फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mahoba News ›   Wheat crop affected by weather, plants remain small, grains will also become weak

Mahoba News: गेहूं की फसल पर मौसम की मार, छोटे रह गए पौधे, दाने भी होंगे कमजोर

Tue, 18 Feb 2025 11:58 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा Updated Tue, 18 Feb 2025 11:58 PM IST
विज्ञापन
Wheat crop affected by weather, plants remain small, grains will also become weak
महोबा। फरवरी में मार्च जैसा मौसम होने से गेहूं की फसल प्रभावित हो रही है। किसानों का कहना है कि गेहूं के पौधे बढ़ नहीं रहे हैं। कई जगहों पर अभी तक बालियां नहीं निकली हैं। वहीं, कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि इसी तरह मौसम रहा तो पौधे छोटे रह जाएंगे, दाने कमजोर हो जाएंगे। इसका असर पैदावार पर पड़ेगा। हालांकि, पहले बुआई करने वाले किसानों को ज्यादा नुकसान नहीं होगा।
विज्ञापन

जिले में इस साल 87 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बुआई की गई है। गेहूं की बुआई का सही समय नवंबर के मध्य तक ही माना जाता है, लेकिन बहुत से किसान खेत खाली होने के कारण पहले ही बुआई कर देते हैं। ऐसी फसल में जनवरी के बाद बालियां निकलने लगती हैं। मार्च में फसल पकने लगती है, लेकिन इस बार फरवरी में तापमान में वृद्धि हो गई है। अधिकतम तापमान 28 डिग्री तक पहुंच गया है। ठंड कम पड़ने से गेहूं की फसल का पूरा विकास नहीं हो पाया है।
विज्ञापन

पारा चढ़ने से ओस भी कम पड़ रही है। ऐसे में इसका असर उत्पादन पर पड़ेगा। किसान हरीराम, विनोद, लीलाधर, हरनारायण आदि ने बताया कि एक बीघा में लगभग सात से आठ क्विंटल गेहूं होता था। इस बार मौसम में बदलाव होने से चार क्विंटल गेहूं निकलना भी मुश्किल हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

----------
किसानों ने बताई हकीकत
इस बार मौसम ने फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। फरवरी में ही गर्मी का अहसास होने लगा है। गेहूं के छोटे पौधों में ही बालियां निकलने लगी हैं। इससे पैदावार प्रभावित होगी। खाद-बीज का खर्चा निकलना मुश्किल हो जाएगा।
- चंद्रिका तिवारी, किसान, निवासी खरेला गांव
--------

कृषि वैज्ञानिक फसलों की सिंचाई की सलाह दे रहे हैं, लेकिन नहरों में पानी नहीं आ रहा है। इससे फसल पीली पड़कर सूखने लगी है। उधार रुपये लेकर बुआई की थी। बेहतर उत्पादन नहीं होने से परेशानी होगी।
- संतोष कुशवाहा, किसान, परथनिया गांव
-------

30 बीघा में गेहूं की फसल बोई है। फसल पकने लगी है लेकिन दाने सही से नहीं आए हैं। इससे पैदावार कम होने से आशंका है। अर्जुन बांध से निकली नहर में पानी टेल तक न पहुंचने से समस्या और गहरा गई है।

- शिवम सिंह, किसान
------
बढ़ते तापमान से अगेती फसल को ज्यादा नुकसान नहीं होगा। लेकिन जिसकी बिजाई 15 दिसंबर के बाद की गई है उस पर अधिक प्रभाव पड़ेगा। मौसम के गर्म होने से पौधों और दानों का सही विकास नहीं हो पा रहा है। इस वजह से फसल जल्दी पक जाती है। इससे पैदावार प्रभावित होती है। फसल को अधिक तापमान से बचाने के लिए किसानों को सिंचाई करनी चाहिए।
-डॉ. एकेएस यादव, उप कृषि निदेशक, महोबा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed