेत में खड़ी गेहूं की फसल पानी में डूब गई है। आनन-फानन में ग्रामीणों ने खंदी बंद तो की है। लेकिन खंदी लगने से खेतों में पानी भर गया है। किसानों ने फसलों में हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है।