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अद्भुत नक्काशी के लिए सम्मानित हुआ नन्हा कलाकार
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
Updated Fri, 23 Sep 2016 12:09 AM IST
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राज्यपाल को मंदिर की आकृति भेंट करता नन्हा कलाकार देव विश्वकर्मा।
- फोटो : amarujala
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राज्यपाल ने नन्हें हस्त कलाकार को अद्भुत नक्काशी के लिए सम्मानित किया। इस दौरान नन्हें कलाकार ने राज्यपाल को गौरा पत्थर में तराशकर स्वयं के हाथों बनाए गए मंदिर की आकृति भेंट की। बच्चे की विलक्षण प्रतिभा देख राज्यपाल गदगद हो गए।
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कोतवाली चरखारी के ग्राम गौरहारी में गौरा पत्थर हस्तकला की बेजोड़ नक्काशी के लिए तीन पीढ़ियाें से लोग पुरस्कृत हो रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को राज्यपाल से नन्हें कलाकार को मिले पुरस्कार ने इस सूची में चौथी पीढ़ी को जोड़ दिया। बता दें कि 1981 और 1983 में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा सिद्ध हस्तशिल्पी पुरस्कार स्व. मिच्चू मिस्त्री को दिया गया था। मिच्चू मिस्त्री की मौत के बाद उनके पुत्र कालीदीन विश्वकर्मा ने विरासत में मिली हस्तकला को आगे बढ़ाया।
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बेजोड़ नक्काशी के लिए कालीदीन को उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 2004, 2005, 2006, 2007 व 2008 में लगातार पांच बार राज्य हस्तशिल्पी कालाकर का सम्मान मिला। कालीदीन के साथ ही उसके दो पुत्र वीरेंद्र और रवींद्र ने भी हस्तकला में दक्षता पा ली। वीरेंद्र को वर्ष 2009-10 में राज्य पुरस्कार मिला। जबकि रवींद्र को इसी वर्ष 20 अगस्त 2016 को लखनऊ में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सम्मानित किया था।
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तीन पीढ़ी से चली आ रही विरासत में चौथी पीढ़ी का अध्याय और जुड़ गया है। गुरुवार को चरखारी के ओल्ड पैलेस में सम्मान समारोह के दौरान राज्यपाल ने वीरेंद्र के 8 वर्षीय पुत्र देव विश्वकर्मा को अनूठी हस्तकला के लिए सम्मानित किया और पीठ थपथपाई।