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Mahoba News: सईंया मिले लरकईंया मैं का करूं... गीत पर झूमे दर्शक
Sun, 15 Feb 2026 12:19 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sun, 15 Feb 2026 12:19 AM IST
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फोटो 14 एमएएचपी 10 परिचय-कार्यक्रम में राई नृत्य की प्रस्तुति देतीं राधा प्रजापति एंड पार्टी। स
महोबा। सूर्य महोत्सव की तीसरी शाम बुंदेली लोक गीत और राई नृत्य के नाम रही। राधा प्रजापति एंड पार्टी ने सईंया मिले लरकईंया मैं का करूं गीत पर जैसे ही पारंपरिक लोक नृत्य राई की प्रस्तुति दी तो दर्शक झूमने पर मजबूर हो गए। कार्यक्रम देखने के लिए देर रात तक लोगों की भीड़ जुटी रही। दिन के समय सूर्य महोत्सव में आयोजित कार्यक्रमों में बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए प्रतिभाग किया।
तीसरी शाम शुक्रवार को कार्यक्रमों की शुरुआत आल्हा गायन के साथ हुई। आल्हा गायक अनुज सिंह व परशुराम ने आल्हा-ऊदल की विभिन्न लड़ाइयों का वर्णन सुनाकर बुंदेलों में जोश भरा। इसके बाद श्याम जादूगर ने लोगों के सामने ऐसे करतब दिखाए कि लोग दांतों तले उंगलियां दबाने को मजबूर हो गए। जड़वा दओ नगीना घंघरिया में, काय मचली हो गोरी डगरिया में लोकगीत की प्रस्तुति जब हरबिंद्र कुमार नीरज और साथियों ने दी तो दर्शक थिरकने को मजबूर हो गए। लोक गायक कृष्णमोहन नायक ने लोकगीतों के माध्यम से बुंदेलखंड की विभिन्न विधाओं पर शानदार प्रस्तुतियां दीं। इसके बाद राधा प्रजापति का राई नृत्य हुआ। बुंदेली गीतों पर पारंपरिक राई नृत्य को देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। अंतिम प्रस्तुति के रूप में सपना बुंदेली ग्रुप ने दीवान हरदौल नाटक का मंचन किया।
शहर के युवा कलाकार संदीप चंदेल और सपना की टीम ने लोक देवता हरदौल के बचपन, भाभी मां के जहर खिलाने और भांजे के विवाह में भात पहुंचाने के प्रसंगों का जीवंत मंचन करके सभी का दिल जीत लिया। मंच का संचालन शिक्षिका अपर्णा नायक ने किया। जिलाधिकारी गजल भारद्वाज, सीडीओ बलराम कुमार व पर्यटन अधिकारी डॉ. चित्रगुप्त श्रीवास्तव ने कलाकारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
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तीसरी शाम शुक्रवार को कार्यक्रमों की शुरुआत आल्हा गायन के साथ हुई। आल्हा गायक अनुज सिंह व परशुराम ने आल्हा-ऊदल की विभिन्न लड़ाइयों का वर्णन सुनाकर बुंदेलों में जोश भरा। इसके बाद श्याम जादूगर ने लोगों के सामने ऐसे करतब दिखाए कि लोग दांतों तले उंगलियां दबाने को मजबूर हो गए। जड़वा दओ नगीना घंघरिया में, काय मचली हो गोरी डगरिया में लोकगीत की प्रस्तुति जब हरबिंद्र कुमार नीरज और साथियों ने दी तो दर्शक थिरकने को मजबूर हो गए। लोक गायक कृष्णमोहन नायक ने लोकगीतों के माध्यम से बुंदेलखंड की विभिन्न विधाओं पर शानदार प्रस्तुतियां दीं। इसके बाद राधा प्रजापति का राई नृत्य हुआ। बुंदेली गीतों पर पारंपरिक राई नृत्य को देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। अंतिम प्रस्तुति के रूप में सपना बुंदेली ग्रुप ने दीवान हरदौल नाटक का मंचन किया।
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शहर के युवा कलाकार संदीप चंदेल और सपना की टीम ने लोक देवता हरदौल के बचपन, भाभी मां के जहर खिलाने और भांजे के विवाह में भात पहुंचाने के प्रसंगों का जीवंत मंचन करके सभी का दिल जीत लिया। मंच का संचालन शिक्षिका अपर्णा नायक ने किया। जिलाधिकारी गजल भारद्वाज, सीडीओ बलराम कुमार व पर्यटन अधिकारी डॉ. चित्रगुप्त श्रीवास्तव ने कलाकारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

फोटो 14 एमएएचपी 10 परिचय-कार्यक्रम में राई नृत्य की प्रस्तुति देतीं राधा प्रजापति एंड पार्टी। स

फोटो 14 एमएएचपी 10 परिचय-कार्यक्रम में राई नृत्य की प्रस्तुति देतीं राधा प्रजापति एंड पार्टी। स

फोटो 14 एमएएचपी 10 परिचय-कार्यक्रम में राई नृत्य की प्रस्तुति देतीं राधा प्रजापति एंड पार्टी। स

फोटो 14 एमएएचपी 10 परिचय-कार्यक्रम में राई नृत्य की प्रस्तुति देतीं राधा प्रजापति एंड पार्टी। स

फोटो 14 एमएएचपी 10 परिचय-कार्यक्रम में राई नृत्य की प्रस्तुति देतीं राधा प्रजापति एंड पार्टी। स
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