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राम जन्मभूमि आंदोलन में छह कारसेवकों ने खाई थी जेल की हवा
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श्रीनगर (महोबा)। श्रीराम जन्मभूमि को लेकर तत्कालीन यूपी सरकार के खिलाफ चलाए गए आंदोलन में श्रीनगर कस्बे के आधा दर्जन कारसेवकों ने जेल की हवा खाई थी। आंदोलनकारियों को जेल में दी गई यातनाओं को वह अभी तक भुला नहीं पाए हैं, लेकिन राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन की तैयारियां शुरू होने से कारसेवकों में खुशी का ठिकाना नहीं है। उनका कहना है कि देर से ही सही लेकिन उनका सपना अब साकार हुआ है। उन्हें गर्व है कि वह रामजन्म भूमि आंदोलन के हिस्सा थे।
वर्ष 1990 में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल व भाजपा द्वारा राम जन्मभूमि आंदोलन चलाया गया था। उस समय प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। प्रदेश के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने कारसेवकों पर लाठियां चलवाईं थी। आंदोलन में श्रीनगर कस्बे के जयप्रकाश दीक्षित के नेतृत्व में मोहल्ला मनोहर गंज निवासी राजेंद्र सोनी, भरतलाल सोनी, शिवकुमार राजपूत, सुरेश तिवारी व हरिराम यादव अयोध्या के लिए रवाना हो रहे थे।
कारसेवक जय श्री राम का नारा लगाते हुए बस स्टैंड पहुंचे ही थे, कि तभी पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद उन्हें दो दिन तक महोबा की जेल में रखा गया था। इसके बाद अधिकारियों के निर्देश पर 28 दिन बांदा की जेल में रखा गया। फिर हमीरपुर की जिला अदालत से कारसेवकों को जमानत पर रिहा किया गया। 30 वर्ष बाद मंदिर निर्माण की शुभ घड़ी आने पर कारसेवकों में खुशी की लहर है।
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वर्ष 1990 में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल व भाजपा द्वारा राम जन्मभूमि आंदोलन चलाया गया था। उस समय प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। प्रदेश के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने कारसेवकों पर लाठियां चलवाईं थी। आंदोलन में श्रीनगर कस्बे के जयप्रकाश दीक्षित के नेतृत्व में मोहल्ला मनोहर गंज निवासी राजेंद्र सोनी, भरतलाल सोनी, शिवकुमार राजपूत, सुरेश तिवारी व हरिराम यादव अयोध्या के लिए रवाना हो रहे थे।
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कारसेवक जय श्री राम का नारा लगाते हुए बस स्टैंड पहुंचे ही थे, कि तभी पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद उन्हें दो दिन तक महोबा की जेल में रखा गया था। इसके बाद अधिकारियों के निर्देश पर 28 दिन बांदा की जेल में रखा गया। फिर हमीरपुर की जिला अदालत से कारसेवकों को जमानत पर रिहा किया गया। 30 वर्ष बाद मंदिर निर्माण की शुभ घड़ी आने पर कारसेवकों में खुशी की लहर है।
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