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Mahoba News: 48 घंटे में एक बार मिलता है पानी, शहरवासी परेशान
Thu, 05 Feb 2026 01:18 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Thu, 05 Feb 2026 01:18 AM IST
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महोबा। उर्मिल बांध पानी से लबालब होने के बाद भी शहरवासियों को दो दिन में सिर्फ एक बार ही पानी मिल रहा है। पर्याप्त पानी न मिलने की वजह से शहरवासियों समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बावजूद इसके जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
उर्मिल बांध उत्तरप्रदेश व मध्यप्रदेश की सीमा पर स्थित है। उर्मिल बांध की अधिकतम भंडारण क्षमता 237.43 मीटर और न्यूनतम भंडारण क्षमता 228.30 है। उर्मिल बांध में इस समय 235.60 मीटर पानी उपलब्ध है। शहर में महोबा पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित उर्मिल बांध से पानी की सप्लाई दी जाती है। इसके लिए कस्बा श्रीनगर में वॉटर फिल्टर प्लांट बनाया गया है। वर्तमान में निजी कंपनी की ओर से शहर में पेयजल सप्लाई का काम देखा जा रहा है। निजी कंपनी की ओर से शहरवासियों को दो दिन में सिर्फ एक बार ही पानी की सप्लाई दी जा रही है।
नल के माध्यम से शहर में दस हजार से ज्यादा घरों में पानी पहुंचता है। दो दिन में एक बार पानी मिलने से लोग परेशान हैं। सबसे ज्यादा परेशानी शहर के ऊंचाई वाले इलाकों में हो रही है। हवेलीदरवाजा, बड़ीहाट, नयापुरा नैकाना आदि मोहल्लों में लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। निजी कंपनी के प्रबंधक शैलेंद्र सिंह का दावा है कि शहर में प्रतिदिन सप्लाई दी जा रही है। सिर्फ बड़ीहाट, मकनियांपुरा व जकरियापीर मोहल्ले में दो दिन में एक बार सप्लाई दी जा रही है।
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प्रतिदिन मिलना चाहिए पानी
मकनियांपुरा निवासी बिलाल खान का कहना है कि पेयजल सप्लाई प्रतिदिन मिलना चाहिए। दो दिन में एक दिन पेयजल सप्लाई मिलने से परेशानी होती है। इस समस्या का समाधान होना चाहिए।
बिलाल खान। संवाद
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सुबह तीन बजे आता है पानी
युवा सैफ कहते हैं कि कहीं-कहीं पेयजल सप्लाई सुबह तीन बजे से दी जाती है। इतनी सुबह पानी भरने में लोगों को परेशानी होती है। पेयजल सप्लाई को प्रतिदिन नियमित व समय से मिलना चाहिए।
सैफ, कस्बावासी
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उर्मिल बांध उत्तरप्रदेश व मध्यप्रदेश की सीमा पर स्थित है। उर्मिल बांध की अधिकतम भंडारण क्षमता 237.43 मीटर और न्यूनतम भंडारण क्षमता 228.30 है। उर्मिल बांध में इस समय 235.60 मीटर पानी उपलब्ध है। शहर में महोबा पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित उर्मिल बांध से पानी की सप्लाई दी जाती है। इसके लिए कस्बा श्रीनगर में वॉटर फिल्टर प्लांट बनाया गया है। वर्तमान में निजी कंपनी की ओर से शहर में पेयजल सप्लाई का काम देखा जा रहा है। निजी कंपनी की ओर से शहरवासियों को दो दिन में सिर्फ एक बार ही पानी की सप्लाई दी जा रही है।
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नल के माध्यम से शहर में दस हजार से ज्यादा घरों में पानी पहुंचता है। दो दिन में एक बार पानी मिलने से लोग परेशान हैं। सबसे ज्यादा परेशानी शहर के ऊंचाई वाले इलाकों में हो रही है। हवेलीदरवाजा, बड़ीहाट, नयापुरा नैकाना आदि मोहल्लों में लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। निजी कंपनी के प्रबंधक शैलेंद्र सिंह का दावा है कि शहर में प्रतिदिन सप्लाई दी जा रही है। सिर्फ बड़ीहाट, मकनियांपुरा व जकरियापीर मोहल्ले में दो दिन में एक बार सप्लाई दी जा रही है।
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प्रतिदिन मिलना चाहिए पानी
मकनियांपुरा निवासी बिलाल खान का कहना है कि पेयजल सप्लाई प्रतिदिन मिलना चाहिए। दो दिन में एक दिन पेयजल सप्लाई मिलने से परेशानी होती है। इस समस्या का समाधान होना चाहिए।
बिलाल खान। संवाद
सुबह तीन बजे आता है पानी
युवा सैफ कहते हैं कि कहीं-कहीं पेयजल सप्लाई सुबह तीन बजे से दी जाती है। इतनी सुबह पानी भरने में लोगों को परेशानी होती है। पेयजल सप्लाई को प्रतिदिन नियमित व समय से मिलना चाहिए।
सैफ, कस्बावासी