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आज का शब्द: अभीत और उर्मिलेश की कविता- हम मन के विपरीत लिखें

आज का शब्द
                
                                                         
                            'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- अभीत, जिसका अर्थ है- निडर, निर्भय। प्रस्तुत है उर्मिलेश की कविता- हम मन के विपरीत लिखें 
                                                                 
                            

कड़वे घूँट पियें फिर कैसे
मीठे गीत लिखें
तुम्हीं बता दो
कैसे हम मन के विपरीत लिखें।

खादी से दिन जीकर
कैसे लिखें रेशमी रातें,
लोहे के निब से न लिखीं जातीं
सोने-सी बातें;

शंकित वर्तमान है
कैसे इसे अभीत लिखें?

जिस धारावाहिक जीवन की
साँस-साँस सैंसर हो,
इच्छाओं के प्रोड्यूसर पर
हावी डायरेक्टर हो;

जो अभिनेय न हो उसको
कैसे अभिनीत लिखें।
आज शिल्प मालिक बन बैठा
ऊँचे सर्जन-महल में,
और कथ्य बैरागिरी करता
उसके होटल में;

ऐसे में रचना कैसे हम
आशातीत लिखें। 

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6 घंटे पहले

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