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Mahoba News: नोटिस के सवाल पर चुप्पी, सियासी गलियारे में असमंजस की स्थिति

Tue, 10 Feb 2026 01:04 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 10 Feb 2026 01:04 AM IST
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Silence on the issue of notice, confusion in political circles
-क्षेत्रीय अध्यक्ष व जिलाध्यक्ष को भी नोटिस के विषय में जानकारी नहीं
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-दो दिन पहले विधायक के पिता और पूर्व सांसद गंगाचरण भी नोटिस की जानकारी न होने की कह चुके हैं बात
फोटो 09 एमएएचपी 11 परिचय-विधानसभा में आयोजित बजट सत्र के पहले दिन शामिल होने जाते चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत की ओर से किया गया पोस्ट। स्रोत: फेसबुक
फोटो 09 एमएएचपी 12 परिचय-10 फरवरी से सरकारी आवास पर लोगों से मुलाकात के लिए विधायक की ओर से फेसबुक पर की गई पोस्ट। स्रोत: फेसबुक
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। प्रदेश सरकार में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह व चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत के बीच हुए विवाद का अब पटाक्षेप होता दिखाई दे रहा है। विधायक को कथित तौर पर जारी किया गया नोटिस अब तक सामने नहीं आया है। वहीं, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष भी इस नोटिस के बारे में कोई जानकारी न होने की बात कह रहे हैं। ऐसे में नोटिस को लेकर असमंजस की स्थिति बन रही है।
जलजीवन मिशन के तहत जलार्पण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए 30 जनवरी को जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह महोबा आए थे। इस दौरान सड़क पर चरखारी से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत ने समर्थकों के साथ मंत्री का काफिला रोक लिया था। इस विवाद के बाद वायरल हुए वीडियो में वह जरूरत पड़ने पर मंत्री के साथ मुख्यमंत्री को भी रोक लेने की बात कहते हुए नजर आए थे।
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विवाद के बाद मिर्जापुर में आयोजित एक कार्यक्रम में मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने पत्रकारों से ऑफ कैमरा बात करते हुए विधायक बृजभूषण राजपूत का नाम लिए बिना ही नोटिस जारी किए जाने की बात कही थी। इसके बाद से विधायक को नोटिस दिए जाने की चर्चाएं तेज हो गईं लेकिन तीन दिन से ज्यादा का समय गुजर जाने के बाद नोटिस सामने नहीं आया है, न ही संगठन के पदाधिकारी नोटिस के बारे में कुछ भी बोलने को तैयार हैं।
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भाजपा की जिला से लेकर प्रदेश कार्यकारिणी तक के प्रमुख पदाधिकारी नोटिस पर या तो अनभिज्ञता जता रहे हैं या फिर चुप्पी साध रहे हैं। विधायक के पिता और पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने भी दो दिन पहले दिए बयान में नोटिस के बारे में अनभिज्ञता जाहिर की थी। इसके चलते लोगों के बीच नोटिस को लेकर असमंजस की स्थिति बन रही है।

जिलाध्यक्ष बोले, उन्हें नोटिस की जानकारी नहीं
नोटिस मिलने संबंधी सवाल पर भाजपा के जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा खुलकर बोलने से बचते नजर आए। उन्होंने कहा कि नोटिस आया है या नहीं, यह उन्हें पता नहीं है। सरकार के मंत्री हैं और सरकार के विधायक। नोटिस मिला होगा तो प्रदेश संगठन से मिला होगा और विधायक को ही पता होगा। उन्हें कोई जानकारी नहीं है। हो सकता है कि नोटिस आया ही न हो।

नोटिस के बारे में प्रदेश संगठन ही बता सकता
भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल का कहना है नोटिस मिला है या नहीं। यह तो प्रदेश संगठन ही बता सकता है। यदि नोटिस मिला होगा तो सीधे विधायक को पहुंचा होगा। नोटिस संबंधी कोई जानकारी उन्हें नहीं है। प्रकाश पाल भी इस मामले में बोलने से बच रहे हैं।

इंसेट
विधायक ने पोस्ट की तस्वीरें, अब लखनऊ निवास पर जनता से मिलेंगे
शहर की सड़कों से शुरू हुए विवाद का शोर सोशल मीडिया पर खूब रहा। विधायक के पिता और पूर्व सांसद गंंगाचरण राजपूत ने विधायक के घर छोड़कर चले जाने का दावा किया तो उनके अज्ञातवास पर होने की चर्चाएं तेज हो गईं हैं। वहीं पूर्व सांसद गंगाचरण ने रविवार को फेसबुक पर पोस्ट कर लोधेश्वर महादेव की साधना शुरू करने और फोन न करने की बात कही थी। सोमवार को विधायक ने एक के बाद एक कई पोस्ट फेसबुक पर शेयर कीं। उन्होंने पहली पोस्ट में लिखा कि वे आज 11 बजे से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में हिस्सा लेंगे। दूसरी पोस्ट में विधानसभा के अंदर जाते हुए और तीसरी पोस्ट में विस के भीतर बैठे हुए तस्वीर शेयर की। उन्होंने एक पोस्ट शेयर करते हुए 10 से 14 फरवरी तक अपने लखनऊ स्थित सरकारी आवास में सुबह 10 बजे से भेंट के लिए उपस्थित रहने की जानकारी दी।
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