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Mahoba News: टाइफाइड से महिला की मौत, 11 मरीज भर्ती
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फोटो 16 एमएएचपी 04 परिचय-जिला अस्पताल की वार्ड में भर्ती मौसमी बीमारियों के मरीज। संवाद
महोबा/श्रीनगर। माैसम में उतार-चढ़ाव से वायरल संक्रमण और बुखार के मरीज बढ़ गए हैं। बुधवार को टाइफाइड से महिला की मौत हो गई जबकि 11 मरीजों की हालत गंभीर होने पर भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल के अलावा निजी क्लीनिकों में उल्टी, दस्त, बुखार, खांसी, जुकाम, पेटदर्द आदि के मरीजों की भरमार है। एक दिन पहले भी बुखार से छात्रा समेत दो लोगों की जान जा चुकी है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में बुधवार को एक हजार से अधिक मरीज उपचार कराने पहुंचे। पर्चा बनवाने से लेकर काउंटर से दवाएं लेने के लिए मरीजों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान 150 से अधिक मरीजों की खून की जांचें की गईं। पिछले 24 घंटे में बुखार, पेटदर्द, डायरिया आदि से ग्रसित मानस, मानसी, सबीना, सोनू, आरोही, हरकिशन, किरन, गंगाराम, समद, साक्षी व शिक्षा की हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती कराया गया।
श्रीनगर संवाद के अनुसार बिलखी गांव निवासी रामपाल की पत्नी विद्या (50) एक सप्ताह से बुखार से ग्रसित थी। लगातार इलाज कराने के बाद भी आराम नहीं लगा। जांच कराने पर टाइफाइड का पता चला। सुबह अचानक हालत बिगड़ने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लाने लगे लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। सीएमएस डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि तापमान में बदलाव से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों में बेहद ध्यान देने की जरूरत है।
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बुखार में ऐसे करें बचाव
-साबुन व पानी से बार-बार हाथ धोएं।
-बाहर जाने पर अपने साथ हैंड सेनिटाइजर रखें।
-गंदे हाथों से नाक, मुंह और आंखों को छूने से बचें।
-खांसते-छींकते समय हमेशा मुंह व नाक को रुमाल या टिश्यू से ढकें।
-रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने को पौष्टिक भोजन करें।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में बुधवार को एक हजार से अधिक मरीज उपचार कराने पहुंचे। पर्चा बनवाने से लेकर काउंटर से दवाएं लेने के लिए मरीजों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान 150 से अधिक मरीजों की खून की जांचें की गईं। पिछले 24 घंटे में बुखार, पेटदर्द, डायरिया आदि से ग्रसित मानस, मानसी, सबीना, सोनू, आरोही, हरकिशन, किरन, गंगाराम, समद, साक्षी व शिक्षा की हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती कराया गया।
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श्रीनगर संवाद के अनुसार बिलखी गांव निवासी रामपाल की पत्नी विद्या (50) एक सप्ताह से बुखार से ग्रसित थी। लगातार इलाज कराने के बाद भी आराम नहीं लगा। जांच कराने पर टाइफाइड का पता चला। सुबह अचानक हालत बिगड़ने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लाने लगे लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। सीएमएस डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि तापमान में बदलाव से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों में बेहद ध्यान देने की जरूरत है।
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बुखार में ऐसे करें बचाव
-साबुन व पानी से बार-बार हाथ धोएं।
-बाहर जाने पर अपने साथ हैंड सेनिटाइजर रखें।
-गंदे हाथों से नाक, मुंह और आंखों को छूने से बचें।
-खांसते-छींकते समय हमेशा मुंह व नाक को रुमाल या टिश्यू से ढकें।
-रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने को पौष्टिक भोजन करें।