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Mahoba News: बुजुर्गों के हक पर ताला, नौ माह से जेब खाली
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फोटो 16 एमएएचपी 07 परिचय-अनीता सोनी। संवाद
महोबा। वृद्धावस्था पेंशन न मिलने से परेशान बुजुर्ग पिछले नौ माह से तंगहाली से जूझ रहे हैं। विभागीय कार्यालय में चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें पेंशन नहीं मिल पा रही है। बुजुर्गों के हक पर ताला लगा होने से बुजुर्ग आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। विभाग नए नियम की दिक्कत बताते हुए 30 सितंबर तक सभी लाभार्थियों के खाते में पेंशन की धनराशि पहुंचने का दावा कर रहा है।
समाज कल्याण विभाग की ओर से विधवा और वृद्धा लाभार्थियों को प्रत्येक तीन माह में तीन-तीन हजार रुपये की पेंशन दी जाती है। जिले में वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थियों की संख्या करीब 46 हजार है। इन वृद्धावस्था पेंशनधारकों को नौ माह से पेंशन नहीं मिली जबकि इसी पेंशन से उनका खर्च चलता है। ऐसे में वृद्धों को नौ माह से तंगहाली से जूझना पड़ रहा है। वहीं, जिला प्रोबेशन कार्यालय की ओर से विधवा पेंशन के लाभार्थियों को पेंशन मुहैया कराई जाएगी। जनपद में विधवा पेंशन के लाभार्थियों की संख्या करीब 17 हजार है।
इनमें से 11 हजार लाभार्थियों की पेंशन छह माह से नहीं आई जबकि छह हजार लाभार्थियों की पेंशन नौ माह से नहीं आ रही है। जिला प्रोबेशन अधिकारी हर्षवर्धन नायक का कहना है कि पेंशन निदेशालय स्तर से भेजी जाती है। एसएमई प्रणाली के माध्यम से अब लाभार्थियों को पेंशन दिए जाने की प्रक्रिया चल रही है। इससे पेंशन जारी होने में समय लग रहा है। 30 सितंबर तक सभी लाभार्थियों के खातों में पेंशन पहुंच जाएगी।
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इस तरह मिलती है पेंशन
वृद्धावस्था पेंशन समाज कल्याण विभाग की ओर से दी जाती है। इसमें 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों को 3,000 रुपये की तिमाही पेंशन में राज्य सरकार और भारत सरकार का योगदान 1,500-1,500 रुपये व वहीं 80 वर्ष से कम आयु के लाभार्थियों के लिए तिमाही पेंशन में राज्य सरकार का अंश 2,400 और भारत सरकार का अंश 600 रुपये निर्धारित किया गया है।
पेंशन लाभार्थियों ने बयां किया दर्द
कस्बा श्रीनगर के देवबाग निवासी अनीता सोनी ने बताया कि करीब छह माह से उनकी विधवा पेंशन नहीं आई। पेंशन के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इसके बाद भी पेंशन खाते में नहीं पहुंची। इससे उन्हें आर्थिक दिक्कत हो रही है।
वृद्धा शंकरबाई का कहना है कि माह जनवरी में वृद्धावस्था पेंशन की किस्त आई थी। इसके बाद से पेंशन नहीं भेजी गई। कई बार समाज कल्याण कार्यालय के चक्कर लगाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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समाज कल्याण विभाग की ओर से विधवा और वृद्धा लाभार्थियों को प्रत्येक तीन माह में तीन-तीन हजार रुपये की पेंशन दी जाती है। जिले में वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थियों की संख्या करीब 46 हजार है। इन वृद्धावस्था पेंशनधारकों को नौ माह से पेंशन नहीं मिली जबकि इसी पेंशन से उनका खर्च चलता है। ऐसे में वृद्धों को नौ माह से तंगहाली से जूझना पड़ रहा है। वहीं, जिला प्रोबेशन कार्यालय की ओर से विधवा पेंशन के लाभार्थियों को पेंशन मुहैया कराई जाएगी। जनपद में विधवा पेंशन के लाभार्थियों की संख्या करीब 17 हजार है।
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इनमें से 11 हजार लाभार्थियों की पेंशन छह माह से नहीं आई जबकि छह हजार लाभार्थियों की पेंशन नौ माह से नहीं आ रही है। जिला प्रोबेशन अधिकारी हर्षवर्धन नायक का कहना है कि पेंशन निदेशालय स्तर से भेजी जाती है। एसएमई प्रणाली के माध्यम से अब लाभार्थियों को पेंशन दिए जाने की प्रक्रिया चल रही है। इससे पेंशन जारी होने में समय लग रहा है। 30 सितंबर तक सभी लाभार्थियों के खातों में पेंशन पहुंच जाएगी।
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इस तरह मिलती है पेंशन
वृद्धावस्था पेंशन समाज कल्याण विभाग की ओर से दी जाती है। इसमें 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों को 3,000 रुपये की तिमाही पेंशन में राज्य सरकार और भारत सरकार का योगदान 1,500-1,500 रुपये व वहीं 80 वर्ष से कम आयु के लाभार्थियों के लिए तिमाही पेंशन में राज्य सरकार का अंश 2,400 और भारत सरकार का अंश 600 रुपये निर्धारित किया गया है।
पेंशन लाभार्थियों ने बयां किया दर्द
कस्बा श्रीनगर के देवबाग निवासी अनीता सोनी ने बताया कि करीब छह माह से उनकी विधवा पेंशन नहीं आई। पेंशन के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इसके बाद भी पेंशन खाते में नहीं पहुंची। इससे उन्हें आर्थिक दिक्कत हो रही है।
वृद्धा शंकरबाई का कहना है कि माह जनवरी में वृद्धावस्था पेंशन की किस्त आई थी। इसके बाद से पेंशन नहीं भेजी गई। कई बार समाज कल्याण कार्यालय के चक्कर लगाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

फोटो 16 एमएएचपी 07 परिचय-अनीता सोनी। संवाद