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मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों का हंगामा, लगाया जाम
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महोबा। एडीएम की गाड़ी से युवक की मौत के मामले में परिजनों ने जिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया, गेट पर जाम लगाया और 30 लाख रुपये मुआवजे की मांग की।
कोतवाल चरखारी के समझाने व आश्वासन के बाद परिजन शांत हो गए।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के महाराजपुर गांव निवासी जीतेंद्र अपनी मौसी कुसुम के साथ बाइक से छतरपुर गया था। मंगलवार को लौटते समय हाईवे में सूपा तिराहे के समीप कमिश्नर के काफिले में शामिल एडीएम की गाड़ी ने बाइक में टक्कर मार दी थी। जिससे जीतेंद्र की मौत हो गई थी जबकि मौसी का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। बुधवार को परिजन पंचनामा व पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल पहुंचे और हंगामा करते हुए अस्पताल के बाहर सड़क पर बैठ गए।
मृतक की पत्नी माया का कहना था कि उसके चार छोटे-छोटे बच्चे हैं। जिनमें दो पुत्र गोलू व देव और दो पुत्रियां मानसी व निक्की है। घटना के बाद पुलिस उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रही है। बच्चों की परवरिश व उनके भविष्य के लिए 30 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। सूचना पर कोतवाल चरखारी उमापति मिश्रा व कोतवाली पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। तब शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
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कोतवाल चरखारी के समझाने व आश्वासन के बाद परिजन शांत हो गए।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के महाराजपुर गांव निवासी जीतेंद्र अपनी मौसी कुसुम के साथ बाइक से छतरपुर गया था। मंगलवार को लौटते समय हाईवे में सूपा तिराहे के समीप कमिश्नर के काफिले में शामिल एडीएम की गाड़ी ने बाइक में टक्कर मार दी थी। जिससे जीतेंद्र की मौत हो गई थी जबकि मौसी का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। बुधवार को परिजन पंचनामा व पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल पहुंचे और हंगामा करते हुए अस्पताल के बाहर सड़क पर बैठ गए।
मृतक की पत्नी माया का कहना था कि उसके चार छोटे-छोटे बच्चे हैं। जिनमें दो पुत्र गोलू व देव और दो पुत्रियां मानसी व निक्की है। घटना के बाद पुलिस उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रही है। बच्चों की परवरिश व उनके भविष्य के लिए 30 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। सूचना पर कोतवाल चरखारी उमापति मिश्रा व कोतवाली पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। तब शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
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