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जिले के तीन हजार स्टूडेंट नहीं ले सकेंगे छात्रवृत्ति
अमर उजाला ब्यूरो महोबा
Updated Tue, 04 Aug 2015 10:39 PM IST
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शिक्षण सत्र बदल जाने से इस साल कक्षा 9 से 12 तक के करीब 3000 छात्र छात्राओं को छात्रवृत्ति नहीं मिल सकेगी। कारण आन लाइन आवेदन की तिथि खत्म हो गई है। जिससे अब छात्र-छात्राओं को तिथि बढ़ने का इंतजार है।
इस साल शिक्षण सत्र की शुरुआत जुलाई से न होकर 1 अप्रैल से कर दी गई थी। जबकि हर साल शिक्षण सत्र जुलाई में शुरू होने के कारण सितंबर तक छात्रवृत्ति के ऑनलाइन फार्म भरे जाते थे। पहली दफा शिक्षण सत्र बदल जाने से स्टूडेंट समय से छात्रवृत्ति फार्म नहीं भर सके। शासन ने पहले छात्र छात्राओं को छात्रवृत्ति के लिए आवेदन की अंतिम तिथि पंद्रह मई तय की थी, इसके बाद 30 जून तक बढ़ा दी गई। बावजूद इसके ऑनलाइन फार्मों की संख्या काफी कम होने पर शासन ने अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 जुलाई कर दी।
समाज कल्याण विभाग ने 31 जुलाई तक कक्षा 9 व 10 के सामान्य के 501 और अनुसूचित जाति जनजति के 2324 कुल 2825 विद्यार्थियों ने आवेदन किया, जबकि पिछले साल कक्षा 9 व10 में अनुसूचित जाति के 3400 और सामान्य के 703 कुल 3503 छात्र-छात्राओं ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था। इसी तरह कक्षा 11 व 12 में इस साल अनुसूचित जाति जन जाति के 1688 और सामान्य के 922 कुल 2610 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है, जबकि पिछले साल 11 व 12 में अनुसूचित जाति के 2425 और सामान्य के 1633 कुल 4058 छात्र छात्राओं ने छात्रवृत्ति आवेदन किया था। जिसके सापेक्ष इस साल करीब 3000 स्टूडेंटों ने पिछले साल की तुलना में ऑनलाइन आवेदन नहीं भरे।
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डेढ़ माह बाद भी नहीं मिले आय, जाति प्रमाण पत्र
शिक्षण सत्र अप्रैल से शुरू होने से छात्र-छात्राओें ने छात्रवृत्ति फार्म भरने के लिए आय, जाति निवास बनवाने का काम मई जून से ही शुरू कर दिया था, लेकिन एकल खिड़की संचालकों की मनमर्जी के चलते तमाम लोगों के आय जाति निवास समय से न बन पाने के कारण हजारों छात्र छात्राएं छात्रवृत्ति से वंचित रह गए। अब छात्र छात्राएं तिथि बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं।
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इस साल शिक्षण सत्र की शुरुआत जुलाई से न होकर 1 अप्रैल से कर दी गई थी। जबकि हर साल शिक्षण सत्र जुलाई में शुरू होने के कारण सितंबर तक छात्रवृत्ति के ऑनलाइन फार्म भरे जाते थे। पहली दफा शिक्षण सत्र बदल जाने से स्टूडेंट समय से छात्रवृत्ति फार्म नहीं भर सके। शासन ने पहले छात्र छात्राओं को छात्रवृत्ति के लिए आवेदन की अंतिम तिथि पंद्रह मई तय की थी, इसके बाद 30 जून तक बढ़ा दी गई। बावजूद इसके ऑनलाइन फार्मों की संख्या काफी कम होने पर शासन ने अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 जुलाई कर दी।
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समाज कल्याण विभाग ने 31 जुलाई तक कक्षा 9 व 10 के सामान्य के 501 और अनुसूचित जाति जनजति के 2324 कुल 2825 विद्यार्थियों ने आवेदन किया, जबकि पिछले साल कक्षा 9 व10 में अनुसूचित जाति के 3400 और सामान्य के 703 कुल 3503 छात्र-छात्राओं ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था। इसी तरह कक्षा 11 व 12 में इस साल अनुसूचित जाति जन जाति के 1688 और सामान्य के 922 कुल 2610 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है, जबकि पिछले साल 11 व 12 में अनुसूचित जाति के 2425 और सामान्य के 1633 कुल 4058 छात्र छात्राओं ने छात्रवृत्ति आवेदन किया था। जिसके सापेक्ष इस साल करीब 3000 स्टूडेंटों ने पिछले साल की तुलना में ऑनलाइन आवेदन नहीं भरे।
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डेढ़ माह बाद भी नहीं मिले आय, जाति प्रमाण पत्र
शिक्षण सत्र अप्रैल से शुरू होने से छात्र-छात्राओें ने छात्रवृत्ति फार्म भरने के लिए आय, जाति निवास बनवाने का काम मई जून से ही शुरू कर दिया था, लेकिन एकल खिड़की संचालकों की मनमर्जी के चलते तमाम लोगों के आय जाति निवास समय से न बन पाने के कारण हजारों छात्र छात्राएं छात्रवृत्ति से वंचित रह गए। अब छात्र छात्राएं तिथि बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं।