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परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राएं भी कर सकेंगे ऑनलाइन पढ़ाई
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कबरई (महोबा)। अब जिले में परिषदीय विद्यालयों में भी ऑनलाइन कक्षा चलाने की पहल शुरू हो गई है। विकासखंड कबरई के प्राथमिक विद्यालय सिचौरा में डिजिटल माध्यम से शिक्षा की शुरूआत हुई है।
विकासखंड कबरई के प्राथमिक विद्यालय सिचौरा के सहायक अध्यापक अशोक कुमार शुक्ला ने इस अभियान को शुरू किया है। ताकि लॉकडाउन के दौरान बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो। उन्होंने बताया कि बच्चों व अभिभावकों के साथ एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है। बच्चों को व्हाट्सएप के जरिए व वीडियो कालिंग से पढ़ाने की योजना बनाई है। व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से उन्होंने बच्चों को नए कक्षा की पुस्तकों की पीडीएफ ग्रुप में भेजकर डाउनलोड करने व दीक्षा एप को डाउनलोड करने के लिए भी कहा है। ग्रामीण अंचल होने की वजह से अभिभावकों को समझाने में काफी शुरुआती परेशानी आई।
अब बच्चे दीक्षा एप की सहायता से सभी विषयों को आसानी से वीडियो के माध्यम से अपने मोबाइल में भी पढ़ रहे हैं। साथ ही वह प्रतिदिन बच्चों को सभी विषयों के कुछ प्रश्नों को करने के लिए विद्यालय व्हाट्सएप ग्रुप में देते हैं। बच्चे अपनी कॉपी पर प्रश्नों को हल करके उसकी फोटो खींचकर पुन: विद्यालय व्हाट्सएप ग्रुप में डाल देते हैं। जिससे उनकी कॉपी चेक कर दी जाती है। उनको वीडियो कालिंग के माध्यम से किसी भी समस्या का समाधान भी दिया जाता है। बच्चे व अभिभावक इस पहल से खासे उत्साहित हैं। इस नई पहल की गांव के कवि नितिन खरे, जगभान सेंगर, सचिन, अरविंद, कृष्ण कुमार आदि लोगों ने सराहना की।
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विकासखंड कबरई के प्राथमिक विद्यालय सिचौरा के सहायक अध्यापक अशोक कुमार शुक्ला ने इस अभियान को शुरू किया है। ताकि लॉकडाउन के दौरान बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो। उन्होंने बताया कि बच्चों व अभिभावकों के साथ एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है। बच्चों को व्हाट्सएप के जरिए व वीडियो कालिंग से पढ़ाने की योजना बनाई है। व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से उन्होंने बच्चों को नए कक्षा की पुस्तकों की पीडीएफ ग्रुप में भेजकर डाउनलोड करने व दीक्षा एप को डाउनलोड करने के लिए भी कहा है। ग्रामीण अंचल होने की वजह से अभिभावकों को समझाने में काफी शुरुआती परेशानी आई।
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अब बच्चे दीक्षा एप की सहायता से सभी विषयों को आसानी से वीडियो के माध्यम से अपने मोबाइल में भी पढ़ रहे हैं। साथ ही वह प्रतिदिन बच्चों को सभी विषयों के कुछ प्रश्नों को करने के लिए विद्यालय व्हाट्सएप ग्रुप में देते हैं। बच्चे अपनी कॉपी पर प्रश्नों को हल करके उसकी फोटो खींचकर पुन: विद्यालय व्हाट्सएप ग्रुप में डाल देते हैं। जिससे उनकी कॉपी चेक कर दी जाती है। उनको वीडियो कालिंग के माध्यम से किसी भी समस्या का समाधान भी दिया जाता है। बच्चे व अभिभावक इस पहल से खासे उत्साहित हैं। इस नई पहल की गांव के कवि नितिन खरे, जगभान सेंगर, सचिन, अरविंद, कृष्ण कुमार आदि लोगों ने सराहना की।
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