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बुखार बन जानलेवा, दो की मौत
Mainpuri
Updated Fri, 27 Jun 2014 05:30 AM IST
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मैनपुरी। जिले में बुखार जानलेवा बनने लगा है। जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ित एक वृद्धा सहित दो की मौत हो गई। 69 रोगियों को चिकित्सकों ने प्राथमिक इलाज दिया। 23 रोगियों की मलेरिया और टाइफाइड जांच कराई गई।
थाना कोतवाली क्षेत्र के नगला कीरत निवासी बंटू (30) पुत्र सुरेंद्र सिंह को कुछ दिन से बुखार आ रहा था। परिवारीजन इधर-उधर इलाज कराते रहे। हालत बिगड़ने पर परिवारीजन जिला अस्पताल ले गए। वहां इलाज के दौरान बंटू की मौत हो गई। थाना कोतवाली क्षेत्र के देवी रोड निवासी मुन्नी देवी (70) को बुखार आने से गंभीर हालत में परिवारीजन जिला अस्पताल ले गए। वहां इलाज के दौरान मुन्नी देवी की गुरुवार को मौत हो गई। जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ित होने पर 69 रोगी पहुंचे। चिकित्सकों ने सभी का उपचार किया। 23 रोगियों को आशंका पर मलेरिया और टाइफाइड की जांच कराई। जिला अस्पताल के आपातकालीन चिकित्साधिकारी डाक्टर आरके सिंह का कहना है कि बुखार को कई लोग अनदेखा कर देते हैं। कई या तो झोलाछाप या स्वयं ही दवा लेकर खा लेते हैं। विशेषज्ञ चिकित्सक के परामर्श से ही दवा खानी चाहिए। उनके पास कई रोगी ऐसे पहुंचते हैं जिनकी गलत इलाज से हालत बिगड़ जाती है।
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थाना कोतवाली क्षेत्र के नगला कीरत निवासी बंटू (30) पुत्र सुरेंद्र सिंह को कुछ दिन से बुखार आ रहा था। परिवारीजन इधर-उधर इलाज कराते रहे। हालत बिगड़ने पर परिवारीजन जिला अस्पताल ले गए। वहां इलाज के दौरान बंटू की मौत हो गई। थाना कोतवाली क्षेत्र के देवी रोड निवासी मुन्नी देवी (70) को बुखार आने से गंभीर हालत में परिवारीजन जिला अस्पताल ले गए। वहां इलाज के दौरान मुन्नी देवी की गुरुवार को मौत हो गई। जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ित होने पर 69 रोगी पहुंचे। चिकित्सकों ने सभी का उपचार किया। 23 रोगियों को आशंका पर मलेरिया और टाइफाइड की जांच कराई। जिला अस्पताल के आपातकालीन चिकित्साधिकारी डाक्टर आरके सिंह का कहना है कि बुखार को कई लोग अनदेखा कर देते हैं। कई या तो झोलाछाप या स्वयं ही दवा लेकर खा लेते हैं। विशेषज्ञ चिकित्सक के परामर्श से ही दवा खानी चाहिए। उनके पास कई रोगी ऐसे पहुंचते हैं जिनकी गलत इलाज से हालत बिगड़ जाती है।
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