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Mahoba News: दीवार गिरने से मलबे में दबकर पिता-पुत्री समेत तीन घायल
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फोटो 11 एमएएचपी 05 परिचय-कस्बा श्रीनगर में इस मकान के गिरने से घायल हुए परिजन व मलबे में दबा गृ
श्रीनगर (महोबा)। मोहल्ला देवबाग में बृहस्पतिवार की रात मकान की दीवार गिरने से पिता-पुत्र समेत तीन लोग मलबे में दबकर घायल हो गए। उन्हें सीएचसी पहुंचाया गया जहां से डाॅक्टर ने एक की हालत गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया। मलबे में दबने से हजारों की गृहस्थी भी बर्बाद हो गई।
मोहल्ला देवबाग निवासी मुन्ना रैकवार (55) बेटी कौशल्या (30) और नातिन भूमिका (12) के साथ भोजन करने के बाद बरामदे में लेट थे। देर रात नमी के चलते दीवार भरभराकर गिर गई। इससे तीनों लोग मलबे में दब गए। चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी एकत्र हो गए और घायलों को मलबा हटाकर बाहर निकाला। तीनों को सीएचसी पहुंचाया गया जहां से मुन्ना को हालत गंभीर में डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर किया लेकिन हालत में सुधार न होने पर परिजन मेडिकल काॅलेज झांसी ले गए। एसडीएम शिवध्यान पांडेय का कहना है कि घटना की जानकारी मिली है। टीम भेजकर सर्वे कराया जाएगा। घायलों को सहायता राशि दिलाई जाएगी।
बेटी की ससुराल में मां और बेटे ने पड़ोस में ली शरण
कबरई। बारिश से मकान गिरने के बाद पीड़ितों के साथ बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। ब्लॉक कबरई के गहरा गांव में अब तक 20 से अधिक कच्चे मकान धराशायी हो चुके हैं। मकान गिरने और गृहस्थी बर्बाद होने से परिवार खुले आसमान के नीचे जिंदगी गुजारने को मजबूर है।
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बारिश में राधारानी का मकान भी तीन दिन पहले गिर गया। पीड़िता ने बताया कि पति रामदास का एक दशक पहले निधन हो चुका है। बेटा संतराम साथ रहता था। बारिश में मकान गिरने से वह मजबूरी में अपनी बेटी उर्मिला की ससुराल पचपहरा में रहकर गुजारा कर रही है जबकि बेटा पड़ोसियों के यहां शरण लेने को मजबूर है। कुछ यही हाल गांव के जयराम कुशवाहा का है। बारिश में कच्चा मकान व पशुबाड़ा ढह जाने से तीन बकरियों की मौत हो गई। वहीं जयराम खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। लेखपाल रामनरेश अनुरागी ने बताया कि बारिश से गिरे अधिकांश मकानों का सर्वे कर रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। अन्य मकानों का सर्वे अभी जारी है। जल्द ही सहायता राशि दिलाई जाएगी।
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मोहल्ला देवबाग निवासी मुन्ना रैकवार (55) बेटी कौशल्या (30) और नातिन भूमिका (12) के साथ भोजन करने के बाद बरामदे में लेट थे। देर रात नमी के चलते दीवार भरभराकर गिर गई। इससे तीनों लोग मलबे में दब गए। चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी एकत्र हो गए और घायलों को मलबा हटाकर बाहर निकाला। तीनों को सीएचसी पहुंचाया गया जहां से मुन्ना को हालत गंभीर में डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर किया लेकिन हालत में सुधार न होने पर परिजन मेडिकल काॅलेज झांसी ले गए। एसडीएम शिवध्यान पांडेय का कहना है कि घटना की जानकारी मिली है। टीम भेजकर सर्वे कराया जाएगा। घायलों को सहायता राशि दिलाई जाएगी।
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बेटी की ससुराल में मां और बेटे ने पड़ोस में ली शरण
कबरई। बारिश से मकान गिरने के बाद पीड़ितों के साथ बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। ब्लॉक कबरई के गहरा गांव में अब तक 20 से अधिक कच्चे मकान धराशायी हो चुके हैं। मकान गिरने और गृहस्थी बर्बाद होने से परिवार खुले आसमान के नीचे जिंदगी गुजारने को मजबूर है।
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बारिश में राधारानी का मकान भी तीन दिन पहले गिर गया। पीड़िता ने बताया कि पति रामदास का एक दशक पहले निधन हो चुका है। बेटा संतराम साथ रहता था। बारिश में मकान गिरने से वह मजबूरी में अपनी बेटी उर्मिला की ससुराल पचपहरा में रहकर गुजारा कर रही है जबकि बेटा पड़ोसियों के यहां शरण लेने को मजबूर है। कुछ यही हाल गांव के जयराम कुशवाहा का है। बारिश में कच्चा मकान व पशुबाड़ा ढह जाने से तीन बकरियों की मौत हो गई। वहीं जयराम खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। लेखपाल रामनरेश अनुरागी ने बताया कि बारिश से गिरे अधिकांश मकानों का सर्वे कर रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। अन्य मकानों का सर्वे अभी जारी है। जल्द ही सहायता राशि दिलाई जाएगी।

फोटो 11 एमएएचपी 05 परिचय-कस्बा श्रीनगर में इस मकान के गिरने से घायल हुए परिजन व मलबे में दबा गृ