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बिहार एमएलसी चुनाव: महागठबंधन और जदयू नेताओं की कलह का लाभ किसे, भाजपा की सूची कब? आठ सीटों पर सियासी घमासान

Fri, 25 Sep 2026 04:51 PM IST
Aditya Anand आदित्य आनंद
Updated Fri, 25 Sep 2026 04:51 PM IST
सार

Bihar Election : बिहार में फिर चुनाव है। बिसात बिछ रही है। जितनी बिछी है, उसपर शह-मात का खेल शुरू हो चुका है। बाकी कुछ मोहरे मैदान में उतारे जाने बाकी हैं। बिहार विधान परिषद् की आठ सीटों पर चुनाव का मौजूदा राजनीतिक गणित यहां बारीकी से समझें।

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Bihar MLC Election 2026: Teacher and Graduate Seats BJP JDU RJD Congress Jansuraj Anant singh Tejaswi Yadav PK
प्रशांत किशोर की सक्रियता, कांग्रेस की नाराजगी, जदयू में तकरार से मुकाबला रोचक हो रहा। - फोटो : amar ujala digital

विस्तार

बिहार विधान परिषद की आठ शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। चुनाव आयोग ने चार स्नातक और चार शिक्षक सीटों के लिए कार्यक्रम जारी कर दिया है। इन सीटों पर 23 अक्तूबर को मतदान होगा, जबकि 27 अक्तूबर को मतगणना होगी। मौजूदा विधान पार्षदों का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त हो रहा है। अब तक राष्ट्रीय जनता दल छह सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर चुका है। जनता दल यूनाइटेड ने चार सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने भी सभी आठ सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। वहीं, कांग्रेस की ओर से दरभंगा शिक्षक सीट पर मौजूदा विधान पार्षद डॉ. मदन मोहन झा के नाम को लेकर स्थिति लगभग स्पष्ट बताई जा रही है, लेकिन पार्टी की औपचारिक सूची अभी सामने नहीं आई है। भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों की घोषणा का इंतजार है। 

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इधर, राजद की ओर उम्मीदवारों की घोषणा के बाद कांग्रेस काफी नाराज है। कांग्रेस ने राजद पर गठबंधन धर्म का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है। राजद का भी कहना है कि हमलोगों ने कुछ भी ऐसा नहीं किया है, जिससे गठबंधन धर्म टूटे। हमने अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है। हालांकि, दरभंगा शिक्षक सीट से मौजूदा कांग्रेस विधान पार्षद डॉ. मदन मोहन झा के नाम को लेकर स्थिति लगभग तय बताई गई है। संभावना है कि अगले 24 घंटें में कांग्रेस अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर दे। कांग्रेस के लिए यह सीट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि डॉ. मदन मोहन झा यहां से मौजूदा विधान पार्षद हैं और 2020 में भी उन्होंने जीत दर्ज की थी।
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भाजपा ने भी 25 सितंबर तक आठ सीटों के लिए अपनी आधिकारिक उम्मीदवार सूची जारी नहीं की है। मौजूदा स्थिति में भाजपा के दो सदस्य इन सीटों पर हैं। इनमें पहले नंबर पर पटना शिक्षक से नवल किशोर यादव और दूसरे पर कोसी स्नातक से एनके यादव। दोनों के नाम दोबारा उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा रिपोर्टों में है, लेकिन आधिकारिक सूची अब तक जारी नहीं की गई है। इधर, दरभंगा स्नातक सीट पर सरवेश कुमार मौजूदा विधान पार्षद हैं और उन्हें भाजपा समर्थित निर्दलीय के तौर पर बताया जाता है। तिरहुत स्नातक सीट पर निर्दलीय बंशीधर ब्रजवासी मौजूदा सदस्य हैं। यहां से जदयू ने अभिषेक झा को उम्मीदवार बनाया है। 
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क्या दूसरों की बीच की कलह का फायदा मिलेगा जन सुराज को?
वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बागी बताते हैं कि चुनाव परिणाम आने से पहले निश्चित रूप से तय नहीं किया जा सकता। इतना जरूर है कि राजद, कांग्रेस और वामदल की ओर से अलग-अलग उम्मीदवारों की घोषणा और जन सुराज के सभी आठ सीटों पर उतरने से कई निर्वाचन क्षेत्रों में मुकाबला बहुकोणीय हो गया है। इस चुनाव में उम्मीदवारों का व्यक्तिगत जनसंपर्क, शिक्षक और स्नातक मतदाताओं के बीच संगठन, स्थानीय मुद्दे, मतदान प्रतिशत और अलग-अलग दलों के बीच वोटों का वितरण जैसे कारक महत्वपूर्ण होंगे। महागठबंधन में अगर कांग्रेस भी राजद के सामने अपना उम्मीदवार उतार देता है तो इसका फायदा जनसुराज उठा सकता है। विधानसभा चुनाव के बाद से जिस तरह कांग्रेस और राजद के बीच कलह हो रहा है, उससे जनता के बीच ठीक मैसेज नहीं जा रहा है। बांकीपुर चुनाव में राजद उम्मीदवार के समर्थन में कांग्रेस ने कुछ खास प्रचार प्रसार नहीं किया। इसका फायदा यह हुआ कि महागठबंधन का वोट बैंक प्रशांत किशोर की ओर शिफ्ट हो गया। अगर यह सिलसिला जारी रहा तो पीके जरूर इस स्थिति का लाभ उठाना चाहेंगे।

वरिष्ठ पत्रकार ने कहा कि पटना स्नातक की सीट पर जदयू के दो नेताओं की बीच के कलह का लाभ भी प्रशांत किशोर को मिलता दिख रहा है। बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने जनसुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह को समर्थन देने की बात पहले ही कही है। वहीं सारण शिक्षक सीट पर भी जन सुराज के उम्मीदवार आफाक अहमद मौजूदा विधान पार्षद हैं। उन्होंने 2023 के उपचुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की थी और उन्हें जन सुराज का समर्थन प्राप्त था।

प्रशांत किशोर का नया दांव- 10 हजार युवाओं को देंगे नौकरी 
इधर प्रशांत किशोर ने लगातार क्षेत्र में घूम रहे हैं। बांकीपुर विधानसभा चुनाव में जीत के बाद उनकी पार्टी का आत्मविश्वास बढ़ा है। प्रशांत किशोर ने वादा किया है कि अगर जनसुराज उम्मीदवारों की जीत होती है तो सभी श्रेणी के शिक्षकों को सम्मान और सातवां वेतनमान, वित्तरहित-वित्तपोषित शिक्षकों की समस्याओं का समाधान व बचे शिक्षकों का समायोजन, गैर-शैक्षणिक कार्यों के लिए मानक तय करेंगे  प्रशांत किशोर ने स्नातक मतदाताओं से जाति, धर्म से ऊपर उठ बदलाव के लिए मतदान की अपील करते हुए कहा है कि जिस स्नातक क्षेत्र में जन सुराज का उम्मीदवार जीतेगा, वहां बांकीपुर की तरह 10,000 पढ़े-लिखे युवाओं को नौकरी देंगे। प्रशांत किशोर ने कहा कि शिक्षकों की लड़ाई पिछले कई वर्षों से व्यवस्था के साथ चल रही है। चाहे टीआरई परीक्षा का मामला हो, वेतनमान का मुद्दा हो, गैर-शैक्षणिक कार्यों में शिक्षकों को लगाने का मामला हो या वित्त रहित और वित्त पोषित संस्थानों की अव्यवस्था, इन मुद्दों को लेकर लंबे समय से मांग उठती रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षक समुदाय को जन सुराज से अपेक्षा है कि उनकी जायज मांगों और आंदोलनों में पार्टी उनके साथ खड़ी हो। उन्होंने कहा कि शिक्षक समुदाय कई संघों में बंटा हुआ है। कोई नियोजित शिक्षक है, कोई विद्यालय शिक्षक, कोई विशिष्ट शिक्षक तो कोई वित्त रहित शिक्षक है। सभी ने अपने-अपने संगठन बना रखे हैं।

प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने अब सभी आठ सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने 20 सितंबर को पांच नामों की घोषणा की थी और 24 सितंबर को बाकी तीन सीटों के प्रत्याशियों के नाम भी सामने रख दिए।

जानिए जनसुराज ने किन्हें-कहां से दिया टिकट?

निर्वाचन क्षेत्र उम्मीदवार
पटना स्नातक डॉ. अनुज सिंह
तिरहुत स्नातक डॉ. विमोहन कुमार
दरभंगा स्नातक रवींद्र यादव
कोसी स्नातक रजनीश रंजन
पटना शिक्षक डॉ. दिव्या ज्योति
दरभंगा शिक्षक एसपी राय
सारण शिक्षक आफाक अहमद
तिरहुत शिक्षक भूषण झा

जानिए राजद ने कहां से किन्हें दिया टिकट
राजद ने सबसे पहले अपने छह उम्मीदवारों के नाम घोषित किए थे। पार्टी ने पटना की दोनों सीटों के अलावा कोसी, दरभंगा, सारण और तिरहुत में प्रत्याशी उतारे हैं। राजद ने अभी दरभंगा शिक्षक और तिरहुत शिक्षक सीट के लिए अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है।

निर्वाचन क्षेत्र उम्मीदवार
पटना शिक्षक डॉ. संजीव कुमार सिंह
पटना स्नातक दिलीप कुमार
कोसी स्नातक नितेश कुमार
दरभंगा स्नातक अनिल कुमार झा
सारण शिक्षक प्रो. जयराम यादव
तिरहुत स्नातक डॉ. रश्मि विनायक गौतम

जानिए जदयू ने कहां से किन्हें दिया टिकट

जदयू ने 23 सितंबर को चार सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की। पार्टी ने पटना स्नातक से मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार को फिर मैदान में उतारा है। इसके अलावा तिरहुत स्नातक, सारण शिक्षक और दरभंगा शिक्षक सीट पर भी प्रत्याशी घोषित किए गए हैं। हालांकि, मोकामा के विधायक अनंत सिंह लगातार नीरज कुमार का विरोध कर रहे थे। उन्होंने जनसुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह को समर्थन देने की भी बात कही लेकिन इन सबके बावजूद नीरज कुमार पर जदयू ने फिर से भरोसा जताया है। 

निर्वाचन क्षेत्र उम्मीदवार
पटना स्नातक नीरज कुमार
तिरहुत स्नातक अभिषेक झा
सारण शिक्षक आनंद पुष्कर
दरभंगा शिक्षक घनश्याम राय

जानिए 2020 के विधान परिषद चुनाव का हाल
साल 2020 के विधान परिषद चुनाव में इन आठ सीटों पर अलग-अलग दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों का प्रदर्शन रहा था। उस समय जदयू ने पटना स्नातक और तिरहुत स्नातक सीटें जीती थीं। भाजपा ने कोसी स्नातक और पटना शिक्षक सीट पर जीत दर्ज की थी। कांग्रेस ने दरभंगा शिक्षक सीट जीती थी, जबकि CPI ने तिरहुत शिक्षक और सारण शिक्षक सीट पर जीत दर्ज की थी। दरभंगा स्नातक सीट पर निर्दलीय सरवेश कुमार विजयी हुए थे। तिरहुत स्नातक से देवेश चंद्र ठाकुर जीते थे लेकिन जदयू ने उन्होंने लोकसभा चुनाव का टिकट दे दिया। जीतने के बाद यह सीट खाली हो गई। उपचुनाव में बंशीधर ब्रजवासी ने इस सीट पर जदयू के उम्मीदवार अभिषेक झा को हरा दिया। 

 

 

सीट मौजूदा विधान पार्षद दल/स्थिति
पटना स्नातक नीरज कुमार जदयू
तिरहुत स्नातक बंशीधर ब्रजवासी निर्दलीय
कोसी स्नातक एनके यादव भाजपा
दरभंगा स्नातक सरवेश कुमार भाजपा समर्थित निर्दलीय
पटना शिक्षक नवल किशोर यादव भाजपा
दरभंगा शिक्षक डॉ. मदन मोहन झा कांग्रेस
तिरहुत शिक्षक संजय कुमार सिंह सीपीआई
सारण शिक्षक आफाक अहमद निर्दलीय जन सुराज समर्थित


पिछले चुनाव की तुलना में इस चुनाव में क्या अलग है?

पिछले चुनाव के बाद इन आठ सीटों में दो पर उपचुनाव हो चुके हैं। तिरहुत स्नातक सीट पर देवेश चंद्र ठाकुर के सांसद बनने के बाद सीट खाली हुई थी। 2024 के उपचुनाव में निर्दलीय बंशीधर ब्रजवासी विजयी हुए। इसी तरह सारण शिक्षक सीट पर केदारनाथ पांडेय के निधन के बाद उपचुनाव हुआ, जिसमें आफाक अहमद निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीते। बाद में उन्हें जन सुराज का समर्थन मिला। इस लिहाज से 2026 का चुनाव 2020 की तुलना में बदले हुए मौजूदा सदस्यों के साथ हो रहा है।

  1. इस बार जनसुराज ने सभी आठ सीटों पर उम्मीदवार उतार दिए हैं। इससे सभी आठ सीटों पर मुकाबले में एक नया राजनीतिक विकल्प जुड़ा है। पिछले चुनाव में किसी दल ने एक साथ आठों सीट पर उम्मीदवार नहीं उतारे थे।
  2. महागठबंधन के अंदर सीटों को लेकर शुरुआती स्तर पर सामने आया मतभेद है। राजद ने छह सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए, जबकि कांग्रेस ने शुरुआत में अलग तैयारी की बात कही। बाद में कांग्रेस के दरभंगा शिक्षक सीट तक सीमित रहने की खबर सामने आई। इधर, सीपीआई की ओर से भी तिरहुत शिक्षक और सारण शिक्षक सीट पर अपने उम्मीदवार घोषित करने की बात सामने आ रही है।
  3. इस बार सबसे ज्यादा चर्चित सीट पटना स्नातक है। यहां पर दो भूमिहार नेताओं की बीच की लड़ाई से यह सीट हॉट सीट बन गई। दोनों जदयू के हैं। एक विधायक अनंत सिंह और दूसरे एमएलसी नीरज कुमार। यहां जदयू के नीरज कुमार और जन सुराज के डॉ. अनुज सिंह आमने-सामने हैं। डॉ. अनुज सिंह को मोकामा विधायक अनंत सिंह का समर्थन प्राप्त है। पिछले चुनाव में नीरज कुमार ने यहां से जीत हासिल की थी। इस बार जदयू विधायक अनंत सिंह की ओर से जनसुराज के उम्मीदवार को समर्थन देने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है। 
     
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