{"_id":"696d2b1c477de6454f0f24f7","slug":"the-crop-insurance-scam-is-linked-to-lucknow-and-gujarat-mahoba-news-c-225-1-sknp1044-121644-2026-01-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahoba News: फसल बीमा घोटाले के लखनऊ व गुजरात से जुड़ रहे तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahoba News: फसल बीमा घोटाले के लखनऊ व गुजरात से जुड़ रहे तार
Mon, 19 Jan 2026 12:19 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Mon, 19 Jan 2026 12:19 AM IST
विज्ञापन
फोटो 18 एमएएचपी 07 परिचय-17 जनवरी के अंक में प्रकाशित खबर। संवाद
महोबा। जिले में हुए फर्जी फसल बीमा घोटाले के तार अब प्रदेश की राजधानी लखनऊ और गुजरात से भी जुड़ रहे हैं। जिले के कई गांवों की जमीनों में फर्जी तरीके से कराए गए फसल बीमा के क्लेम की धनराशि मनमाने ढंग से लखनऊ व गुजरात के जूनागढ़ भेजी गईं। किसान नेताओं ने मामले में बड़े स्तर का घोटाला होने का दावा करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के खरीफ-2024 के करीब 40 करोड़ रुपये के घोटाले के बाद अब रबी-2024 में भी बड़ा घोटाला सामने आया है। जय जवान जय किसान एसोसिएशन के अध्यक्ष गुलाब सिंह राजपूत के अनुसार बरायं निवासी अजीत प्रसाद की 37 बीघा जमीन पर किसी घोटालेबाज ने फर्जी तरीके से फसल बीमा कराया गया। किसान अजीत को इसकी भनक नहीं लगी। चना फसल की बोआई दिखाकर इसमें क्लेम हड़पा गया। क्लेम का भुगतान भारतीय स्टेट बैंक की एलडीए कॉलोनी लखनऊ में खुले बैंक खाते में किया गया।
इसी खाते में बरायं मौजा स्थित गाटा संख्या 1,272, 371, 223, 1,319 की छह हेक्टेयर से अधिक जमीन पर अलग-अलग पॉलिसी लेकर क्लेम का भुगतान लिया गया। इसी तरह से गुढ़ा गांव निवासी अली फरहान की 79 बीघा जमीन पर फर्जी तरीके से बीमा कराया गया और इसका क्लेम जूनागढ़-गुजरात में इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक खाते में लिया गया। इसी खाते में गुढ़ा के लुहुपुरी मौजा की गाटा संख्या 104 की 2.24 हेक्टेयर जमीन पर भी पॉलिसी लेकर क्लेम लिया गया। एक अन्य नाम से इसी गाटा संख्या की 4.48 हेक्टेयर जमीन पर फर्जी फसल बीमा कराके क्लेम जूनागढ़-गुजरात के खाते में लिया गया। किसान नेता गुलाब सिंह कहते हैं कि बाहरी लोगों ने गिरोहबंदी करके जिले के किसानों के साथ ठगी की है। इसमें सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
विज्ञापन
व्यक्तिगत दावे और पोस्ट हार्वेस्ट में क्लेम भुगतान के नाम पर हुआ खेल
महोबा। किसान नेता गुलाब सिंह बताते हैं कि जिले की चरखारी तहसील के गुढ़ा गांव में रबी सीजन में 49 लाख रुपये का भुगतान किया गया। इसमें से 14 लाख रुपये का भुगतान व्यक्तिगत दावा के आधार पर और 35 लाख रुपये का क्लेम भुगतान पोस्ट हार्वेस्ट के रूप में किया गया। इसी तरह से बरायं गांव में 14 लाख रुपये व्यक्तिगत दावा में और एक लाख रुपये पोस्ट हार्वेस्ट क्लेम के रूप में दिया गया।
कुआं गांव में व्यक्तिगत दावा में 21 लाख रुपये और पोस्ट हार्वेस्ट में तीन लाख रुपये का भुगतान हुआ। गुढ़ा के लुहुपुरी में व्यक्तिगत दावे में नौ लाख रुपये और पोस्ट हार्वेस्ट में दो लाख रुपये का भुगतान किया गया। इन चारों गांवों में क्रॉप कटिंग के आधार पर कोई धनराशि नहीं दी गई। व्यक्तिगत दावा में क्लेम का भुगतान तब होता है, जब कोई विशेष किसान अपनी फसल में हुए नुकसान का दावा कर बीमा कंपनी को सूचित करता है तो बीमा कंपनी के एजेंट सर्वे कर क्लेम स्वीकृत करके भुगतान कराते हैं।
इसी तरह से यदि फसल कटाई के बाद भी प्राकृतिक आपदा से फसल में नुकसान हो जाता है तो संबंधित किसान की सूचना पर बीमा कंपनी सर्वे करते हुए क्लेम का भुगतान कराती है। क्लेम भुगतान के इन दोनों तरीकों में बीमा कंपनी व बीमा कराने वाले लोगों की सांठगांठ के आधार पर अधिक धनराशि का भुगतान होने के तथ्य सामने आ रहे हैं। वहीं यदि क्रॉप कटिंग के आधार पर क्लेम का भुगतान होता है तो बीमा कराने वाले सभी किसानाें को लाभ मिलता है। सांठगांठ के चलते क्रॉप कटिंग में कोई भुगतान नहीं दिया गया।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के खरीफ-2024 के करीब 40 करोड़ रुपये के घोटाले के बाद अब रबी-2024 में भी बड़ा घोटाला सामने आया है। जय जवान जय किसान एसोसिएशन के अध्यक्ष गुलाब सिंह राजपूत के अनुसार बरायं निवासी अजीत प्रसाद की 37 बीघा जमीन पर किसी घोटालेबाज ने फर्जी तरीके से फसल बीमा कराया गया। किसान अजीत को इसकी भनक नहीं लगी। चना फसल की बोआई दिखाकर इसमें क्लेम हड़पा गया। क्लेम का भुगतान भारतीय स्टेट बैंक की एलडीए कॉलोनी लखनऊ में खुले बैंक खाते में किया गया।
विज्ञापन
इसी खाते में बरायं मौजा स्थित गाटा संख्या 1,272, 371, 223, 1,319 की छह हेक्टेयर से अधिक जमीन पर अलग-अलग पॉलिसी लेकर क्लेम का भुगतान लिया गया। इसी तरह से गुढ़ा गांव निवासी अली फरहान की 79 बीघा जमीन पर फर्जी तरीके से बीमा कराया गया और इसका क्लेम जूनागढ़-गुजरात में इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक खाते में लिया गया। इसी खाते में गुढ़ा के लुहुपुरी मौजा की गाटा संख्या 104 की 2.24 हेक्टेयर जमीन पर भी पॉलिसी लेकर क्लेम लिया गया। एक अन्य नाम से इसी गाटा संख्या की 4.48 हेक्टेयर जमीन पर फर्जी फसल बीमा कराके क्लेम जूनागढ़-गुजरात के खाते में लिया गया। किसान नेता गुलाब सिंह कहते हैं कि बाहरी लोगों ने गिरोहबंदी करके जिले के किसानों के साथ ठगी की है। इसमें सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
विज्ञापन
व्यक्तिगत दावे और पोस्ट हार्वेस्ट में क्लेम भुगतान के नाम पर हुआ खेल
महोबा। किसान नेता गुलाब सिंह बताते हैं कि जिले की चरखारी तहसील के गुढ़ा गांव में रबी सीजन में 49 लाख रुपये का भुगतान किया गया। इसमें से 14 लाख रुपये का भुगतान व्यक्तिगत दावा के आधार पर और 35 लाख रुपये का क्लेम भुगतान पोस्ट हार्वेस्ट के रूप में किया गया। इसी तरह से बरायं गांव में 14 लाख रुपये व्यक्तिगत दावा में और एक लाख रुपये पोस्ट हार्वेस्ट क्लेम के रूप में दिया गया।
कुआं गांव में व्यक्तिगत दावा में 21 लाख रुपये और पोस्ट हार्वेस्ट में तीन लाख रुपये का भुगतान हुआ। गुढ़ा के लुहुपुरी में व्यक्तिगत दावे में नौ लाख रुपये और पोस्ट हार्वेस्ट में दो लाख रुपये का भुगतान किया गया। इन चारों गांवों में क्रॉप कटिंग के आधार पर कोई धनराशि नहीं दी गई। व्यक्तिगत दावा में क्लेम का भुगतान तब होता है, जब कोई विशेष किसान अपनी फसल में हुए नुकसान का दावा कर बीमा कंपनी को सूचित करता है तो बीमा कंपनी के एजेंट सर्वे कर क्लेम स्वीकृत करके भुगतान कराते हैं।
इसी तरह से यदि फसल कटाई के बाद भी प्राकृतिक आपदा से फसल में नुकसान हो जाता है तो संबंधित किसान की सूचना पर बीमा कंपनी सर्वे करते हुए क्लेम का भुगतान कराती है। क्लेम भुगतान के इन दोनों तरीकों में बीमा कंपनी व बीमा कराने वाले लोगों की सांठगांठ के आधार पर अधिक धनराशि का भुगतान होने के तथ्य सामने आ रहे हैं। वहीं यदि क्रॉप कटिंग के आधार पर क्लेम का भुगतान होता है तो बीमा कराने वाले सभी किसानाें को लाभ मिलता है। सांठगांठ के चलते क्रॉप कटिंग में कोई भुगतान नहीं दिया गया।