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Mahoba News: गिरवी रखा जेवर वापस न देने के लिए युवक ने रची थी चोरी की झूठी कहानी
Wed, 14 Jan 2026 11:58 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Wed, 14 Jan 2026 11:58 PM IST
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महोबा। थाना खन्ना के कहरा गांव में छह दिन पहले सराफा दुकान से नकदी व जेवर समेत 10 लाख की चोरी होने की सूचना पुलिस को देकर प्राथमिकी दर्ज कराने का मामला फर्जी निकला। प्राथमिकी दर्ज कराने वाले युवक ने क्षेत्र के 70 लोगों का गिरवी रखा जेवर वापस न देने के लिए चोरी की झूठी कहानी रची थी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
कहरा गांव निवासी साहिल सोनी घर पर ही सराफा दुकान किए है। नौ जनवरी को साहिल ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि दुकान में दादी कस्तूरी लेटी थी। चोर दुकान में घुसकर 30 हजार रुपये, 40 ग्राम सोने के आभूषण व साढ़े तीन किलो चांदी के जेवर ले गए हैं। आरोप लगाया था कि चोरी की घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों ने उसकी दादी के हाथ-पैर बांध दिए थे। तहरीर के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह ने घटना के खुलासे के लिए टीमें गठित की थीं। थानाध्यक्ष खन्ना अर्जुन सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने मामले की जांच की। स्वाट टीम और सर्विलांस की मदद से पुलिस खुलासे के करीब पहुंची। पीड़ित साहिल से कड़ाई से पूछताछ करने पर मामला खुला। प्राथमिकी दर्ज कराने वाले साहिल ने बताया कि उसके पिता ने 60 से 70 लोगों के जेवर गिरवी रखे थे। उनका निधन हो चुका है। जेवर वापस न करना पड़े, इसके लिए उसने चोरी की झूठी कहानी रची थी।
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कहरा गांव निवासी साहिल सोनी घर पर ही सराफा दुकान किए है। नौ जनवरी को साहिल ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि दुकान में दादी कस्तूरी लेटी थी। चोर दुकान में घुसकर 30 हजार रुपये, 40 ग्राम सोने के आभूषण व साढ़े तीन किलो चांदी के जेवर ले गए हैं। आरोप लगाया था कि चोरी की घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों ने उसकी दादी के हाथ-पैर बांध दिए थे। तहरीर के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह ने घटना के खुलासे के लिए टीमें गठित की थीं। थानाध्यक्ष खन्ना अर्जुन सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने मामले की जांच की। स्वाट टीम और सर्विलांस की मदद से पुलिस खुलासे के करीब पहुंची। पीड़ित साहिल से कड़ाई से पूछताछ करने पर मामला खुला। प्राथमिकी दर्ज कराने वाले साहिल ने बताया कि उसके पिता ने 60 से 70 लोगों के जेवर गिरवी रखे थे। उनका निधन हो चुका है। जेवर वापस न करना पड़े, इसके लिए उसने चोरी की झूठी कहानी रची थी।
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