{"_id":"5e29e86b8ebc3e4b58684c18","slug":"ten-years-imprisonment-for-husband-in-dowry-murder-mahoba-news-knp5402900154","type":"story","status":"publish","title_hn":"दहेज हत्या में पति को दस वर्ष का कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दहेज हत्या में पति को दस वर्ष का कारावास
विज्ञापन
महोबा। दहेज की मांग को लेकर डेढ़ वर्ष पहले पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के मामले में अदालत ने अभियुक्त को दोषी मानते हुए दस साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही सात हजार रुपये का जुर्माना ठोंका है। जुर्माना अदा न करने पर चार माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है।
बांदा के ग्राम पैलानी निवासी राम सिंह ने अपनी पुत्री आरती की शादी 12 जून 2011 को थाना खरेला के ग्राम बरदा निवासी सुदीप सिंह पुत्र रणधीर सिंह के साथ की थी। शादी के समय मांग के अनुसार भरपूर दान-दहेज दिया गया, लेकिन ससुरालीजन बाइक व पचास हजार रुपये की नगदी की मांग को लेकर आरती को मारपीट कर प्रताड़ित करने लगे। दो जून 2018 को दहेज की मांग पूरी न होने पर आरती की गला दबाकर हत्या कर दी गई। घटना के दूसरे दिन मृतका के पिता राम सिंह ने थाना खरेला में पति सुदीप सिंह, सास सावित्री व ममिया ससुर रविंद्र के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) संतोष कुमार यादव की अदालत में चल रहे इस मुकदमे में गुरुवार को फैसला सुनाया गया। न्यायाधीश ने साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर दोष सिद्ध होने पर पति सुदीप सिंह को दस साल की सजा व सात हजार रुपये जुर्माना अदा करने का फैसला सुनाया, जबकि सास व ममिया ससुर को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। सरकार पक्ष से मुकदमे की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता केशव सिंह राजपूत व शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने की।
विज्ञापन
बांदा के ग्राम पैलानी निवासी राम सिंह ने अपनी पुत्री आरती की शादी 12 जून 2011 को थाना खरेला के ग्राम बरदा निवासी सुदीप सिंह पुत्र रणधीर सिंह के साथ की थी। शादी के समय मांग के अनुसार भरपूर दान-दहेज दिया गया, लेकिन ससुरालीजन बाइक व पचास हजार रुपये की नगदी की मांग को लेकर आरती को मारपीट कर प्रताड़ित करने लगे। दो जून 2018 को दहेज की मांग पूरी न होने पर आरती की गला दबाकर हत्या कर दी गई। घटना के दूसरे दिन मृतका के पिता राम सिंह ने थाना खरेला में पति सुदीप सिंह, सास सावित्री व ममिया ससुर रविंद्र के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) संतोष कुमार यादव की अदालत में चल रहे इस मुकदमे में गुरुवार को फैसला सुनाया गया। न्यायाधीश ने साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर दोष सिद्ध होने पर पति सुदीप सिंह को दस साल की सजा व सात हजार रुपये जुर्माना अदा करने का फैसला सुनाया, जबकि सास व ममिया ससुर को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। सरकार पक्ष से मुकदमे की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता केशव सिंह राजपूत व शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने की।
विज्ञापन